19/01/2022
*राम भक्त अशोक अग्रवाल एवं सुखवीर शरण अग्रवाल का देहावसान एक बड़ी क्षति।*
नई दिल्ली, दिनेश शर्मा:
प्रभु राम हनुमान के अनन्य भक्त श्री सुखवीर शरण अग्रवाल और अशोक अग्रवाल के निधन की खबर से समूची दिल्ली में शोक की लहर दौड़ गई। खेद का विषय है कि अशोक अग्रवाल का गत 17 जनवरी को देहावसान उसी दिन हुआ जब अशोक के पिता श्री सुखबीर शरण अग्रवाल की उठावनी थी।
दिल्ली की रामलीला में क्रांति लाने वाले राम भक्त अशोक अग्रवाल लवकुश लालकिला रामलीला के प्रधान होने के अलावा अनेक धार्मिक व सामाजिक संगठनों से जुड़े हुए दानवीर वृत्ति की शख्सियत थे। आश्चर्य इस बात का भी है कि जब अशोक अग्रवाल के पिता श्री सुखबीर शरण अग्रवाल की उठावनी चल रही थी उसी दिन अशोक अग्रवाल का भी स्वर्गारोहण हुआ।
लवकुश रामलीला में मुंबई के फिल्म स्टारों की भीड़ इकट्ठा करने तथा राजनेताओं को भी रामलीला के मंच पर किरदार बनाने के काम में दक्ष अशोक अग्रवाल ने रामलीला के मंचन पर एक पुस्तक भी लिखी थी। जिसको पढ़ने पर आभास होता है कि राम की लीला अद्भुत ही नहीं अपितु इसके साथ अनेक रहस्य भी जुड़े हुए हैं। इनका पूरा परिवार राम प्रचार की सेवा में जुड़ा रहता था।
इतना ही नहीं अयोध्या आंदोलन के दौरान रामलीला मंचो पर राम शिला पूजन का कार्य जब दिल्ली रामलीला महासंघ के प्रधान सुखबीर शरण अग्रवाल के सानिध्य में हुआ तब अशोक अग्रवाल ने भी यजमान बनकर शिला पूजन किया था। दिल्ली के बिल्डर व्यवसाई होने के साथ वह सामाजिक कार्यों में भी रुचि लेते रहे। उनके सुपुत्र अंकुश अग्रवाल तथा अभिषेक अग्रवाल व पत्नी शालिनी अग्रवाल सहित समूचे परिवार के लोग लीला मंचन कराने में रुचि लेते थे।
पिछले साल कोरोना काल के दौरान भी लव कुश रामलीला का मंचन करा के अशोक अग्रवाल ने एक नया इतिहास रचा था। रामलीला के सचिव अर्जुन कुमार, रमेश बजाज ,हरीश असडी़, भाई मेहरबान, सुभाष गोयल, सुमन गुप्ता, जत्थेदार अवतार सिंह, महेंद्र नागपाल सहित अनेक नेताओं ने इनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पिता पुत्र दोनों ही दानी वृत्ति और राम भक्त थे।
रामलीला के मंचन के लिए 11 महीने पहले ही रिहर्सल की शुरुआत कर देते थे। उनके निधन पर अनेक राजनेताओं ने भी चिंता जताई है।