SPARK chipmunks

SPARK chipmunks Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from SPARK chipmunks, Media, IIMMI, Delhi, Delhi.

17/03/2017

#मदद
हली घनघनाहट पर ही मैंने फ़ोन उठा लिया। पहले तो मुझे लगा कि किसी बीमा कम्पनी का फ़ोन है। लेकिन दुबारा जब उस लड़की दोहराया कि हमने हेल्प मांगने के लिए फ़ोन किया है। तब पल्ले पड़ा कि कॉल किसी एनजीओ की तरफ से की गयी है। अपना तमाम परिचय देने के बाद उसने कहा। कि एक 5 साल के बच्चे के दिल का ऑपरेशन होना है। जिसके लिए 65 हज़ार रुपयों की जरुरत है। मैंने जवाब में उससे बच्चे की डिटेल मांगनी चाही। मैंने कहा कि मेरी जानकारी के एक डॉक्टर साहब हैं। जो मुफ्त में उसका इलाज कर देंगे। लेकिन फिर वो लड़की डोनेशन के लिए अड़ी रही। उसने अंत में झुंझलाकर मुझसे पूछा कि सर आप मदद करोगे या नहीं। मैंने कहा मैं उस बच्चे का इलाज कराने को तैयार हूँ। आपको आर्थिक मदद नहीं दूंगा। और आपको भी इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए । मेरी बात ख़त्म होते ही कॉल भी कट चुकी थी। प्रश्न वहीँ खड़ा था सेवा परोपकार से व्यापार और अब शायद ठगी तक आ पहुचीं है। ना जाने अगला स्वरुप क्या होगा।

Watch our short film .. like and share please
07/03/2017

Watch our short film .. like and share please

Inspired by Anurag Kashyap's post. A Short film based on current issue. unnecessarily making issue of twits. social networking site are available to connect ...

राष्ट्रवाद है क्या क्षेत्रवाद का बृहद स्वरुप। मैं यूपी का तू बिहार का से जब हम परदेस में छलांग मारते हैं तो यही तू इंडिय...
24/02/2017

राष्ट्रवाद है क्या क्षेत्रवाद का बृहद स्वरुप। मैं यूपी का तू बिहार का से जब हम परदेस में छलांग मारते हैं तो यही तू इंडिया का मैं पाकिस्तान का मैं तब्दील हो जाता है। अभी किसी अन्य ग्रह पर जीवन नही मिला है। वर्ना मैं धरती का और तू उस ग्रह का तक बात पहुँच जाती। खैर खबर ये है कि अमेरिका के कैनसस में हैदराबाद के श्रीनिवास हरिभोटला को गोली मार दी गयी। सिर्फ इसलिए क्योंकि वो अमेरिका से नही भारत से ताल्लुक रखते थे। आरोपी ने उन्हें मारने के बाद कहा तुम मेरे देश से निकल जाओ। उग्र राष्ट्रवाद का ये एक विकृत उदाहरण है। इंसानियत की वयापक परिभाषा को कोई सामने नही रखना चाहता। भारत में भी राष्ट्रवाद की उग्र लहर है। देशों को बाँटना और इंसान की पहचान को पासपोर्ट में कैद कर लेना। ये बड़े महान लग सकते हैं लेकिन हैं नही। इस विश्व का कल्याण आपसी सहयोग से ही संभव है। लेकिन सियासत राष्ट्रवाद के हथियार को बखूबी इस्तेमाल करती है। इसलिए राष्ट्र के निर्माण और स्वाभिमान के लिए राष्ट्रवादी बनिए। इसलिए नही कि आपको किसी और की देशभक्ति से या देश से समस्या है।

किस्सा उनका जो सही मायनों में नायक थेमई 1942 को एडोल्फ हिटलर से मुलाकात के बाद। यह सुनिश्चित किया गया कि इन दो भारतीयों ...
23/01/2017

किस्सा उनका जो सही मायनों में नायक थे
मई 1942 को एडोल्फ हिटलर से मुलाकात के बाद। यह सुनिश्चित किया गया कि इन दो भारतीयों को जर्मनी से पूर्वी एशिया पहुँचाया जायेगा। जहाँ से उनदोनो को टोक्यो पहुँचना था। फरवरी 1943 को उतरी जर्मन बंदरगाह कील से शुरू हुई ये यात्रा डेनमार्क , नार्वे , उतरी सागर का कुछ हिस्सा और अटलांटिक महासागर को पार करके हिन्द महासागर तक 3 महीने जारी रहनी थी। पनडुब्बी के सहारे होने जा रही इस यात्रा को लेकर उनदोनो यात्रियों को पहले ही चेता दिया गया था। कि किसी भी क्षति की दशा में वे खुद इसके जिम्मेदार होंगे। जिसे उन दोनों भारतीयों ने खुल दिल से कबुल कर लिया । पूरी पनडुब्बी डीजल की दुर्गन्ध से भरी थी। यहाँ तक कि खाने की चीज़ें में भी डीजल की बू आ रही थी। मगर इस सबसे दूर उन दोनों भारतीयों को इस बात की कोई फ़िक्र ना थी। कि ये 3 महीने कैसे काटेंगे। इस पनडुब्बी को मध्य अप्रैल में मोजांबिक चैनल में जापानी पनडुब्बी से मिलना था। लेकिन दुर्भाग्यवश जब तक दोनों पनडुब्बी मिली तब तक अँधेरा गहरा चूका था। अगली सुबह मौसम बेहद खराब था। समुद्र अपने उफान पर था और किसी को बख्शने के लिए तैयार नहीं था। विपरीत माहौल में भी दोनों भारतीयों ने रबड़ की नाव और रस्सी के सहारे प्रचंड तूफान के बीच जर्मनी पनडुब्बी से जापानी पनडुब्बी के बीच का सफर तय किया। गौर करने कि बात है उस दौरान जानलेवा शार्क भी वहीँ मंडरा रही थीं। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान एक पनडुब्बी से दूसरी पनडुब्बी के बीच यात्रियों की अदला बदली का ये एकलौता मामला था। और वे दोनों वीर भारतीय जिन्होंने विपरीत हालात में अदम्य साहस का परिचय दिया वह थे नेता जी सुभाष चंद्र बोस और उनके सहायक आबिद हुसैन।

आज अवैध हथियार रखने के एक मामले में जोधपुर कोर्ट ने सलमान खान को बरी कर दिया। महज़ दो लाइनों के इस फैसले में कोर्ट में सि...
18/01/2017

आज अवैध हथियार रखने के एक मामले में जोधपुर कोर्ट ने सलमान खान को बरी कर दिया। महज़ दो लाइनों के इस फैसले में कोर्ट में सिर्फ सलमान का नाम पूछा गया और उन्हें बरी करने का आदेश सुनाया गया। हालांकि सलमान के खिलाफ मुकद्दमा दायर करने वाले विश्नोई समाज ने इस केस को ऊपरी अदालत में ले जाने के संकेत दिए हैं। बता दें कि फिल्म हम साथ साथ हैं कि शूटिंग के दौरान सलमान खान पर चिंकारा और काले हिरण को मारने से जुड़े कुल 4 मामले दर्ज हैं। जिसमे एक मामला अवैध हथियार रखने का भी था। सलमान पर आरोप है कि जिस हथियार से शिकार किया गया उसके लाईसेन्स की मियाद खत्म हो चुकी थी। इससे पहले भी निचली अदालतों ने इन मामलो में सलमान को 1 और 5 साल की सजा सुनाई थीं। लेकिन हाइकोर्ट ने सलमान को बरी कर दिया था। इसलिए बेशक विश्नोई समाज ऊपरी अदालत का दरवाज़ा खटखटाये , उम्मीद है सलमान वहां से भी राहत पा ही लेंगे

29/12/2016

#ग्लानि
पढियेगा जरूर क्योंकि अपनी सोच का निचला स्तर बताने में शायद लोगों को दिक्क्त होती होगी। लेकिन ये वाक्या मेरे लिए माफीनामे की तरह है । माफ़ी अपनी सोच के लिए। बात कल शाम की है पुरे दिन दफ्तर में काम करने के अलावा दुनियादारी का सारा ज्ञान इंटरनेट के सहारे लेकर। दिलशाद गार्डन से घर जाने के लिए बस में बैठा। बस में सीटों की बायीं पंक्ति पूरी तरह महिलाओं की थी। हालांकि प्राइवेट बसों में ये नियम कायदे नहीं होते। जिस सीट मिल जाये वही अपना हक जमा कर बैठ जाता है। दायीं पंक्ति में कोई सीट ना होने की वजह से मैं एक महिला सीट पर ही पैर पसार कर बैठ गया। बस ने जैसे ही ग़ाज़ियाबाद की तरफ चलना शुरू किया। मेरी सीट के बराबर में एक दंपति आकर खड़े हो गए। मन में आने लगा पूरी बस में इन्हें मेरी ही सीट दिखी । और भी तो लड़के लेडीज सीट घेरे बैठे हैं। उनसे जाकर सीट ले लें। मैं अपना मन बना चुका था कि मैं नहीं उठूंगा। कान में हैंड फ्री लगा कर मैं खुद में व्यस्त हो गया। तभी अचानक कंडक्टर ने धीरे से मुझे बुलाया और कहा भाई साहब बहन जी को सीट दे दें। मैं बड़े बेमन से उठा मगर उस वक़्त ग्लानि से भर गया जब पाया कि वह दम्पति देखने में असमर्थ था। महिला मेरी सीट पर बैठ गयी। लेकिन उनके पति को सीट नहीं मिल सकी। ना मैं अब खुद से नज़रे मिला पा रहा था ना और उनसे। कंडक्टर ने दरियादिली दिखाते हुए। उनसे किराया लेने से मना कर दिया। मगर वह दोनों स्वभिमान से भरे थे। उन्होंने अपना पूरा किराया दिया। उन दोनों के चेहरे पर एक तेज़ था जिसकी रौशनी मेरे मन के अंधकार को मेरी आँखों के सामने ला रही थी। मेरा स्टॉप आ गया जहाँ मुझे उतरना था। लेकिन अंत तक मैं इतनी हिम्मत नहीं जुटा सका कि उनसे क्षमा मांग सकूँ। और ना ये जान सका कि सही मायनों में नेत्रहीन है कौन ?

आज क्रिसमस है। जिसे बड़ा दिन भी कहते हैं। आज ही के दिन देश की एक बड़ी शख्सियत का भी जन्म हुआ था। जो देश के प्रधानमंत्री रह...
25/12/2016

आज क्रिसमस है। जिसे बड़ा दिन भी कहते हैं। आज ही के दिन देश की एक बड़ी शख्सियत का भी जन्म हुआ था। जो देश के प्रधानमंत्री रहे। एक ऐसे राजनेता जिनका सम्मान पूरा देश करता है। ग्वालियर में जन्मे अटल बिहारी वाजपेयी आज पूरे 92 साल के हो गए हैं। वे ऐसे नेता रहे जिनकी राजनीति का लोहा विपक्षी तक मानते थे। यहाँ तक कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू तक उनकी प्रशंसा करते थे। ऐसे वक्त में जबकि देश में कांग्रेस के अलावा किसी पार्टी का कोई खास अस्तित्व नहीं था। उस समय भी लोकसभा के भीतर वह अपने तर्को और भाषणों से सरकार की बोलती बंद कर दिया करते थे। एक कवि के तौर पर भी वह अपनी एक अलग छाप छोड़ते हैं। देश को उन जैसे नेताओं की हमेशा जरुरत रहेगी। पूर्व प्रधानमंत्री को उनके जन्म दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

किसी का नाम तैमूर हो जाने से वो बेरहम नहीं होजाता। खास तौर पर बच्चा तो कतई नहीं। बेजा बहस है महज़ नाम की। एक बच्चे का नाम...
21/12/2016

किसी का नाम तैमूर हो जाने से वो बेरहम नहीं होजाता। खास तौर पर बच्चा तो कतई नहीं। बेजा बहस है महज़ नाम की। एक बच्चे का नाम तैमूर हो जाने से भारत पर मुगलों का राज स्थापित नहीं हो जायेगा। बेशक इससे ये जरूर सिद्ध हो जाता है कि या तो हमारे सितारे इतिहास का ज्ञान नहीं रखते। या फिर महज़ पब्लिसिटी के लिए ये सब किया जा रहा है। आप और हम इस बहस में उलझकर उनके मकसद को पूरा कर रहे हैं। बच्चे का नाम क्या हो ये माँ बाप ही तय करते हैं। अब वो उसका नाम तैमूर रखें या जयचंद । ये उनकी दिक्क्त है हमारी नहीं।

Like nd subscribe our channel
17/12/2016

Like nd subscribe our channel

Address

IIMMI, Delhi
Delhi
110009

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when SPARK chipmunks posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category