18/11/2025
बुरा मानो या भला
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राहुल जी,
निंदक को नजदीक रखिए मज़ा आएगा...
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संत कबीर दास जी का एक प्रसिद्ध दोहा है-
" निंदक नियरे राखिए,आंगन कुटी छवाय,बिन पानी,साबुन बिना,निर्मल करे सुभाय "
जिसका अर्थ है कि हमें अपनी निंदा करने वाले व्यक्ति को हमेशा अपने पास रखना चाहिए।वह बिना साबुन और पानी के ही हमारे स्वभाव को साफ कर देता है,क्योंकि वह हमारी और आपकी कमियों को सार्वजनिक रुप से उजागर करता है, जिससे हम खुद को सुधार सकते हैं।जो आपकी निंदा करता हैं,उसे अपने पास रखिए राहुल जी, तभी पार्टी के आम कार्यकर्ताओं और आपको मज़ा आएगा,लेकिन ये तथाकथित चाटुकार और दलाल ऐसा नहीं होने देंगे,आपको हमेशा से दिग्भ्रमित करते आ रहे हैं और करते रहेंगे अगर आप सचेत नहीं हुए तो। कांग्रेस में भारतीय जनता पार्टी,जनता दल यूनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल का " स्लीपर सेल " मज़ा ले रहा है? आपको आम संघर्षशील कार्यकर्ताओं से ये तथाकथित दूर करते जा रहे हैं और मूकदर्शक बने हुए हैं, बिहार विधानसभा चुनाव के पहले भी मैंने अपने सोर्स और लिखित में आपको अबगत कराया,आप एक्सन में आए,लेकिन तब तक बहुत देर हो चुका था ....,आपने बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लाहवरु को ठिकाने तो लगाया लेकिन असली टिकट बेचवा आज भी " अपनी डफ़ली और अपना राग अलाप " कर रहा है ? राहुल जी, शायद आपको पता हो या न हो एक दफा समाजवादी पार्टी के मुखिया व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सार्वजनिक मंचों से कहा था कि " अब राष्ट्रीय पार्टियां खासकर कांग्रेस पार्टी का दिन लद गया है " क्षेत्रीय पार्टियां अपने प्रदेशों में उन्हें इतना ही सीटें दें जिससे वह पार्टी जिंदा रह सके.....? बिहार में भी राजद ने वही किया आखिर क्यों.... " कांग्रेस के अधिकार यात्रा " और " वोट चोर गद्दी छोड़ " का क्या हुआ महागठबंधन के ही नेताओं ने पलीतें में अंदर खाने आग लगाने का काम किया?
आपको कन्हैया कुमार पसंद है क्योंकि वह तर्क संगत बातें करता है,लेकिन तेजस्वी हर घर से एक को सरकारी नौकरी देने की बात करते हैं , आसमान से तारें तोड़ने जैसी बातें ? पूर्णियां के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने अचानक विधानसभा चुनाव में अपने अंदाज में कांग्रेस को हाईजैक किया और प्रभारी से लेकर प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम की एक न चली ? इतना ही नहीं कोई बेटे के लिए,तो कोई बेटी, कोई दमाद के लिए या तक अपने समधन के लिए टिकट चाह रहा था, लेकिन आम कार्यकर्ताओं की कोई चिंता नहीं आखिर क्यों?बिहार में कांग्रेस लालू प्रसाद यादव की राष्ट्रीय जनता दल की पिछलग्गू क्यों बनी है ?पहले अपने को पिछलग्गू बनने से मुक्त करें, तभी कांग्रेस का भविष्य है?
राहुल जी,जब कांग्रेस सत्ता में थी तब भी चाटुकार,चापलूस,तथाकथित स्वंभू आपके साथ और आज़ भी जब आप विपक्ष में हैं और आपकी पार्टी विगत 11 वर्षों से केन्द्रीय सत्ता से कोसों दूर और विपक्ष में हैं तब भी उन्हीं तथाकथित चाटुकारों से घिरे हैं? यही चाटुकार और दलाल आज कांग्रेस को ठिकाने लगाने में लगे हैं, इसका ताजा उदाहरण हाल के बिहार विधानसभा चुनाव आपके सामने है....जम कर लक्ष्मी कांत प्यारे लाल का लेन-देन हुआ है.... फिर कभी विस्तार से....
- संजीव कुमार सिंह
वरिष्ठ पत्रकार
नई दिल्ली - 110024