09/10/2024
आपको अगर लगता है, कि #बिहार के #मुजफ्फरपुर में पत्रकार #मिथुन_मिश्रा की गिरफ़्तारी केवल बाढ़ की विभीषिका दिखाने और पीड़ितों का दर्द जनता के सामने लेकर आने के लिए, जिसे बिहार सरकार भड़काने का प्रयास कह रही है, को लेकर हुई है, तो आप नादान और बेवकूफ हैं..
मिथुन मिश्रा की गिरफ़्तारी की असली वजह ये है, कि उन्होंने गाँव-गाँव में ईसाई मिशनरियों द्वारा चलाए जा रहे धर्मांतरण को लेकर आवाज़ उठाई... उन्होंने अपनी रिपोर्टिंग और वीडियो के जरिए दिखाया, कि कैसे ईसाई मिशनरी गाँवों में पंडाल लगा कर धर्मांतरण कर रहे हैं, और हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ घृणा फैला कर गरीबों, खासकर दलितों को इसका शिकार बना रहे हैं..
अगर अभी हम सब के समर्थन में खड़े नहीं हुए तो शायद ये ठीक नहीं होगा... बिहार में किसी की भी सरकार हो, इस तरह की तानाशाही स्वीकार नहीं हो सकती है... एक पत्रकार को अपने थाने में रस्सी से बाँध कर अपराधियों के बीच बिठाया गया है, ऐसे प्रतीत होता है कि उन्होने बहुत बडा अपराध किया है - ये कहाँ का लोकतंत्र है?
हमें के साथ खड़ा होना होगा, क्योंकि कोई भी ईसाई मिशनरियों के खिलाफ जाने का खतरा नहीं लेता... विदेशी संस्थाएँ पूरे भारत की संस्कृति को खत्म करने के लिए अभियान चला रही हैं... (Post Credit-- By- Anupam K Singh)