27/08/2026
मनुवाद के खिलाफ ब्रह्मास्त्र है-दलित साहित्य
दलित साहित्य दो शब्दों से मिलकर बना है। इसमें पहला शब्द है दलित और उसके साथ जुड़ गया है साहित्य, और इस तरह सृजित हो गया है दलित साहित्य यानि दलितों का साहित्य, दलितोद्धारक साहित्य यानी एक ऐसा साहित्य जो स्थापित, ब्राह्मणवादी साहित्य-उसमें प्रतिवादित-प्रतिस्थापित वर्ण व्यवस्था, सामाजिक विषमताओं से पूर्ण मनुस्मृति विधि-विधान को नक्कार कर समतामूलक, स्वतंत्रतापूर्ण, न्यायवादी भाईचारे के समाज की स्थापना करता है।
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