28/08/2026
आरक्षण, SC Sub-Classification और सवर्ण समाज की समस्याओं पर राजनीतिक बहस लगातार तेज हो रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सामान्य वर्ग और सवर्ण युवाओं के सामने शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़ी चिंताएँ हैं, तो उनके मुद्दों पर सवर्ण सांसद और विधायक पर्याप्त रूप से मुखर क्यों नहीं दिखाई देते?
क्या इसके पीछे पार्टी लाइन, चुनावी समीकरण और वोट बैंक की राजनीति है?
इस वीडियो में हम आरक्षण के भीतर वर्गीकरण (Quota within Quota), सामाजिक न्याय, बिहार के राजनीतिक प्रयोग और सामान्य वर्ग के युवाओं की चिंताओं पर गंभीर चर्चा कर रहे हैं।
आपकी क्या राय है?
क्या सांसद और विधायकों को पार्टी राजनीति से ऊपर उठकर अपने समाज और युवाओं की वास्तविक समस्याओं पर खुलकर बोलना चाहिए?
👇 अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।