22/07/2023
यही तो पहले गुजरात में हुवा था अब मणिपुर में हो रहा है। सरकार ने तब भी कुछ नहीं किया था आज भी कुछ नही कर रही है। तब भी पुलिस के सामने सब कुछ हुवा था अब भी पुलिस के सामने सब कुछ हो रहा है। वहां भी भाजपा की सरकार थी और यहाँ भी भाजपा की सरकार है। वहां के दोषी भी छूट गए थे यहाँ के भी छुट जाएंगे। तब भी मीडिया कुछ नहीं बोला था अब भी मीडिया कुछ नहीं बोल रहा है। अगर तब सारा देश एक हो जाता,मीडिया बोल पड़ती और दोषियों को सज़ा मिल जाती तो शायद आज ये दिन न देखना पड़ता।
वह तो भला हो उच्चतम न्यायालय का कि उसने संज्ञान लिया और सरकार और मीडिया ने उसको दिखाना शुरू किया।