19/02/2023
आज पाली गांव के बारात घर में हुई महापंचायत में 25 गांवों से आये लोगो ने शिरकत किया जिनमे पाली, पाखल, मोहब्ताबाद, नयागांव, गोठड़ा, बास, खेड़ी, नेकपुर, सिलाखरी, धौज़, आलमपुर, सिरोही, कोट, नंगला, भांकरी, नवादा, डबुआ, अचीवर्स, सैनिक, बड़खल, अनंगपुर, अनखीर, मांगर, डेरा, फतेहपुर गाँव के लोगो ने प्रमुखता से हिस्सा लिया।
सभी लोगो ने एक मत में एक साथ पाली में Gepil कंपनी में MCF द्वारा शहर का कूड़ा डाले जाने की बात का विरोध किया। सभी ने कहा MCF भ्र्ष्टाचार का घर है। हमे MCF की कही किसी भी बात का कोई भरोसा नही है। MCF अपना कोई भी काम ईमानदारी से नही करती। MCF की गिनती दुनियाँ के सबसे भ्रष्ट प्रशासनिक विभागो में होती है। MCF 2000 करोड़ उधार लेती है और फिर अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए रिकॉर्ड्स में आग लगवा देती है।
फरीदाबाद प्रशासन पाली गाँव के लोगो को मूर्ख समझता है। प्रशासन के लिए किसी भी दुष्कर्म को करने का सबसे आसान लक्ष्य पाली गाँव और पाली गाँव के लोग ही होते है। क्रेशर जोन पाली गाँव की छाती पर खोला जाता है, बुचड़खाना पाली गाँव में खोलने की बात होती है, GEPIL कंपनी द्वारा लाया गया पूरे हरियाणा का खतरनाक वेस्ट पाली गाँव में डाला जाता हैं । 200 एकड़ का कूड़ा घर बनाने का प्रोविज़न पाली गाँव की जमीन पर किया जाता है। सरकारे हम गाँव वालो को मूर्ख समझना बंद करे।
MCF और प्रशासन कूड़े का निष्पादन वार्ड लेवल पर करवाए। गाँव वालो के ज़हन में ज़हर घोलने का अगर सोचा भी तो इसका अंजाम भुक्तना पड़ेगा। सरकारे और प्रशासन गांव वालो को आंदोलन के लिए मजबूर ना करें। अरावली की तलहटी में बसे गुर्जरो से पंगा लेने की सोची भी तो सरकारे याद रखे हरियाणा और राजस्थान में सरकारे गुर्जरो ने बनाई भी है और गिराई भी है।