12/03/2026
13 से 15 मार्च राजपूताना की अमर शौर्यगाथा एक बार फिर जीवंत होने जा रही है।
इस बार Chittorgarh की पवित्र धरा पर जौहर की वह अग्नि फिर से प्रज्वलित होगी—जो केवल आग नहीं, बल्कि अस्मिता, साहस और स्वाभिमान का प्रतीक है।
जौहर मेला उस बलिदान को श्रद्धांजलि है, जिसने इतिहास में राजपूतानी शौर्य को अमर कर दिया।
महारानियों और वीरांगनाओं के अद्वितीय साहस, रणभूमि में रणबांकुरों के अदम्य उत्साह, और मातृभूमि के लिए अंतिम सांस तक लड़ने की भावना को यह उत्सव फिर से याद दिलाता है।
इस भव्य मेले में परंपरा, संस्कृति और गौरव का संगम होगा।
चित्तौड़ की हवा में फिर से वही गूंज सुनाई देगी—
“सम्मान के लिए जिया भी जाता है… और सम्मान के लिए जौहर भी किया जाता है।”
अगर आप भी इतिहास, संस्कृति और राजपूताना गौरव से जुड़े हैं, तो इस वीडियो को अंत तक ज़रूर देखें।
जय माताजी • जय मेवाड़ • जय राजपुताना 🔥