15/04/2026
पुस्तक का नाम: (ख्वाहिश) एक सामाजिक उपन्यास
लेखक का नाम: पूनम चंदवानी
आईएसबीएन: 978-81-997386-4-5
पुस्तक के बारे में: यह उपन्यास किसी एक स्त्री, एक परिवार या एक घर की कहानी नहीं है— यह उन ख्वाहिशों की कहानी है, जो हर दिन ज़िम्मेदारियों, डर, हालात और समाज की दीवारों के बीच धीरे-धीरे चुप हो जाती हैं। मैंने यह कहानी लिखते समय किसी को सही या ग़लत ठहराने की कोशिश नहीं की, क्योंकि ज़िंदगी अक्सर इतनी सरल नहीं होती। यहाँ हर इंसान अपने हिस्से का दर्द मजबूरी और उम्मीद लेकर जी रहा होता है। पलक की मासूम चाह, अमोली का चुप समझौता, निमिषा का साहस और संवेदनशीलता और कल्पित की उलझन—
ये सभी पात्र काल्पनिक होते हुए भी हमारे समाज की बहुत सच्ची तस्वीर हैं। यह कहानी उन आवाज़ों को समर्पित है जो बोलना चाहती हैं, पर बोल नहीं पातीं। उन सपनों को समर्पित है जो देखे तो जाते हैं, लेकिन पूरे करने की इजाज़त नहीं मिलती। अगर इस उपन्यास का कोई दृश्य आपकी आँखें नम कर दे, कोई संवाद आपको सोचने पर मजबूर कर दे, या कोई किरदार आपको अपना-सा लगने लगे— तो समझिए, यह कहानी अपने उद्देश्य में सफल हुई।
“ख्वाहिश” आपको यह याद दिलाने के लिए है कि हालात चाहे जैसे भी हों, ख्वाहिशें मरती नहीं— बस सही समय का इंतज़ार करती हैं। इस कहानी को पढ़ने, इसके भावों को महसूस करने और इसके पात्रों को सम्मान देने के लिए आप सभी पाठकों का हृदय से आभार।