03/07/2026
क्या सच में सूर्य देवता का रथ सात घोड़ों से चलता है... या इसके पीछे छिपा है एक ऐसा वैज्ञानिक संकेत जिसे आज भी लोग नज़रअंदाज़ कर देते हैं?
हिंदू धर्मग्रंथों में सूर्य देव के रथ को सात घोड़ों द्वारा खींचा हुआ बताया गया है। लेकिन विद्वानों के अनुसार इन सात घोड़ों का अर्थ केवल वास्तविक घोड़े नहीं माना जाता। इन्हें प्रतीकात्मक रूप से भी समझा जाता है।
सबसे प्रसिद्ध व्याख्या यह है कि ये सात घोड़े सूर्य के प्रकाश के सात रंगों का प्रतीक हैं। जब सफेद सूर्य का प्रकाश प्रिज़्म से गुजरता है, तो वह सात रंगों—बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल—में विभाजित हो जाता है। यह सिद्धांत 17वीं शताब्दी में वैज्ञानिक आइज़ैक न्यूटन के प्रयोगों से स्थापित हुआ।
कुछ प्राचीन व्याख्याओं में इन सात घोड़ों को सप्ताह के सात दिनों, वैदिक छंदों या समय के सात चरणों का भी प्रतीक माना गया है। यानी भारतीय परंपरा में सूर्य के रथ का वर्णन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि प्रकृति, समय और प्रकाश के गहरे प्रतीक के रूप में भी देखा गया है।
यही वजह है कि सूर्य देव के सात घोड़े आज भी आस्था और ज्ञान—दोनों का अद्भुत संगम माने जाते हैं।