05/09/2026
#दुमका। प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. यू.एस. आनंद सहित 18 शिक्षकों को 'संताल एक्सप्रेस' ने राधाकृष्णन श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान से नवाजा। सर्किट हाउस में भावुक कर देने वाला शिक्षक सम्मान समारोह-2026, प्राथमिक से महाविद्यालय तक के गुरुजनों को मिला सम्मान।
दुमका। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाला माध्यम नहीं, बल्कि अपने ज्ञान की मशाल से पीढ़ियों का भविष्य गढ़ने वाला शिल्पकार होता है। इसी भाव को केंद्र में रखकर संताल परगना के प्रमुख संताली-हिंदी दैनिक 'संताल एक्सप्रेस' की ओर से शनिवार को शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह-2026 का भव्य आयोजन किया गया। दुमका स्थित सर्किट हाउस के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित इस समारोह की सबसे विशेष उपलब्धि रही प्रसिद्ध साहित्यकार, 'अपूर्व्या' हिंदी राष्ट्रीय मासिक पत्रिका के संपादक एवं सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. यू.एस. आनंद का सम्मान, जिन्हें शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र देकर विशेष रूप से अलंकृत किया गया। उनके साथ शिक्षा, उच्च शिक्षा, ग्रामीण शिक्षा, संगीत एवं कला के क्षेत्र में वर्षों से दीये की तरह जलकर रोशनी बांटने वाले कुल 18 शिक्षकों को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
समारोह में प्राथमिक विद्यालय से लेकर मध्य, उच्च विद्यालय, महाविद्यालय, संगीत और कला के क्षेत्र से जुड़े शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को सम्मान का यह गौरव प्रदान किया गया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण बना कि समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे मूल्यवान है और उनके अनथक योगदान को पहचान देना पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीत कुमार मुख्य अतिथि तथा जिला खेल पदाधिकारी तूफान पोद्दार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता 'संताल एक्सप्रेस' के स्थानीय संपादक चुंडा सोरेन 'सिपाही' ने की, जबकि संचालन और धन्यवाद ज्ञापन की जिम्मेदारी साहित्य संपादक अशोक सिंह और ब्यूरो प्रभारी एसके सुमन ने बखूबी निभाई। अतिथियों एवं शिक्षकों का हार्दिक स्वागत-अभिनंदन किया गया।
समारोह में गूंजे वक्ताओं के स्वर में यह संदेश स्पष्ट झलका कि शिक्षक न केवल दिशा देते हैं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र को गढ़ने का पवित्र कार्य भी करते हैं। बदलते दौर में शिक्षा की जिम्मेदारी और व्यापक हुई है, ऐसे में शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों को सार्वजनिक मंच पर सम्मान देना नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का दीपस्तंभ बनता है।
इन शिक्षकों को मिला डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन श्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार
प्रसिद्ध साहित्यकार, 'अपूर्व्या' हिंदी राष्ट्रीय मासिक पत्रिका के संपादक एवं सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. यू.एस. आनंद, प्रियदर्शनी देहरी (दुमका), कुसुम बास्की (कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, गोपीकांदर), विभा कुमारी (पीएमएस सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, दुमका), पूनम कुमारी (काठीकुंड), मोनी माला सिंह (संगीत शिक्षिका, ज्ञान वाटिका स्कूल, रसिकपुर), डॉ. रुपम श्रीवास्तव (मयूराक्षी कॉलेज, रानेश्वर), डॉ. कौशल कुमार (प्राचार्य, संथाल आवासीय विद्यालय, मसलिया), निर्मल सिंह (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय लकरजोरिया, जामा), तेज नारायण राय (सहायक अध्यापक, जामा), डॉ. मेरी मार्गरेट टुडू (प्राचार्य, मॉडल कॉलेज, विजयपुर), ऋतुराज (संगीत शिक्षक, झारखंड कला केंद्र), डॉ. अजीत कुमार (प्रभारी प्राचार्य, +2 उच्च विद्यालय, जामा), महेंद्र प्रसाद साह (सेवानिवृत्त शिक्षक), ऊंकार नाथ मिश्र (शिक्षक, सरैयाहाट), डॉ. हनीफ (सहायक प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग, संताल परगना महिला महाविद्यालय), रघुनाथ हाँसदा 'चिलबिन्धा' (शिक्षक) और डॉ. होलिका कुमारी मरांडी (सहायक प्रोफेसर, संताली विभाग, संताल परगना कॉलेज, दुमका)।
समारोह में शिक्षकों, शिक्षाविदों और गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सम्मानित शिक्षकों ने 'संताल एक्सप्रेस' की इस सराहनीय पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसा सम्मान उन्हें अपने दायित्व के प्रति और अधिक निष्ठा से समर्पित होने की ऊर्जा देता है। समारोह का समापन शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता और उनके योगदान को भविष्य में भी मंच देते रहने के संकल्प के साथ हुआ।