28/05/2026
नालंदा यूनिवर्सिटी को किसने जलाया? | Nalanda University Destruction Story | Bakhtiyar Khilji Truth
आखिर किसने और क्यों जला दी थी नालंदा यूनिवर्सिटी? प्राचीन भारत का Nalanda University सिर्फ एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में ज्ञान और शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता था। लेकिन 12वीं सदी में हुए एक हमले ने इसे हमेशा के लिए तबाह कर दिया। कहा जाता है कि तुर्क सेनापति Bakhtiyar Khilji गंभीर रूप से बीमार पड़ गया था। उसके हकीम इलाज नहीं कर पाए, तब उसे नालंदा के आयुर्वेदाचार्य राहुल श्रीभद्र के पास ले जाया गया। कथाओं के मुताबिक आचार्य ने बिना दवा खिलाए उसे ठीक कर दिया। बताया जाता है कि इस घटना के बाद खिलजी भारतीय ज्ञान और विद्वानों से जलने लगा। इसी गुस्से में उसने साल 1193 के आसपास Nalanda University पर हमला कर दिया। हजारों बौद्ध भिक्षुओं और शिक्षकों की हत्या कर दी गई और विशाल पुस्तकालय ‘धर्मगंज’ को आग के हवाले कर दिया गया। इतिहासकारों के अनुसार वहां लाखों पांडुलिपियां थीं और आग कई महीनों तक जलती रही। हालांकि इलाज वाली कहानी को कई इतिहासकार लोककथा मानते हैं, लेकिन Nalanda University Destruction को भारतीय इतिहास की सबसे बड़ी शैक्षणिक त्रासदियों में गिना जाता है।
इस वीडियो में जानिए:
- नालंदा यूनिवर्सिटी की असली कहानी
- बख्तियार खिलजी ने क्यों किया हमला?
- क्या सच में महीनों तक जलती रही थी लाइब्रेरी?
- इतिहासकार क्या कहते हैं?
- भारत के सबसे बड़े ज्ञान केंद्र का दर्दनाक अंत
पूरा वीडियो देखें और जानें भारतीय इतिहास की सबसे रहस्यमयी और दर्दनाक घटनाओं में से एक की पूरी कहानी।
Who destroyed Nalanda University and why was it burned down? Ancient India’s Nalanda University was not just a university, but one of the world’s greatest centers of knowledge and education. However, a devastating attack in the 12th century changed its history forever.