21/04/2026
#भारतविमर्श
जिन्हें आश्चर्य होता है, उन्हें इस देश के बारे में कुछ मालूम नहीं !! जो ट्रेनें बंगाल, बिहार या आस l-पास के क्षेत्रों से रवाना होती हैं, जनरल या थ्री टायर में एक एक मुल्ला या कहिये उस्ताद के साथ 50-50 बच्चे पूरी मुस्लिम भेषभूषा में मिलते हैं... आप बच्चों से कुछ पूछने की कोशिश करो कि कहाँ के हो, अब्बा का नाम क्या है, कहाँ और क्यों जा रहे हो... बच्चे किसी कीमत बोल कर नहीं देंगे... बस बच्चे मौलवी को ढूँढ कर सूचना दे देते हैं कि फलाना शख्स पूछताछ कर रहा है...
मौलवी कुरेदने पर बताता है कि यह बच्चे पूर्णिया, अररिया या वीरभूमि इत्यादि के हैं जो इस्लामी तालीम लेने सहारनपुर, देहरादून, अल्मोड़ा, अमरोहा, जबलपुर, रत्नागिरी, जम्मू, हिमाचल या औरंगाबाद इत्यादि शहरों के मदरसों में जा रहे हैं... कोई इनसे यह नहीं पूछता कि अपने शहर और राज्य से डेढ़ हजार किलोमीटर दूर ऐसे कौन से मदरसें हैं जो 100-200 बच्चों को निःशुल्क रख लेते हैं, कपड़ा, किताबें, भोजन और रहने की व्यवस्था कौन और क्यों कर रहा है ! लाखों मुस्लिम बच्चे वाकायदा साफ-सुथरे इस्लामी कपड़ों, जालीदार टोपी पहने आपकी ट्रेनों में मिल जाएंगे, यह एक मास मूवमेंट है.... यही नहीं, अब तो इस मकसद के लिए चार्टेड बसें भी खूब दिखती हैं, हाइवे पर बस रोकर खाना खाते, लैट्रिन-पेशाब करते यह किशोर आपको मिल जाएंगे !
आपको मालूम नहीं कि उत्तराखंड, यूपी, हिमाचल जैसे राज्य कैसे बर्बाद हो गए... नैनिताल, हिमाचल, देहरादून से लेकर चीन-नेपाल बार्डर पर तक मस्जिद, मदरसे, ईदगाह बनाने वाले यही तथाकथित मासूम बच्चे हैं... इन्हें स्थानीय जिहादी नेताओं और इस्लामिक इको-सिस्टम का पूरा सपोर्ट मिलता है... जिससे 17-18 के होते होते ये अपने जिहादी मकसद में कामयाब हो जाते हैं...
स्थानीय लोग और सब राज्य सरकारें ध्यान दें...
ये गुप्त इस्लामिक एजेंडे का मसला बहुत गम्भीर है.
आज जहां पूरी दुनियाँ की ऑंखें खुल रही हैं, वहीँ कट्टर सनातन तथा हिन्दू विरोधी और देशद्रोही कॉंग्रेस का पिछवाड़ा चाटने वाले दोगले, बिकाऊ, लालची, स्वार्थी, हिजड़े और भाइचारे की गान चाटने वाले कायर, सेक्युलर, नपुंसक, चमचे सो रहे हैं.... IMKB
अब तो लोगों की समझ में आ जाना चाहिए--
**साभार-संकलित-आंशिक-सम्पादित-नरेन्द्र**