08/09/2026
सिजुआ में भू-धसान से 9 वर्षीय बच्चे की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल; मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन
कतरास : बाघमारा विधानसभा क्षेत्र के जोगता थाना अंतर्गत सिजुआ 10 नंबर के तीन पटिया टोला में मंगलवार की सुबह भू-धसान की घटना में एक 9 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि एक किशोरी समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पुलिस और बीसीसीएल प्रबंधन के अधिकारी मौजूद हैं।
मृतक की पहचान गड्डू भुइयां के 9 वर्षीय पुत्र विक्रम कुमार के रूप में हुई है। वहीं, घटना में गड्डू भुइयां की 16 वर्षीय पुत्री पूजा कुमारी, 12 वर्षीय पुत्री आरती कुमारी और पत्नी चंदा भुइनी गंभीर रूप से घायल हुई हैं। घायलों को पहले कतरास ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए धनबाद भेजा गया। बताया जा रहा है कि घायलों में एक की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
परिजनों के अनुसार, सुबह अचानक जोरदार आवाज हुई। आवाज सुनकर जब वे घर से बाहर निकले तो पता चला कि उनका घर पूरी तरह जमींदोज हो गया है और परिवार के सदस्य मलबे में दब गए हैं। स्थानीय लोगों की मदद से रस्सी के सहारे दबे लोगों को बाहर निकाला गया।
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग को सिजुआ मोड़ के पास टायर जलाकर जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीण मृतक के परिजनों को मुआवजा देने, घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन जारी था।
घटनास्थल और आसपास के प्रभावित क्षेत्र को बीसीसीएल प्रबंधन एवं पुलिस ने घेराबंदी कर दिया है। बताया जा रहा है कि भू-धसान से पूरी बस्ती प्रभावित हुई है। खतरे को देखते हुए कई परिवार अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं।
बाघमारा विधायक शरद महतो ने घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि अवैध खनन के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस और प्रबंधन की लापरवाही को भी घटना का कारण बताया।
वहीं, पार्षद छोटू सिंह ने कहा कि कंपनी के समय कोयला खनन के बाद बालू भराई नहीं किया जाना भू-धसान की बड़ी वजह हो सकता है।
पीड़ित महिलाओं ने प्रशासन और प्रबंधन से सभी प्रभावित परिवारों को एक स्थान पर सुरक्षित रूप से बसाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से जान-माल की क्षति न हो।
इधर, मुडी़डीह परियोजना पदाधिकारी संतोष कुमार चौधरी ने कहा कि राहत एवं बचाव कार्य के साथ-साथ सभी प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की दिशा में प्रबंधन आवश्यक कार्रवाई करेगा।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और ग्रामीण दोषियों पर कार्रवाई तथा उचित मुआवजे की मांग पर अड़े हुए हैं।