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यह लड़की गुम हो गई है आज शाम करीब 4:00 बजे से इसका नाम है सोनाक्षी कुमारी उम्र लगभग 10 वर्ष है, पिता का नाम कुंदन कुमार ...
08/06/2026

यह लड़की गुम हो गई है आज शाम करीब 4:00 बजे से इसका नाम है सोनाक्षी कुमारी उम्र लगभग 10 वर्ष है, पिता का नाम कुंदन कुमार यह मौलाबाग में किराए के मकान पर रहती है आज शाम को ट्यूशन पढ़ने के दौरान अभी तक घर नहीं लौटी है कृपया करके जिन भाई व्यक्तियों को मिले तो इस नंबर पर,8253524186, सूचना करने का कष्ट करें धन्यवाद

08/06/2026
लुसेंट इंटरनेशनल स्कूल मामले में FSL और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने आत्महत्या की ओर किया इशारा, शरीर पर नहीं मिले चोट के निशा...
04/06/2026

लुसेंट इंटरनेशनल स्कूल मामले में FSL और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने आत्महत्या की ओर किया इशारा, शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान; पंकज मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से बेल।
खगड़िया, संवाददाता। जिले के चर्चित लुसेंट इंटरनेशनल स्कूल मामले में नामजद अभियुक्त पंकज मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद पंकज मिश्रा को बेल पर रिहा करने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद जिले भर में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अलौली स्थित लुसेंट इंटरनेशनल स्कूल में एक छात्र की संदिग्ध मृत्यु के बाद यह मामला सामने आया था। घटना के बाद पंकज मिश्रा को नामजद अभियुक्त बनाया गया था और वे न्यायिक अभिरक्षा में थे। सुप्रीम कोर्ट में उनकी ओर से खगड़िया-सन्हौली निवासी अधिवक्ता नितेश रंजन ने पैरवी की, जो समता संस्था के संस्थापक स्वर्गीय प्रेम कुमार वर्मा के पुत्र हैं।
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता नितेश रंजन ने अदालत के समक्ष कई महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा एफएसएल रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी चोट, संघर्ष अथवा प्रतिरोध के निशान की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों रिपोर्टों में मृत्यु का कारण दम घुटना बताया गया है। उनका तर्क था कि चिकित्सीय एवं वैज्ञानिक जांच में सामने आए तथ्य आत्महत्या की ओर संकेत करते हैं। उन्होंने कहा कि हत्या के मामलों में सामान्यतः शरीर पर चोट या संघर्ष के निशान पाए जाते हैं, जबकि इस मामले में ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया।
अधिवक्ता ने अदालत को यह भी बताया कि जिस समय घटना हुई, उस समय विद्यालय परिसर में लगभग 500 छात्र-छात्राएं मौजूद थे और नियमित रूप से पढ़ाई चल रही थी। जिस कमरे में छात्र का शव मिला था, वहां न तो दरवाजा था और न ही खिड़की। कमरे के सामने ही बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। ऐसी परिस्थिति में घटना के संबंध में कई गंभीर प्रश्न उत्पन्न होते हैं, जिनका संतोषजनक उत्तर जांच में नहीं मिल पाया है।
नितेश रंजन ने यह भी दलील दी कि मृतक छात्र घटना से पूर्व लगभग 10 दिनों की छुट्टी पर था, जबकि पंकज मिश्रा ने घटना से मात्र एक दिन पहले ही विद्यालय में गार्ड के रूप में योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि दोनों एक-दूसरे को जानते-पहचानते तक नहीं थे। इसके बावजूद उन्हें मामले में मुख्य अभियुक्त बना दिया गया।
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने जांच प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के तुरंत बाद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, बल्कि एक दिन बाद मामला दर्ज कराया गया। साथ ही बिना विसरा रिपोर्ट प्राप्त हुए ही चार्जशीट दाखिल कर दी गई, जो अनुसंधान की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
अधिवक्ता नितेश रंजन ने अदालत के समक्ष यह भी कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों, वैज्ञानिक रिपोर्टों और घटनाक्रम को देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि मामले को तथ्यों से अधिक भावनात्मक एवं राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया गया। उन्होंने दलील दी कि जांच एजेंसियों ने कई महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी करते हुए एक पूर्व निर्धारित धारणा के आधार पर कार्रवाई की। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले में राजनीतिक दबाव और जनभावनाओं के प्रभाव की झलक दिखाई देती है, जिसके कारण निष्पक्ष जांच प्रभावित हुई प्रतीत होती है। उनके अनुसार उपलब्ध साक्ष्य अभियोजन पक्ष के आरोपों का स्पष्ट समर्थन नहीं करते हैं, फिर भी अभियुक्त को लंबे समय तक न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों, परिस्थितियों और अभिलेखों पर विचार करते हुए पंकज मिश्रा को बेल पर रिहा करने का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद जिले के कानूनी एवं सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि जमानत का आदेश किसी व्यक्ति को दोषमुक्त घोषित नहीं करता, बल्कि मुकदमे की अंतिम सुनवाई तक उसे कानूनी राहत प्रदान करता है। मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी और अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर किया जाएगा।

●रेल विकास को लेकर सोनपुर में गूंजी खगड़िया की आवाज़, सांसद ने रखे अहम प्रस्ताव●खगड़िया को टर्मिनल ,नई ट्रेनों के ठहराव ...
26/05/2026

●रेल विकास को लेकर सोनपुर में गूंजी खगड़िया की आवाज़, सांसद ने रखे अहम प्रस्ताव

●खगड़िया को टर्मिनल ,नई ट्रेनों के ठहराव एवं यात्री सुविधाओं को लेकर सांसद राजेश वर्मा ने सोनपुर संसदीय समिति की बैठक में राखी 42 जनहित मांगें

सोनपुर मंडल के रेलवे संसदीय समिति की बैठक में खगड़िया के लोकप्रिय सांसद राजेश वर्मा ने खगड़िया लोकसभा क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से उठाया और जनहित में शीघ्र कार्रवाई की मांग की।जिसमे सांसद राजेश वर्मा ने खगड़िया जंक्शन को टर्मिनल का दर्जा, 2 अतिरिक्त प्लेटफॉर्म निर्माण, वाशिंग पिट स्थापना, रैक प्वाइंट स्थानांतरण, प्लेटफॉर्म 1-2 पर स्वचालित सीढ़ी, बुजुर्ग-दिव्यांग यात्रियों हेतु लिफ्ट, वातानुकूलित अतिथि गृह निर्माण, आसपास खाली रेलवे भूमि पर मार्केट कॉम्प्लेक्स निर्माण तथा पूर्वी केबिन ROB के चौथे छोर को जयप्रकाश नगर तक विस्तार की मांग रखी गई।वही सन्हौली दुर्गास्थान से कबीरनगर तक जर्जर सड़क निर्माण तथा रेलवे की भूमि को पीपीटी मोड उपयोग का प्रस्ताव दिया। वहीं सांसद ने खगड़िया में कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की भी मांग की है। उन्होंने गरीब नवाज एक्सप्रेस, कामाख्या-गोमतीनगर एक्सप्रेस, त्रिपुरा सुंदरी एक्सप्रेस, अरुणाचल एक्सप्रेस, पूर्वोत्तर संपर्क क्रांति सहित कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव की मांग उठाई गई। वहीं
मानसी स्टेशन पर पार्सल बुकिंग सेवा पुनः शुरू करने, ऐतिहासिक रेलवे मैदान में स्टेडियम निर्माण, शहीद धन्ना माधव स्मारक एवं पार्क निर्माण, पूर्वी केबिन (चूकती ढाला) पर RUB तथा पश्चिमी केबिन ढाला पर ROB निर्माण की मांग रखी गई।

इसके साथ ही महेशखूंट स्टेशन पर
रैक प्वाइंट निर्माण, पश्चिमी ढाला संख्या-25 पर ROB निर्माण तथा आम्रपाली, सीमांचल एवं अवध-असम एक्सप्रेस के ठहराव की मांग रखी गई। वहीं पसराहा स्टेशन पर प्लेटफॉर्म ऊँचीकरण, पेयजल, यात्री शेड निर्माण, पश्चिमी ढाला पर ROB/RUB निर्माण तथा कैपिटल एक्सप्रेस हाटेबाजारे एक्सप्रेस , कटिहार-टाटानगर एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की गई। जमालपुर-महेशखूंट सवारी गाड़ी को पसराहा तक विस्तार का प्रस्ताव भी रखा गया। गौछारी
स्टेशन पर प्लेटफॉर्म ऊँचीकरण, शौचालय, पेयजल एवं यात्री शेड निर्माण तथा भरतखंड हॉल्ट के जीर्णोद्धार की मांग की गई। वहीं सांसद ने नई रेल सेवाओं की मांग भी की खगड़िया या अलौली से पटना के लिए नियमित इंटरसिटी ट्रेन एव खगड़िया या सहरसा से हावड़ा के लिए सीधी ट्रेन खगड़िया से दक्षिण भारत, देवघर एवं दुमका के लिए सीधी ट्रेन,खगड़िया-जमालपुर के बीच ट्रेनों की संख्या वृद्धि और
खगड़िया-मानसी के बीच समाहरणालय, परमानंदपुर, संसारपुर एवं अन्य ढालों पर RUB/ROB निर्माण वही सांसद ने नई रेल लाइन परबत्ता-बेलदौर रेललाइन योजना की जानकारी, अमृत भारत योजना के तहत खगड़िया,मानसी,महेशखूंट स्टेशनों के निर्माण के समय अवधि से अधिक होने पर भी ध्यान आकृष्ट कराया। सांसद श्री राजेश वर्मा ने कहा कि खगड़िया, मानसी, महेशखूंट, पसराहा, गौछारी एवं भरतखंड सहित पूरे खगड़िया लोकसभा क्षेत्र की रेल सुविधाओं का विस्तार मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रियों की सुविधा, आधारभूत संरचना के विकास, ट्रेनों के ठहराव, नई रेल सेवाओं के परिचालन तथा लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा कराने हेतु सोनपुर रेलवे संसदीय समिति के के अध्यक्ष माननीय सांसद राजीव प्रताप रूडी जी हाजीपुर रेलवे के जीएम छत्रसाल सिंह, डीआरएम अमित सरन के समक्ष महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। मुझे विश्वास है कि रेलवे प्रशासन जनहित को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर सकारात्मक पहल करेगा, जिससे लाखों लोगों को सीधा लाभ इसका मिल सकेगा।

*नगर परिषद खगड़िया की बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: पोस्ट ऑफिस रोड नाला, सड़क एवं DAV रोड सहित चार महत्वपूर्ण योजनाएं रद्द, द...
20/05/2026

*नगर परिषद खगड़िया की बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई: पोस्ट ऑफिस रोड नाला, सड़क एवं DAV रोड सहित चार महत्वपूर्ण योजनाएं रद्द, दो संवेदक एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट*

खगड़िया: नगर परिषद खगड़िया ने विकास योजनाओं में लगातार लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर की चार महत्वपूर्ण सड़क एवं नाला निर्माण योजनाओं को रद्द कर दिया है। साथ ही दो अलग-अलग संवेदकों को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट (काली सूची) कर दिया गया है। नगर परिषद द्वारा जारी इस कार्रवाई के बाद संवेदकों में हड़कंप मच गया है और इसे नगर प्रशासन की सख्त कार्यशैली के रूप में देखा जा रहा है।

नगर परिषद द्वारा जारी कार्यालय आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि कई योजनाओं में कार्यादेश निर्गत होने के बावजूद संवेदकों द्वारा महीनों तक कार्य प्रारंभ नहीं किया गया। बार-बार नोटिस, अंतिम चेतावनी एवं पत्राचार के बावजूद संवेदकों की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई, जिसके कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

इन चार योजनाओं पर हुई कार्रवाई

नगर परिषद द्वारा जिन चार योजनाओं को रद्द किया गया है, उनमें —

• वीरेंद्र कुमार (मुखिया जी) के घर से पुराने पवन लॉज होते हुए अरुण कुमार शिक्षक के घर तक पीसीसी सड़क निर्माण योजना।
• बेंगामिन चौक से आदित्य विजन, बिग बाजार होते हुए लाल बाबू स्कूल तक आरसीसी नाला निर्माण योजना।
• पोस्ट ऑफिस रोड क्षेत्र में चंद्रशेखर चौधरी के घर से श्यामलाल ट्रस्ट भवन, सुरेश मंडप होते हुए पोस्ट ऑफिस चौक तक आरसीसी नाला निर्माण योजना।
• अड़गाढ़ाट से श्यामलाल ट्रस्ट भवन, सुरेश मंडप होते हुए पूर्व विधायक श्रीमती चंद्रमुखी देवी के घर से पोस्ट ऑफिस रोड तक पीसीसी सड़क निर्माण योजना (DAV रोड क्षेत्र)।

महीनों तक नहीं शुरू हुआ काम

कार्यालय आदेश के अनुसार इन योजनाओं के लिए समय पर निविदा प्रक्रिया पूरी कर कार्यादेश जारी किया गया था। कई योजनाओं को बरसात के पहले जलजमाव एवं सड़क समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया गया था।

लेकिन संवेदकों द्वारा निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी कार्य प्रारंभ नहीं किया गया। नगर परिषद ने 2024 एवं 2025 के दौरान कई बार नोटिस जारी कर अंतिम चेतावनी दी। इसके बावजूद कार्य शुरू नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई।

दो संवेदक हुए ब्लैकलिस्ट

नगर परिषद ने लोक निर्माण संहिता एवं NIT की शर्तों के उल्लंघन, कार्य को लंबे समय तक अवरुद्ध रखने एवं जनहित प्रभावित करने के आरोप में —

• विक्रांत कुमार, थाना रोड खगड़िया
• N&N Construction Pro-Neha Kumari, सासाराम रोहतास

को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही संबंधित विभागों को भी इसकी सूचना भेज दी गई है।

पोस्ट ऑफिस रोड और DAV रोड की जनता सबसे अधिक परेशान

नगर परिषद सूत्रों के अनुसार पोस्ट ऑफिस रोड एवं DAV रोड क्षेत्र में जल निकासी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही थी। बरसात के दौरान लोगों को जलजमाव, कीचड़ एवं आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोग लंबे समय से नाला एवं सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। नगर परिषद ने जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए समय पर योजना स्वीकृत की थी, लेकिन संवेदकों की लापरवाही के कारण कार्य धरातल पर नहीं उतर सका।

नगर सभापति अर्चना कुमारी का बयान

नगर सभापति अर्चना कुमारी ने कहा कि नगर परिषद खगड़िया में जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा,
“जनता हमें विकास कार्यों के लिए चुनती है, किसी संवेदक को संरक्षण देने के लिए नहीं। जो भी संवेदक नियमों का पालन नहीं करेगा, समय पर कार्य पूरा नहीं करेगा या जनता को परेशान करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में चल रही सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है तथा गुणवत्ता एवं पारदर्शिता हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।

कार्यपालक पदाधिकारी सिंधु कमल का बयान

कार्यपालक पदाधिकारी सिंधु कमल ने कहा कि संबंधित संवेदकों को कई बार नोटिस एवं अंतिम अवसर दिया गया था। इसके बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं होने के कारण नियमानुसार कार्रवाई करनी पड़ी।

उन्होंने कहा,
“नगर परिषद जनता की मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर है। जिन योजनाओं को रद्द किया गया है, उन्हें जल्द पुनः निविदा प्रक्रिया के माध्यम से शुरू कराया जाएगा ताकि लोगों को सड़क एवं जल निकासी की बेहतर सुविधा मिल सके।”

नगर में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई

नगर परिषद की इस कार्रवाई के बाद पूरे शहर में इसकी चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों ने नगर परिषद प्रशासन की सख्ती की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार विकास योजनाओं में लापरवाही करने वाले संवेदकों पर इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है।

लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह जवाबदेही तय होती रही तो विकास योजनाओं की गुणवत्ता सुधरेगी और जनता को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

18/05/2026

मानसी थाना क्षेत्र अंतर्गत पथिक लाइन होटल के समीप NH–31 पर भीषण सड़क हादसे में ट्रक और टेंपू की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की सूचना सामने आ रही है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा गया है। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल है।
#खगड़िया

18/05/2026

मानसी थाना क्षेत्र अंतर्गत पथिक लाइन होटल के समीप NH–31 पर भीषण सड़क हादसे में ट्रक और टेंपू की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की सूचना सामने आ रही है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा गया है। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल है।
Samrat Choudhary Rajesh Verma

सोना चांदी महंगी* होगी तो आर्टिफिशल ज्वेलरी आप्शन हे..डीजल पेट्रोल महंगा* होगा तो इलेक्ट्रिक वाहन ऑप्शन है..LPG नहीं मिल...
15/05/2026

सोना चांदी महंगी* होगी तो आर्टिफिशल ज्वेलरी आप्शन हे..

डीजल पेट्रोल महंगा* होगा तो इलेक्ट्रिक वाहन ऑप्शन है..

LPG नहीं मिली* तो इंडक्शन, गोबर के उपले या लकड़ी ऑप्शन है..

बिजली चली गई* तो सोलर, लालटेन, पेट्रोमेक्स ऑप्शन है।

लेकिन..

दिल्ली की गद्दी से बब्बर शेर (मोदी) को हटाकर किसी गधे को बिठा देना*
तो कतई ऑप्शन में नहीं है।

राजेंद्र चौक निर्माण विवाद: नगर सभापति अर्चना कुमारी ने डीएम से जिला परिषद को सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी देने का निर्...
14/05/2026

राजेंद्र चौक निर्माण विवाद: नगर सभापति अर्चना कुमारी ने डीएम से जिला परिषद को सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी देने का निर्देश जारी करने का किया अनुरोध।

खगड़िया, संवाददाता। खगड़िया शहर के सबसे व्यस्त एवं महत्वपूर्ण स्थल राजेंद्र चौक पर कराए जा रहे कथित अस्थायी स्टॉल निर्माण को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अर्चना कुमारी ने जिला पदाधिकारी खगड़िया को विस्तृत पत्र भेजकर पूरे मामले पर जिला परिषद से सभी बिंदुओं पर तथ्यात्मक एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने हेतु निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।

नगर सभापति द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि राजेंद्र चौक में जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद खगड़िया द्वारा वर्षों से चले आ रहे अवैध अतिक्रमण को हटाया गया था। इस कार्रवाई का उद्देश्य सार्वजनिक मार्ग को अतिक्रमणमुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना तथा नगर परिषद की सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि नगर परिषद द्वारा उक्त स्थल के दक्षिण एवं पूर्वी कोने में पहले से हाई मास्ट लाइट लगाया गया है। साथ ही अतिक्रमण हटाने के बाद नगर को आधुनिक एवं आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से उत्तर-पूर्वी कोने में एलईडी टीवी स्थापना हेतु फाउंडेशन भी तैयार कराया गया था।

इसी बीच जानकारी प्राप्त हुई कि जिला परिषद, खगड़िया द्वारा पुनः उक्त स्थल पर अस्थायी स्टॉल निर्माण कराया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना जिला प्रशासन को दी गई, जिसके बाद निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई। हालांकि तब तक आंशिक निर्माण कार्य किया जा चुका था। नगर सभापति ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि एलईडी टीवी हेतु बनाए गए फाउंडेशन के ऊपर ही स्टॉल निर्माण कराया जा रहा था।

नगर सभापति अर्चना कुमारी ने पत्र में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। उन्होंने पूछा है कि संबंधित निर्माण कार्य जिला परिषद के किस फंड अथवा योजना मद से कराया जा रहा था तथा इसके लिए किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई थी।

इसके अलावा पत्र में यह भी सवाल उठाया गया है कि जब जिला प्रशासन के आदेश पर नगर परिषद द्वारा उक्त स्थल को अतिक्रमणमुक्त कराया गया था, तब पुनः उसी स्थल पर निर्माण कार्य किसके आदेश पर शुरू कराया गया।

नगर सभापति ने यह भी स्पष्ट करने का अनुरोध किया है कि नगर परिषद की सार्वजनिक संपत्ति एवं राजेंद्र चौक जैसे अति व्यस्त स्थल पर निर्माण कार्य कराने से पूर्व नगर परिषद अथवा जिला प्रशासन से कोई अनुमति प्राप्त की गई थी अथवा नहीं।

पत्र में माननीय उच्च न्यायालय एवं नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार के निर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि जिला परिषद के कार्यालय एवं आवासीय परिसरों को छोड़कर नगर क्षेत्र अंतर्गत अन्य सार्वजनिक संपत्तियां संबंधित नगर निकाय/नगर परिषद के अधीन मानी जाती हैं। ऐसी स्थिति में यह स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि राजेंद्र चौक स्थित नगर परिषद की भूमि पर जिला परिषद किस वैधानिक प्रावधान के तहत निर्माण कार्य करा रहा था।

नगर सभापति ने जिला पदाधिकारी से अनुरोध किया है कि जिला परिषद, खगड़िया को निर्देशित किया जाए कि उपरोक्त सभी बिंदुओं पर आवश्यक एवं तथ्यात्मक सूचना उपलब्ध कराई जाए, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

मामला सामने आने के बाद शहर के सामाजिक एवं राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजेंद्र चौक पहले से ही शहर का अत्यंत व्यस्त क्षेत्र है और वहां किसी भी प्रकार का निर्माण भविष्य में यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

कुल मिलाकर, राजेंद्र चौक स्थित सार्वजनिक भूमि पर निर्माण को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब प्रशासनिक स्तर पर बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। नगर सभापति द्वारा भेजे गए पत्र के बाद अब लोगों की नजर जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई और जिला परिषद से मांगी गई जानकारी पर टिकी हुई है।

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