10/08/2026
अवैध कॉलोनियों पर निगम का बुलडोजर एक्शन!
निर्माण किया तो तत्काल टूटेगा—निगमायुक्त के सख्त निर्देश, पुलिस FIR भी होगी
देवास। शहर में अवैध कॉलोनियों के बढ़ते निर्माण पर अब नगर निगम ने सख्त रुख अपना लिया है। निगमायुक्त दलीप कुमार ने सोमवार को अधिकारियों की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध कॉलोनियों में किसी भी प्रकार का नया निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि प्रतिबंध के बावजूद निर्माण होता है तो उसे तत्काल तोड़ा जाए और संबंधित के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
निगमायुक्त के इस निर्देश के बाद अवैध कॉलोनियों में निर्माण करने वाले कॉलोनाइजरों और भवन निर्माताओं पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। खास बात यह है कि अब केवल नोटिस देकर कार्रवाई को लंबित रखने के बजाय निर्माण होते ही उसे तोड़ने और पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
‘निर्माण हुआ तो तत्काल तोड़ें’—अधिकारियों को दो टूक निर्देश
सोमवार को निगम बैठक हाल में समयावधि पत्रों और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा के दौरान अवैध कॉलोनियों का मुद्दा भी सामने आया। इस दौरान निगमायुक्त ने उपयंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध कॉलोनी में किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं होना चाहिए।
यदि कोई व्यक्ति या कॉलोनाइजर अवैध कॉलोनी में निर्माण करता है तो संबंधित निर्माण को तत्काल हटाने/तोड़ने की कार्रवाई की जाए। साथ ही मामले में पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
अब सवाल—कहां-कहां हो रहा है अवैध निर्माण?
निगम के इस सख्त आदेश के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर और आसपास की किन-किन अवैध कॉलोनियों में वर्तमान में निर्माण कार्य चल रहे हैं? क्या निगम की टीम मौके पर जाकर इन निर्माणों की पहचान करेगी? और क्या कार्रवाई वास्तव में निर्माण शुरू होते ही होगी या फिर मामला नोटिस तक ही सीमित रहेगा?
यह आदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अवैध कॉलोनियों में बिना वैधानिक अनुमति के सड़क, नाली, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था के बिना प्लॉट बेचने और निर्माण कराने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं।
सिर्फ अवैध निर्माण नहीं, निगम की लंबित शिकायतों पर भी फोकस
बैठक में निगमायुक्त ने सीएम हेल्पलाइन, महापौर हेल्पलाइन और समयावधि पत्रों के लंबित मामलों की भी समीक्षा की। सभी उपयंत्रियों को एक सप्ताह के भीतर सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
नल कनेक्शन और सीवरेज कनेक्शन के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों को सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए।
आवारा मवेशियों पर भी कार्रवाई के निर्देश
सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशाला पहुंचाने के लिए गठित टीम के कर्मचारियों को दिए गए आदेशों का पालन नहीं करने पर निगमायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए गए कि आदेशों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाए।
मैरिज गार्डनों से टैक्स और कचरा शुल्क की वसूली पर जोर
बैठक में मैरिज गार्डनों के संपत्तिकर खातों की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने संपत्तिकर और कचरा संग्रहण शुल्क की वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन मैरिज गार्डनों से कचरा संग्रहण शुल्क जमा नहीं हो रहा है, उन्हें सूचना पत्र जारी करने को कहा गया।
इसके अलावा अमृत हरित अभियान के तहत लगाए जा रहे पौधों की जानकारी लेकर उन्हें पोर्टल पर अपडेट करने, सड़क संकेतकों और स्मार्ट फिश कॉर्नर के कार्य जल्द पूरे करने तथा जीर्ण-शीर्ण भवनों के संबंध में जारी नोटिस पर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
अब देखना होगा—कागज से जमीन तक कब पहुंचेगा आदेश?
अवैध कॉलोनियों में निर्माण तोड़ने और FIR दर्ज कराने का निगमायुक्त का निर्देश निश्चित तौर पर सख्त है। लेकिन असली परीक्षा अब मैदानी कार्रवाई की होगी। शहर में यदि वास्तव में अवैध कॉलोनियों में निर्माण चल रहा है तो निगम की टीमें कितनी तेजी से मौके पर पहुंचती हैं और कितने निर्माणों पर कार्रवाई होती है, यह देखने वाली बात होगी।
TIMES MP की नजर अब इस बात पर रहेगी कि निगम के आदेश के बाद देवास में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई कब और कहां से शुरू होती है।