25/08/2020
आज हिंदुस्तान में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जिस स्तर पर पहुंच गई है घृणा सी होने लगी है टीवी देखने से एक तरफ अर्णब गोस्वामी सुप्रीम कोर्ट के जज की तरह जहां सुशांत की मर्डर मिस्ट्री सुलझाने में लगे हैं दूसरी तरफ ज़ी टीवी के अमिताभ चौधरी दाऊद का नया शगुफा लेकर आ गए और अगले कुछ दिनों में सभी चैनल दाऊद की स्टोरी को इस तरह टीवी चैनल में चलाने लगेंगे जैसे स्टोरी के दम पर ही हिंदुस्तान चल पाएगा अन्यथा सब कुछ खत्म हो जाएगा उधर रवीश कुमार अपना वजूद बचाने के लिए और अपने को सही बताने के लिए कई बार नकारात्मक प्रोग्राम दिखाते हैं कांग्रेस पार्टी जिसने सत्ता का दुरुपयोग किया उनको उनके कर्मों की सजा मिल गई करीब करीब कांग्रेस मृतप्राय हो गई है अब उसे कोसना बंद करें और वर्तमान सरकार की गलतियों के लिए मीडिया चैनल सकारात्मक विरोध करें । एक तरफ से सब सरकार के गुण गाने लगेंगे यह भी अच्छी बात नहीं है। दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर हर व्यक्ति कट कॉपी पेस्ट और फॉरवर्ड में पूरी तरह से मशगूल है वायरल मैसेज को इस तरह सोशल मीडिया पर घूमा रहा है जैसे वह पूरे भारत को पहली और अत्यंत गोपनीय जानकारी अपने परिचितों को दे रहा है।
यह नहीं कहता कि ज्वलंत मुद्दों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में नहीं उठाना चाहिए पर ज्वलंत मुद्दे अगर जनता का ध्यान दूसरी तरफ भटकाने का प्रयास करें यह बिल्कुल उचित नहीं है मैं गुजारिश करता हूं सभी टीवी चैनलों से की मसालेदार खबर चलाएं लेकिन उसकी कोई सीमा भी निर्धारित करें महीनों एक मुद्दे को उछाल कर मीडिया ट्रायल ना करें
मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है
और चौथा स्तंभ चाटुकारिता की तरफ अग्रसर ना हो अतः उसे वास्तव में जो मुद्दे हैं जैसे करोना की वजह से बढ़ती बेरोजगारी का समाधान करोना की वजह से शिक्षण संस्थान बंद है ऐसे में हमारे नौनिहाल बच्चों के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभाव को कैसे दूर किया जा सकता है उसके समाधान तथा भारत में शिक्षा के स्तर को कैसे मजबूत किया जा सकता है,जातिगत जो जहर हिंदुस्तानियों में बढ़ रहा है उसे कम करने के लिए क्या किया जा सकता है ऐसे कोई प्रोग्राम रोजगार के नए अवसर कैसे पैदा किये जा सकते है इस पर कोई अच्छा प्रोग्राम मोदी जी के आह्वान पर लोकल वोकल पर या देश प्रेम पर कोई रचनात्मक प्रोग्राम जिससे समाज के लोगों को प्रेरणा मिले ऐसे प्रोग्राम क्यों नहीं बनाते हैं।
सुबह से शाम तक टीवी चैनलों पर नकारात्मक समाचार देखकर भारत का सहज और मिलनसार व्यक्ति भी नकारात्मक होता जा रहा है।
भारत राम रहीम गुरु नानक बुद्ध विवेकानंद का देश है इसमें प्रेम और सद्भावना कभी ना खत्म होने वाला खजाना है आइए भारत को सोने की चिड़िया बनाने में अपने विचारों का सहयोग प्रदान करें
धन्यवाद
अविनाश शर्मा