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Deo समझनी है जिंदगी तो पिछे देखो, जीनी है जिंदगी तो आगे देखो…
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10/01/2026

Girls are the goddesses of the home - this truth has been proven. 🙏🏻🥹

यह रहा एक रोमांचक और दिलचस्प हिंदी कहानी:  --- # # # **रहस्यमयी हवेली का राज**  शहर से दूर, घने जंगलों के बीच एक पुरानी,...
02/01/2026

यह रहा एक रोमांचक और दिलचस्प हिंदी कहानी:
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# # # **रहस्यमयी हवेली का राज**
शहर से दूर, घने जंगलों के बीच एक पुरानी, खंडहर जैसी हवेली खड़ी थी। लोग कहते थे कि वहाँ अजीब घटनाएँ होती हैं। कुछ ने वहाँ से डरावनी आवाज़ें सुनी थीं, तो कुछ ने दावा किया था कि उन्होंने हवेली की खिड़कियों से परछाइयाँ देखी थीं।
# # # **राहुल और उसकी जिज्ञासा**
राहुल को रहस्यमयी जगहों के बारे में जानने का बहुत शौक था। जब उसने हवेली के बारे में सुना, तो उसकी उत्सुकता बढ़ गई। उसके दोस्त चेतन, पायल और समीर ने उसे समझाने की बहुत कोशिश की कि वहाँ जाना खतरे से खाली नहीं है, पर राहुल ने ठान लिया था कि वह इस रहस्य से पर्दा उठाकर रहेगा।
एक दिन, बिना किसी को बताए, राहुल ने हवेली में जाने की योजना बनाई। आधी रात को, एक टॉर्च और मोबाइल लेकर वह जंगल की तरफ निकल पड़ा।
# # # **हवेली के अंदर**
हवेली के पास पहुँचते ही उसे ठंडी हवा का झोंका महसूस हुआ। चारों ओर अजीब-सा सन्नाटा था। दरवाजा हल्के से धक्का देते ही चरमराने की आवाज़ के साथ खुल गया। अंदर घुप्प अंधेरा था। उसने टॉर्च जलाकर इधर-उधर देखा।
हॉल में पुरानी पेंटिंग्स टंगी थीं, जिन पर धूल जमी थी। दीवारों पर मकड़ी के जाले थे और फर्श पर टूटी हुई लकड़ियाँ बिखरी थीं। अचानक, उसे एक हल्की सरसराहट सुनाई दी। वह चौंका, लेकिन खुद को संभालते हुए आगे बढ़ा।
# # # **रहस्यमयी परछाई**
राहुल धीरे-धीरे सीढ़ियों से ऊपर चढ़ने लगा। तभी उसे एक परछाई दिखी जो तेजी से एक कमरे में चली गई। राहुल की धड़कन तेज हो गई, पर उसने हिम्मत नहीं हारी। वह उस कमरे की ओर बढ़ा और दरवाजा खोला।
कमरे में एक पुरानी अलमारी थी, एक टूटा हुआ झूला और दीवार पर एक पुरानी तस्वीर टंगी थी। तस्वीर में एक परिवार था—एक आदमी, एक औरत और एक बच्चा। अचानक, हवा का एक झोंका आया और तस्वीर ज़मीन पर गिर गई।
राहुल ने अलमारी खोलने की कोशिश की, लेकिन वह जाम थी। तभी उसे पीछे से किसी के सांस लेने की आवाज़ सुनाई दी। उसने तुरंत मुड़कर देखा, पर वहाँ कोई नहीं था।
# # # **छुपा हुआ दरवाजा**
राहुल अलमारी के पास गया और ज़ोर से धक्का दिया। तभी अलमारी के पीछे एक गुप्त दरवाजा दिखा। राहुल ने उसे खोला और अंदर झाँका।
कमरा एक तहखाने में खुलता था। वहाँ कुछ पुराने सामान रखे थे और एक मेज पर ढेर सारे कागज़ फैले थे। एक डायरी पड़ी थी, जिस पर धूल की मोटी परत जमी थी।
राहुल ने उसे उठाया और पहला पन्ना खोला। लिखा था:
*"यदि कोई यह डायरी पढ़ रहा है, तो उसे यह जान लेना चाहिए कि इस हवेली में कुछ रहस्य छुपे हैं। मैं इसे उजागर करना चाहता था, पर शायद अब मैं यह कभी नहीं कर पाऊँगा।"*
राहुल ने पन्ने पलटने शुरू किए। डायरी के अनुसार, यह हवेली कभी राजा विक्रम सिंह की थी। उनके पास एक बहुमूल्य हीरा था, जिसे ‘नवरत्न मणि’ कहा जाता था। कहा जाता था कि वह हीरा इतना शक्तिशाली था कि जो भी उसे छूता, उसकी किस्मत बदल जाती। लेकिन एक दिन वह हीरा रहस्यमय तरीके से गायब हो गया, और उसी के बाद राजा भी लापता हो गए।
# # # **भूत या कोई और?**
राहुल जब डायरी पढ़ रहा था, तभी अचानक किसी के पैरों की आहट सुनाई दी। वह तेजी से मुड़ा, लेकिन कुछ नहीं दिखा। अचानक दरवाजा खुद-ब-खुद बंद हो गया। राहुल ने दरवाजा खोलने की कोशिश की, पर वह अंदर से लॉक हो चुका था।
तभी एक धीमी आवाज़ आई, "तुम्हें यहाँ नहीं आना चाहिए था!"
राहुल का दिल तेज़ी से धड़कने लगा। उसने टॉर्च चारों ओर घुमाई। तभी एक छाया उसके सामने आई। वह डर के मारे पीछे हट गया।
"क-कौन हो तुम?" राहुल ने डरते हुए पूछा।
परछाई धीरे-धीरे पास आई, और अब राहुल को स्पष्ट दिखा—यह कोई भूत नहीं बल्कि एक बूढ़ा आदमी था।
# # # **राज़ का पर्दाफाश**
बूढ़े आदमी ने धीरे से कहा, "मैं इस हवेली का चौकीदार हूँ। सालों पहले, राजा विक्रम सिंह ने इस हीरे को बचाने के लिए इसे तहखाने में छिपा दिया था। लेकिन कुछ चोर इसे चुराने आ गए। राजा ने उन्हें रोकने की कोशिश की, पर वह खुद ही इस तहखाने में फँस गए। तभी से यह हवेली सुनसान पड़ी है।"
"लेकिन लोग कहते हैं कि यहाँ भूत हैं?" राहुल ने पूछा।
बूढ़ा हँसा, "यह सिर्फ अफवाहें हैं। लोगों को डराने के लिए ही ये कहानियाँ फैलाई गई हैं, ताकि कोई इस हीरे तक न पहुँचे।"
राहुल ने चारों ओर देखा। उसे एक पुरानी तिजोरी दिखी। बूढ़े आदमी ने एक चाबी निकाली और तिजोरी खोली। अंदर एक छोटा-सा डिब्बा रखा था। जब बूढ़े ने उसे खोला, तो अंदर चमचमाता हुआ 'नवरत्न मणि' रखा था।
"अब यह क्या होगा?" राहुल ने पूछा।
"इसे सरकार को सौंपा जाएगा, ताकि यह सही हाथों में रहे," बूढ़े ने कहा।
राहुल मुस्कुराया। उसने हवेली के सबसे बड़े रहस्य से पर्दा उठा दिया था। अगली सुबह, उसने पुलिस को सूचना दी, और 'नवरत्न मणि' को संग्रहालय में सुरक्षित रख दिया गया।
राहुल ने साबित कर दिया कि कभी-कभी डर सिर्फ मन का वहम होता है, और हिम्मत से हर रहस्य सुलझाया जा सकता है।
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**समाप्त!** 😊

श्याम जी को शाम का नमस्कार 🙏                   #देशधर्मशालानहीं    #राष्ट्रप्रथम  #पहचानपत्र  #कानून    #नागरिकता    #भा...
02/01/2026

श्याम जी को शाम का नमस्कार 🙏



#देशधर्मशालानहीं #राष्ट्रप्रथम #पहचानपत्र #कानून #नागरिकता #भारत

ये घटना झारखंड के धनबाद जिला का है... क्या ये 100 करोड़ हिंदुओं के आस्था का अपमान नहीं है? मै हिंदूवादी संगठनों से पूछना...
02/01/2026

ये घटना झारखंड के धनबाद जिला का है...
क्या ये 100 करोड़ हिंदुओं के आस्था का अपमान नहीं है?
मै हिंदूवादी संगठनों से पूछना चाहते है कि आपलोग क्या कर रहे है?
इन mc पर अभी तक FIR क्यों नहीं हुई है?
समाज में जो नफ़रत का बीज इन नीले कबूतरों द्वारा बोया जा रहा है न वो एक दिन सकपाल तक जाएगी 👍
पुलिस प्रशासन जल्द से जल्द FIR दर्ज़ करके इसे जेल भेजे 🙏

🇮🇳 क्या देश में रहने के लिए सबूत दिखाना गलत है? 🤔एक रात अगर हमें किसी होटल में ठहरना हो, तो अपनी पहचान (ID) साबित करने क...
12/12/2025

🇮🇳 क्या देश में रहने के लिए सबूत दिखाना गलत है? 🤔
एक रात अगर हमें किसी होटल में ठहरना हो, तो अपनी पहचान (ID) साबित करने के लिए दस्तावेज़ दिखाना ज़रूरी होता है—आधार कार्ड, पासपोर्ट या कोई अन्य प्रमाण। यह एक सामान्य प्रक्रिया है जिस पर हम कभी सवाल नहीं उठाते।

तो फिर, जब बात अपने राष्ट्र में स्थाई रूप से निवास करने की आती है, तो क्या यहाँ की नागरिकता और कानूनी पहचान साबित करने के लिए प्रमाण (Proof) दिखाना अनुचित या गलत हो सकता है?

यह एक ऐसा प्रश्न है जो अक्सर राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन जाता है। देश केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं है, बल्कि यह अपने नागरिकों द्वारा बनाए गए नियमों, अधिकारों और ज़िम्मेदारियों का एक संग्रह है। कई लोगों का तर्क है कि जिस प्रकार हर संपत्ति या सेवा के लिए एक मालिक या वैध उपयोगकर्ता होता है, उसी प्रकार देश के संसाधनों और अधिकारों के लिए वैध नागरिकों का सत्यापन आवश्यक है। उनका मानना है कि यह देश की सुरक्षा, योजना और संसाधनों के उचित वितरण के लिए महत्वपूर्ण है।

दूसरी ओर, कई समूह पहचान प्रमाण की माँग को एक बोझिल प्रक्रिया या सामाजिक रूप से वंचित लोगों के लिए एक चुनौती के रूप में देखते हैं, जो उन्हें उनके मूलभूत अधिकारों से वंचित कर सकती है।

लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि देश कोई धर्मशाला नहीं है। यह एक संप्रभु इकाई है। आपका इस पर क्या मत है? क्या राष्ट्रीय पहचान का प्रमाण उतना ही आवश्यक है जितना होटल में प्रवेश का प्रमाण? अपनी उपस्थिति और विचार कमेंट में दर्ज करें!

#नागरिकता #राष्ट्रप्रथम #देशधर्मशालानहीं #पहचानपत्र #भारत #कानून

R. Madhavan, Give him any role…He transforms it into a masterclass in acting 🔥Kesari 2, Shaitan and now DhurandharHe’s n...
08/12/2025

R. Madhavan, Give him any role…
He transforms it into a masterclass in acting 🔥

Kesari 2, Shaitan and now Dhurandhar

He’s not just performing—
He’s commanding and elevating every single frame ❤️

पावर स्टार को मिली धमकीलॉरेंस बिश्नोई सेसलमान खान के शो बिग बॉस में न जाने की दी सलाह
07/12/2025

पावर स्टार को मिली धमकी
लॉरेंस बिश्नोई से
सलमान खान के शो बिग बॉस में न जाने की दी सलाह

07/12/2025

Dhuuurrrandhaaar
Is back 1

07/12/2025

Dhuuurrrandhaaar
Is back 3

07/12/2025

Dhuuurrrandhaaar
Is back 2

New Post 💞🎉....🥺🙏🙏Jammu and Kashmir’s armless archer and Paralympics medallist Sheetal Devi edged out quadruple amputee ...
07/12/2025

New Post 💞🎉....
🥺🙏🙏
Jammu and Kashmir’s armless archer and Paralympics medallist Sheetal Devi edged out quadruple amputee Payal Nag of Odisha to win the gold in a much-anticipated clash of the Khelo India Para Games on Sunday.

In the battle between two teenagers, defending champion Sheetal came from behind to successfully bag her second gold medal of the Games at the Jawaharlal Nehru Stadium.

Pitted against the 17-year-old Payal, Sheetal, 18, triumphed 109-103 in their compound open final match.

Current Issue:
Payal lost all four limbs due to electrocution when she was a child, and she now shoots with prosthetic legs.

The sunny conditions in the national capital did not deter the competitive spirit of the archers, as 40-year-old Rakesh Kumar and 30-year-old Jyoti Baliyan also won gold medals in their respective events.

Jharkhand’s Vijay Sundi beat Haryana’s Vikas Bhakar 6-4 in the men’s recurve open gold medal match, while Haryana’s Pooja won the women’s recurve open gold after defeating Maharashtra’s Rajshri Rathod 6-4.

All eyes were on the women’s compound gold medal match between Sheetal and Payal.

Sheetal started with scores of 8 and 7, while Payal began with double 10s. However, Payal lost the upper hand in the third round, shooting a 7 for the first time, while Sheetal returned to her consistent best of 9s.
and 10s. The deciding fifth round saw Sheetal clinching the gold.

"Firstly, Payal played very well in the final, and with her continuous hard work, she will definitely get a medal for India soon. Personally, I am grateful for all the blessings bestowed by Mata Rani that I won my second gold medal at the Khelo India Para Games," Sheetal told SAI Media.

The soft-spoken Payal spoke about the technical aspects of the sport in her first Khelo India Para Games.

"Earlier, I used to shoot arrows with two devices in my prosthetic legs, but now I’m shooting with just one leg. It was difficult to adjust, but I still reached the final despite the discomfort, and there were also a lot of windy conditions today. But I am happy to have competed in the final and to have won the silver," she said.

As per her coach, Kuldeep Vedwan, Payal got a new dev

अब आपके  #देवरिया शहर में  #नौकरी ही नौकरी। fans
03/12/2025

अब आपके #देवरिया शहर में #नौकरी ही नौकरी।
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