Bas u hi

Bas u hi दिल से निकली शायरी अलग अलग सायरो की जो आप को अपना वक्त याद दिलाएगी
दिल से पढ़ोगे तो फिर महबुबकी बाहों मैं ले जाएगी

13/05/2025

Your refer

मैं देखता ही रह गया चेहरा किताब कावो फाड़ करके ले गयी पन्ना किताब काचुपके-से मैंने उससे मिलायी थी जो नज़रफिर उसने भी बना...
22/03/2025

मैं देखता ही रह गया चेहरा किताब का
वो फाड़ करके ले गयी पन्ना किताब का

चुपके-से मैंने उससे मिलायी थी जो नज़र
फिर उसने भी बना लिया परदा किताब का

बूढ़े दुकानदार ने गुस्सा बहुत किया
हमने लगाया दाम जो आधा किताब का

या तो गुलाब दे रहे या दे रहे शराब
अब ख़त्म होता जा रहा क़िस्सा किताब का

उससे ज़रूर मिलना यारो ठहरके तुम
शौक़ीन हो अगर कोई बच्चा किताब का

10/03/2025

*रिश्तों की भी अपनी एक उम्र होती है,
*कुछ मरने तक चलते हैं, तो कुछ
जीते जी मर जाते हैं.* ✍️

Address

Faridabad

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Bas u hi posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share