10/11/2025
भाइयो और बहनो,
ढाका की सरज़मीन हमेशा इंसाफ़ और इज़्ज़त की लड़ाई लड़ती आई है। यहाँ की मिट्टी ने हमेशा उन लोगों को सिर-आंखों पर बिठाया है जो सच बोलने की हिम्मत रखते हैं, और हर मज़हब का बराबर आदर करते हैं।
आज वही वक्त फिर से आ गया है,कौन है जो आपके साथ खड़ा है, और कौन है जो सिर्फ़ आपके वोट से अपनी कुर्सी की सीढ़ियाँ बनाना चाहता है, ये पहचानना ज़रूरी है।
असदुद्दीन ओवैसी साहब का नाम किसी अमन तोड़ने वाले नेता का नहीं, बल्कि अमन कायम रखने वाले सिपाही का है।
वो हिंदू-मुस्लिम, सवर्ण-पिछड़ा की बात नहीं करते, वो बात करते हैं बराबरी, इंसाफ़ और हक़ की।
वो इस देश के उस सेक्युलर तबके की आवाज़ हैं, जो संविधान को सिर्फ़ किताब में नहीं, ज़िन्दगी में उतारना चाहता है।
जो लोग मज़हब के नाम पर वोट मांगते हैं,
जो नफ़रत का बाज़ार लगाकर अपने घरों में सुख-चैन खरीदते हैं,
उन्हें इस बार ढाका की जनता को सबक सिखाना है।
मजलिस (AIMIM) किसी मज़हब की दुकान नहीं है,
ये मज़लूमों की आवाज़ है,चाहे वो किसी भी मज़हब, जात या तबके से हों।
और इस आवाज़ को बुलंद करने वाले हैं असदुद्दीन ओवैसी साहब।
इसलिए मैं ढाका की अवाम से कहता हूँ,
डर के नहीं, शराफ़त और इज़्ज़त के साथ वोट दो।
वोट दो उस पार्टी को जो साम्प्रदायिकता नहीं, संविधान की बात करती है।
वोट दो मजलिस (AIMIM) को,ताकि ढाका का नाम नफ़रत नहीं, नज़ीर बने।
ढाका बोलेगा, इंसाफ़ की तरफ़, ओवैसी साहब के साथ।
वोट दो AIMIM (क्रमांक संख्या 8, पतंग छाप) को,
ताकि असदुद्दीन ओवैसी के हाथ मजबूत हों और सेक्युलर सियासत मज़बूत बने।