14/10/2025
हरियाणा IPS अधिकारी की कथित आत्महत्या: राजनीतिक सरगर्मियां और न्याय की मांग
हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार की कथित आत्महत्या का मामला आज भी देश की राजनीतिक और सामाजिक सुर्खियों में बना हुआ है। इस दुखद घटना ने न केवल पुलिस महकमे में बल्कि पूरे दलित समुदाय में गहरी चिंता पैदा कर दी है, जिसके बाद से लगातार न्याय की मांग उठ रही है।
आज, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दिवंगत आईपीएस अधिकारी के परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। परिवारजनों ने कथित तौर पर पोस्टमार्टम जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया है और इस मामले में शामिल उच्च अधिकारियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं।
राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि, "आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से दलित समुदाय और समाज में गलत संदेश जा रहा है। न्याय में देरी, न्याय से इनकार के समान है।" उन्होंने सरकार से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश में विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर दबाव को लेकर बहस चल रही है। विपक्षी दल इसे लेकर हरियाणा सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं और इसे कानून-व्यवस्था की विफलता के रूप में पेश कर रहे हैं। इस मामले ने निश्चित रूप से राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ले लिया है, जहां न्याय की मांग और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप दोनों ही तेज हो गए हैं।
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