17/07/2026
*हरियाली की अलख: ब्राईट डे स्कूल का वृक्षारोपण अभियान*
*दार्जिलिंग से मंगवाए दुर्लभ पौधों ने बढ़ाई अभियान की विशेषता*
*इस वर्ष 500 से अधिक पौधे लगाने का संकल्प, अब तक 200 पौधों का रोपण*
धंबोला। वर्ष 2023 से ग्राम पंचायत धंबोला में संचालित ब्राईट डे स्कूल शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। विद्यालय के निदेशक कीर्ति प्रकाश पंड्या वर्ष 2017 से धंबोला-सीमलवाड़ा क्षेत्र में लगातार वृक्षारोपण अभियान चला रहे हैं। पिछले नौ वर्षों से जारी इस अभियान ने क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के साथ लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया है।विद्यालय परिवार प्रत्येक वर्ष व्यापक स्तर पर पौधरोपण कर ग्राम पंचायत, स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों एवं अपने मित्रों को भी इस अभियान से जोड़ रहा है। निदेशक कीर्ति प्रकाश पंड्या ने अपने निजी मातोश्री फार्म पर अब तक 600 से अधिक पौधे रोपे हैं। वहीं इस वर्ष 500 से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है, जिनमें से अब तक 200 पौधों का रोपण किया जा चुका है। शेष पौधों का रोपण वर्षा ऋतु के दौरान किया जाएगा।अभियान के तहत 100 से अधिक प्रजातियों के छायादार, फलदार एवं सजावटी पौधों का रोपण किया जा रहा है। इनमें बॉटल पाम, फॉक्सटेल पाम, टेबल पाम, मलेशियन नीम, बेल, पारिजात, निकोडिया, कोनोकार्पस, सरू, बिस्मार्किया, दुरंता, आम, नींबू, सीताफल, अनार, जामुन, गुलमोहर, आंवला, चंपा, देशी नीम, एरिका पाम, फाइकस, क्रोटन, मीठा नीम, सागवान, खजूर, बादाम, रातरानी एवं बरगद सहित अनेक दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं। अभियान की विशेष उपलब्धि यह भी है कि दार्जिलिंग से 100 दुर्लभ धुप्पी पौधे मंगवाकर उनका रोपण किया गया। इन पौधों को प्रिसिला लेपचा, प्रशांति सूबा, मनीषा और तपन बर्मन के सहयोग से दार्जिलिंग से लाया गया तथा उनके द्वारा ही इनका रोपण किया गया। विद्यालय के निदेशक कीर्ति प्रकाश पंड्या ने बताया कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। विद्यालय का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। विद्यालय परिवार का यह निरंतर अभियान क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणादायी मिसाल बन गया है।