27/03/2019
Publish Date:Tue, 26 Mar 2019 07:47 PM (IST)
साहित्यकार रमणिका गुप्ता का निधन
हजारीबाग प्रख्यात साहित्यकार लोकप्रिय राजनीतिज्ञ और आम आदमी के पैरोकार रमणिका गुप्ता का निधन हो गया।
हजारीबाग: प्रख्यात साहित्यकार, लोकप्रिय राजनीतिज्ञ और आम आदमी के पैरोकार रमणिका गुप्ता का निधन मंगलवार को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में दिन के तीन बजे हो गया। वे 89 वर्ष की थीं। हजारीबाग से उनका पिछले लगभग 46 वर्षों से गहरा संबंध रहा। बहुआयामी व्यक्तित्व की स्वामी रही रमणिका गुप्ता की साहित्य, राजनीति, सामाजिक सरोकार समेत कई क्षेत्र में था।
रमणिका गुप्ता का जन्म 22 अप्रैल 1930 को पंजाब के जमींदार परिवार में हुआ था। पंजाब और दिल्ली ने पढ़ाई कर एमए तथा बीएड की डिग्री प्राप्त की। श्रीमति गुप्ता 1974 से 1977 तक हजारीबाग कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रही। मांडू विधानसभा से 1980 में कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार के रूप में विधायिका बनी। वे पूरे साढ़े आठ वर्षों तक विधान पार्षद भी रही। श्रीमती गुप्ता 19 पुस्तकों की रचना कर एक नया कीर्तिमान गढ़ने में कामयाबी हासिल की। उसके द्वारा 21 पुस्तकें संपादित की गई हैं।
पिछले 7 मई 2018 को विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रमेश शरण से मिलकर पुस्तक खरीदने के लिए दस लाख रूपये का चेक सौंपा था। संभवत: यह विश्वविद्यालय परिसर में उनका अंतिम आगमन हुआ था। स्व. रमणिका गुप्ता का जीवन संघर्ष काफी उतार चढ़ाव का रहा है। उनकी कहानियों में प्रेमचंद, रेणु, यशपाल जैसे कथाकारों की वेदना एवं संवेदना परिलक्षित होती है।
Posted By: Jagran