02/09/2026
✈️ 7 साल से पायलट बनने का सपना अधूरा!
हरियाणा के महेंद्रगढ़ की प्रीति का कहना है कि वह साल 2019 से करनाल फ्लाइंग क्लब में नियमित छात्रा हैं, लेकिन 2026 तक उनकी फ्लाइंग ट्रेनिंग पूरी नहीं हो पाई।
प्रीति का आरोप है कि उन्हें लगातार फ्लाइंग ट्रेनिंग में देरी का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, पिछले साल उन्हें महज 10–12 घंटे की फ्लाइंग मिली, जबकि कई अन्य छात्रों को सालभर में करीब 100 घंटे तक ट्रेनिंग का अवसर मिला। उनका दावा है कि उनके बाद दाखिला लेने वाले कई छात्र आज एयरलाइंस तक पहुंच चुके हैं।
प्रीति ने यह भी आरोप लगाया कि वह SC समुदाय से हैं और केंद्र सरकार की स्कॉलरशिप पर पढ़ रही हैं, जिसके चलते उनके साथ पीछे से भेदभावपूर्ण बातें की जाती हैं और ट्रेनिंग में देरी की जाती है।
⚠️ हालांकि, ये प्रीति के आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
सबसे चिंता की बात यह है कि प्रीति अब 34 साल की हो चुकी हैं। उनका सवाल है—CPL कब पूरा होगा और उसके बाद की जरूरी ट्रेनिंग कब होगी? करियर की उम्र निकलती जा रही है और सपना आज भी अधूरा है।
अगर किसी संस्थान में जाति या किसी अन्य आधार पर भेदभाव हो रहा है, तो उसकी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही बेहद जरूरी है।
आरोप सही हैं या नहीं, इसका फैसला जांच से होना चाहिए—लेकिन किसी छात्र की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।