Agri Shop India

Agri Shop India अब आप इस पेज से खेती से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
(1)

31/01/2026

30/01/2026
समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीद(10 मार्च, 2026 से 30 जून, 2026)विक्रय हेतु पंजीकरण 1 फरवरी, 2026 से 25 जून, 2026 तककिसानों से...
29/01/2026

समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीद
(10 मार्च, 2026 से 30 जून, 2026)

विक्रय हेतु पंजीकरण
1 फरवरी, 2026 से 25 जून, 2026 तक

किसानों से गेहूँ खरीद कार्य भारतीय खाद्य निगम, राजफेड, तिलम संघ, नेफेड एवं एनसीसीएफ के साथ इस वर्ष से राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से भी किया जायेगा

20/01/2026

खेती (कृषि) न केवल भारत की अर्थव्यवस्था का आधार है, बल्कि यह करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन भी है। यदि आप खेती में अपनी पैदावार बढ़ाना चाहते हैं या नई शुरुआत करना चाहते हैं, तो यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बिंदु दिए गए हैं:
​1. मिट्टी की जाँच (Soil Testing)
​सफल खेती की शुरुआत हमेशा मिट्टी की जाँच से होनी चाहिए।
​क्यों करें? इससे पता चलता है कि आपकी जमीन में किन पोषक तत्वों (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश) की कमी है।
​प्रक्रिया: खेत के 8-10 हिस्सों से मिट्टी का नमूना लेकर सरकारी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में भेजें।
​लाभ: जाँच रिपोर्ट के आधार पर खाद डालने से खाद का खर्चा कम होता है और पैदावार बढ़ती है।
​2. फसलों का सही चयन (Crop Selection)
​भारत में मौसम के अनुसार तीन मुख्य फसल चक्र होते हैं:
​खरीफ (जून-जुलाई): मानसून की फसलें जैसे धान, मक्का, बाजरा, और मूंगफली।
​रबी (अक्टूबर-नवंबर): सर्दियों की फसलें जैसे गेहूं, सरसों, चना, और मटर।
​जायद (मार्च-अप्रैल): गर्मियों की फसलें जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा, और मूंग।
​सुझाव: अपने क्षेत्र की जलवायु और पानी की उपलब्धता के अनुसार ही बीज का चुनाव करें। हमेशा 'उन्नत किस्म' के बीजों का ही उपयोग करें।
​3. सिंचाई की आधुनिक तकनीकें
​पुराने समय की तरह खेतों को पानी से भरने के बजाय आधुनिक तरीके अपनाएं:
​ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation): बूंद-बूंद सिंचाई से पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुँचता है। यह फल और सब्जियों के लिए उत्तम है।
​फव्वारा सिंचाई (Sprinkler System): कम पानी में अधिक क्षेत्र को सींचने के लिए यह तकनीक बहुत कारगर है।
​4. जैविक खेती (Organic Farming)
​रसायनों के बढ़ते उपयोग से मिट्टी खराब हो रही है, इसलिए जैविक खेती एक बेहतरीन विकल्प है:
​खाद: गोबर की खाद, केंचुआ खाद (Vermicompost) और हरी खाद का उपयोग करें।
​कीटनाशक: नीम का तेल, दशपर्णी अर्क या जीवामृत का उपयोग करके कीड़ों से बचाव करें।
​फायदा: जैविक उत्पादों के दाम बाजार में अधिक मिलते हैं और जमीन की उपजाऊ शक्ति बनी रहती है।
​5. सरकारी योजनाएं और सहायता
​सरकार किसानों की मदद के लिए कई योजनाएं चलाती है जिनका लाभ उठाना चाहिए:
​पीएम किसान योजना: सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता।
​किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): खेती के काम के लिए बहुत कम ब्याज दर पर लोन।
​पीएम फसल बीमा योजना: प्राकृतिक आपदा (बाढ़, सूखा) से फसल नुकसान होने पर मुआवजा।

With Mera Kisan Parivaar – I'm on a streak! I've been a top fan for 12 months in a row. 🎉
16/01/2026

With Mera Kisan Parivaar – I'm on a streak! I've been a top fan for 12 months in a row. 🎉

🌱 अदरक की पूरी खेती की जानकारीनीचे अदरक की खेती को तैयारी से लेकर कटाई और मुनाफे तक सरल भाषा में समझाया गया है।⭐जलवायु (...
12/01/2026

🌱 अदरक की पूरी खेती की जानकारी
नीचे अदरक की खेती को तैयारी से लेकर कटाई और मुनाफे तक सरल भाषा में समझाया गया है।
⭐जलवायु (Climate)
गर्म और आर्द्र जलवायु सबसे अच्छी
तापमान: 20–30°C
ज्यादा पाला और जलभराव नुकसानदायक
⭐ मिट्टी (Soil)
दोमट या बलुई दोमट मिट्टी
जल निकास अच्छा होना जरूरी
pH मान: 5.5–6.5
भारी मिट्टी से बचें
⭐ खेत की तैयारी
2–3 गहरी जुताई
आख़िरी जुताई में 10–15 टन गोबर की खाद / एकड़
क्यारियाँ या मेड़ बनाएं (जल निकास के लिए)
⭐बुवाई का समय
अप्रैल से जून (सबसे अच्छा समय)
सिंचित क्षेत्र में फरवरी–मार्च भी संभव
⭐बीज (Seed Rate)
स्वस्थ, रोगमुक्त गांठें चुनें
बीज मात्रा: 600–800 किलो / एकड़
बुवाई से पहले:
30 मिनट ट्राइकोडर्मा या बाविस्टिन घोल में उपचार
⭐ बुवाई की विधि
पंक्ति से पंक्ति दूरी: 30 सेमी
पौधे से पौधे दूरी: 20–25 सेमी
5–7 सेमी गहराई पर बोएँ
ऊपर से मिट्टी + गोबर खाद
⭐ खाद व उर्वरक
प्रति एकड़ औसत मात्रा:
गोबर की खाद: 10–15 टन
नाइट्रोजन (N): 75–100 kg
फास्फोरस (P): 50 kg
पोटाश (K): 50 kg
👉 नाइट्रोजन 3 भागों में दें
(30, 60 और 90 दिन पर)
💦सिंचाई (Irrigation)
हल्की लेकिन समय-समय पर सिंचाई
गर्मी में: 7–10 दिन
बरसात में: जरूरत अनुसार
जलभराव न होने दें
🌟 निराई-गुड़ाई व मल्चिंग
2–3 बार निराई-गुड़ाई
सूखी घास / पुआल से मल्चिंग करें
नमी बनी रहती है
खरपतवार कम होते हैं
🍂 रोग व कीट नियंत्रण
प्रमुख रोग:
सड़न रोग (Rhizome rot)
पत्ती धब्बा रोग
बचाव:
बीज उपचार जरूरी
खेत में पानी न रुके
नीम खली 80–100 kg / एकड़ उपयोगी
🪵 कटाई (Harvesting)
हरी अदरक: 5–6 महीने
सूखी अदरक: 7–9 महीने
पहचान:
पत्तियाँ पीली होकर सूखने लगें
खुदाई कुदाल या फावड़े से
🌾 उत्पादन (Yield)
औसत उपज:
80–120 क्विंटल / एकड़ (हरी अदरक)
सूखी अदरक ~20–25%
🤑लागत व मुनाफा (अनुमान)
लागत: ₹60,000 – ₹80,000 / एकड़
बिक्री: ₹1.2 – 2.5 लाख / एकड़
शुद्ध मुनाफा: ₹60,000 से ₹1.5 लाख+
✅ खास सुझाव
हमेशा स्थानीय उन्नत किस्म चुनें
जल निकास पर सबसे ज्यादा ध्यान दें
बीज कभी भी संक्रमित न लगाएं
KISAN Agri Shop India Raman Thori Vikram Shyoran Ajeet Seeds Farmer Groups Ajeet Seeds सिरसा के किसान Vikas Jhorar Rajender Kiroriwal Manoj Kumar Virender Sihag Viru Abhay Jyani

हरियाणा के लोग हार्ट ❤️ राजस्थान के लोग लाइक 👍 अन्य राज्यों के लोग अपने राज्य का नाम लिखकर टिप्पणी में भेजें और देखें कि...
09/01/2026

हरियाणा के लोग हार्ट ❤️ राजस्थान के लोग लाइक 👍 अन्य राज्यों के लोग अपने राज्य का नाम लिखकर टिप्पणी में भेजें और देखें कि कौन सबसे अधिक भेजता है

09/01/2026

08/01/2026

Address

Old Railway Road
Ellenabad
125102

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Agri Shop India posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Agri Shop India:

Share