20/08/2026
#सारण:विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं एवं शैक्षणिक व्यवस्था की डीएम ने की विस्तृत समीक्षा*
*जर्जर भवन, शौचालय, पेयजल, विद्युत, भूमि एवं अन्य कमियों के समयबद्ध निराकरण का निर्देश*
=================
सारण, 20 अगस्त 2026
=================
जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आज शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, विभिन्न स्कंधों के प्रभारी पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं, भवन, शैक्षणिक व्यवस्था एवं विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं की विद्यालयवार समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चिन्हित कमियों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
*जर्जर एवं असुरक्षित भवनों की स्पष्ट रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश*
विद्यालयों के जर्जर एवं असुरक्षित कमरों की समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों एवं संबंधित कनीय अभियंताओं को संयुक्त रूप से स्पष्ट एवं तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट में जर्जर कमरों की संख्या, ऐसे कमरों की अलग सूची जिनमें बच्चों को बैठाना संभव नहीं है तथा मामूली मरम्मत के बाद उपयोग योग्य बनाए जा सकने वाले कमरों का भी अलग-अलग विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया।
उन्होंने निर्देश दिया कि अत्यंत जर्जर एवं असुरक्षित कमरों में किसी भी परिस्थिति में विद्यार्थियों को नहीं बैठाया जाए। विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
*विद्यालयों में शौचालय एवं पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश*
विद्यालयों में शौचालय एवं पेयजल की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्याप्त शौचालय तथा पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने संबंधित विभागों को विद्यालयवार स्थिति का आकलन करते हुए जहां नए शौचालय निर्माण की आवश्यकता हो, वहां निर्माण, जहां मरम्मत की आवश्यकता हो, वहां मरम्मत तथा जहां पुराने शौचालय को हटाकर नया निर्माण आवश्यक हो, वहां नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
पेयजल व्यवस्था के संबंध में भी उन्होंने सभी विद्यालयों में नल-जल अथवा चापाकल के माध्यम से विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ एवं सुगम पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
*विद्यालयों तक पहुंचने वाले रास्तों की होगी व्यवस्था
*
विद्यालयों तक पहुंचने वाले रास्तों की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जहां विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता कच्चा है, वहां आवश्यकता के अनुसार सोलिंग, पेवर ब्लॉक, पीसीसी आदि के माध्यम से सड़क निर्माण कराया जाए। निजी भूमि से होकर रास्ता गुजरने की स्थिति में आवश्यक एनओसी प्राप्त कर कार्रवाई करने तथा सरकारी भूमि होने पर नियमानुसार सड़क निर्माण कराने का निर्देश दिया गया।
*भूमि एवं भवनविहीन विद्यालयों की समीक्षा*
भूमि एवं भवन से संबंधित विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां विद्यालय वर्तमान में संचालित है, उसके 500 मीटर से 1 किलोमीटर के दायरे में यदि उपयुक्त सरकारी भूमि उपलब्ध है तो प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी उसका चिन्हांकन करें।
सभी कनीय अभियंताओं एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों से जिला शिक्षा पदाधिकारी को भूमि संबंधी फीडबैक प्राप्त कर अंचलाधिकारी से एनओसी प्राप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
*कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की गुणवत्ता पर विशेष जोर*
बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के निरीक्षण एवं अधिकारियों के भ्रमण प्रतिवेदनों की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने कहा कि इन विद्यालयों में छात्राओं को बेहतर गुणवत्ता की सुविधाएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराना संबंधित पदाधिकारियों की मूल जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी अथवा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित वार्डन से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।