Shayari-e-zindagi

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19/09/2023
★彡[ कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है, कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है, पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से, तो वो प्यार ही ज...
18/09/2023

★彡[ कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है, कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है, पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से, तो वो प्यार ही जीने की वजह बन जाता है। ]彡★★彡[ कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है, कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है, पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से, तो वो प्यार ही जीने की वजह बन जाता है। ]彡★

▀▄▀▄▀▄ कितना प्यार करते हैं तुमसे यह कहना नहीं आता, बस इतना जानते हैं कि बिना तुम्हारे रहना नहीं आता। ▄▀▄▀▄▀▀▄▀▄▀▄ कितना...
17/09/2023

▀▄▀▄▀▄ कितना प्यार करते हैं तुमसे यह कहना नहीं आता, बस इतना जानते हैं कि बिना तुम्हारे रहना नहीं आता। ▄▀▄▀▄▀▀▄▀▄▀▄ कितना प्यार करते हैं तुमसे यह कहना नहीं आता, बस इतना जानते हैं कि बिना तुम्हारे रहना नहीं आता। ▄▀▄▀▄▀

𒆜 मेरे आँखों के ख्वाब, दिल के अरमान हो तुम, तुम से ही तो मैं हूँ, मेरी पहचान हो तुम, मैं ज़मीन हूँ अगर तो मेरे आसमान हो त...
16/09/2023

𒆜 मेरे आँखों के ख्वाब, दिल के अरमान हो तुम, तुम से ही तो मैं हूँ, मेरी पहचान हो तुम, मैं ज़मीन हूँ अगर तो मेरे आसमान हो तुम, सच मानो मेरे लिए तो सारा जहान हो तुम। 𒆜𒆜

`•.¸¸.•´´¯`••._.• 🎀 ख्वाहिश इतनी है कि कुछ ऐसा मेरे नसीब में हो, वक्त चाहे जैसा भी हो बस तू मेरे करीब हो। 🎀 •._.••`¯´´•....
16/09/2023

`•.¸¸.•´´¯`••._.• 🎀 ख्वाहिश इतनी है कि कुछ ऐसा मेरे नसीब में हो, वक्त चाहे जैसा भी हो बस तू मेरे करीब हो। 🎀 •._.••`¯´´•.¸¸.•`

03/05/2017

तुम चाहो तो ना कह दो
पर यु आँखे चुराना
कुछ रास नहीं आता.....

14/03/2017

ज़िन्दगी को पलट कर देखो और वो दिन याद करो जब एक बार खुदा बनने की कोशिश की थी..फिर आज का दिन देखो और खुद पर हँसो कि इंसान भी ना बन सके

01/01/2017

तुमने बहुत लिखा है मुझे और तुमने बहुत लिखा है इश्क़। अब एक खत लिखो जिसमें वो हो जो तुम अब भी महसूस करती हो। जिसमें मैं आज भी वो ही मैं हूँ जिससे तुमने इश्क़ किया था। जिसे तुम आज भी वापस पा लेना चाहती हो मगर किसी और के तुम्हारी ज़िन्दगी में होने की वजह से रुकी हुई हो।
लिखो वो सब जो आज भी मुझसे कहना है। लिखो कि किस कदर मैं तुममें बसा हुआ हूँ। कैसे तुम मुझे बेतहाशा चूम लेना चाहती हो। कैसे आधी रात नींद से उठने पर मेरी बाँहें तलाशती हो। कैसे अपने हाथ से खाते वक़्त तुम्हें मेरे हाथ याद आते हैं।
लिखो वो सब जो अंदर दबाये बैठी हो और भेज दो मुझे। मुझे अंदर तक चीर दो अपने शब्दों से ताकि मुझे मेरे अंदर तुम कहाँ तक हो ये महसूस हो। मुझ पर वो ख़त क़यामत बन कर टूटेगा मगर मैं सहूंगा उसे उस इश्क़ की ख़ातिर जो हमने सहेज रखा था। वो इश्क़ जो नफ़रत भर गया है उसे मिटा दो। मेरा वो ख़त मुझे भिजवा दो।

01/01/2017

गोवा वाले दोपहर में निकलेंगे, कुफरी वाले निकल चुके है शाम तक पहुच जाएंगे।
और जो हौज़ ख़ास विलेज गए थे वो अपनी छत पर बैठकर रात की बची हुई क्लासिक लिए निहार रहे है नए साल की धूप में पुराने नज़ारे।
बैचलर लड़कों के लिये एक ख़ास बात ये भी रही कि साल की शुरुआत sunday से हो गयी है।

16/12/2016

ज़िंदगी में हर वो बात/चीज जो आपने पहली बार की थी कभी न कभी कही ना कही आपके ज़ेहन में वापिस आ ही जाती है,
वो पहली मार जो घरवालो से पड़ी थी, पहली बार साइकिल से गिरना,
वो पहला बुखार वाला इंजेक्शन, वो पहला दोस्त जिससे आज कोई contact नहीं है।
मोहल्ले के CC रोड पर लगायी पहली half century हो या ground पर बनायीं पहली hat trick हो सब घूम घूम कर याद आ ही जाता है।
वो पहली जोधपुर की यात्रा, वो पहली beer, वो पहला झगड़ा ,पहली सैलरी जो नाम मात्र की थी सभी अपने अक्ष पर ही तो खड़े मिलते है।
बस उसी तरह मुझे याद आती हो तुम,
मेरा पहला प्यार,
मेरा पहली बार किसी को छूना,
पहली बार किसी को हग करना,
वो पहला कांपते होंठो से किया हुआ kiss,
पहली बार किसी के उरोजों को सहलाना,
पहला आलिंगन, और पहली बार किसी से अंतरंग होना।.. पहली बार किसी का मुझे अश्लील कहना, ये सब जो पहली बार हुआ था इसके बाद भी बहुत बार हुआ है पर पहला आखिर पहला ही होता है।

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