08/05/2026
एपीसीआर के ‘हेट क्राइम्स ट्रैकर’ कार्यक्रम में मलिक मोतासिम खान ने देश में बढ़ती नफरत की राजनीति और सांप्रदायिक माहौल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मुसलमानों, क्रिश्चियनों, दलितों और आदिवासियों के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए इतिहास, फिल्मों, व्हाट्सएप और मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समाज में लोगों को “कमतर”, “दुश्मन” और “गैर” समझने की सोच ही नफरत की जड़ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस माहौल को बदलने के लिए जनता के बीच जाकर काम करने और लोगों को नफरत के खिलाफ खड़ा करने की जरूरत है।
मलिक मोतासिम खान ने राजनीतिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर राजनीति खुद नफरत को बढ़ावा देगी, तो लोकतंत्र और समाज दोनों कमजोर होंगे। साथ ही उन्होंने एपीसीआर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि केवल डेटा इकट्ठा करना नहीं, बल्कि समाज और राजनीति में सुधार के लिए व्यापक मुहिम चलाना जरूरी है।