17/03/2017
#मदद
हली घनघनाहट पर ही मैंने फ़ोन उठा लिया। पहले तो मुझे लगा कि किसी बीमा कम्पनी का फ़ोन है। लेकिन दुबारा जब उस लड़की दोहराया कि हमने हेल्प मांगने के लिए फ़ोन किया है। तब पल्ले पड़ा कि कॉल किसी एनजीओ की तरफ से की गयी है। अपना तमाम परिचय देने के बाद उसने कहा। कि एक 5 साल के बच्चे के दिल का ऑपरेशन होना है। जिसके लिए 65 हज़ार रुपयों की जरुरत है। मैंने जवाब में उससे बच्चे की डिटेल मांगनी चाही। मैंने कहा कि मेरी जानकारी के एक डॉक्टर साहब हैं। जो मुफ्त में उसका इलाज कर देंगे। लेकिन फिर वो लड़की डोनेशन के लिए अड़ी रही। उसने अंत में झुंझलाकर मुझसे पूछा कि सर आप मदद करोगे या नहीं। मैंने कहा मैं उस बच्चे का इलाज कराने को तैयार हूँ। आपको आर्थिक मदद नहीं दूंगा। और आपको भी इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए । मेरी बात ख़त्म होते ही कॉल भी कट चुकी थी। प्रश्न वहीँ खड़ा था सेवा परोपकार से व्यापार और अब शायद ठगी तक आ पहुचीं है। ना जाने अगला स्वरुप क्या होगा।