19/02/2026
धमतरी । आदिवासी बाहुल्य वाले नगरी (धमतरी) के सुखराम नागे कॉलेज में छात्रों का यह गुस्सा पूरी तरह जायज़ प्रतीत होता है।
छात्रों का आरोप है कि वे अपनी मेहनत की कमाई से साल भर की फीस भरते हैं और 4-5 वर्षों तक पढ़ाई करते हैं, लेकिन जब कॉलेज में कोई उत्सव आयोजित होता है, जो मूलतः छात्रों के लिए होता है, तब नेता-मंत्री और शिक्षकों के रिश्तेदार आकर भोजन कर लेते हैं, जिससे कई छात्र भोजन से वंचित रह जाते हैं।
यदि ऐसा हो रहा है, तो यह निश्चित ही कॉलेज प्रशासन की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। ऐसे मामलों में प्रशासन को पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो।