07/08/2026
जवानी के दिनों में मैं बहुत घमंडी थी अपने रूप और जवानी का मुझे बड़ा ही गुमान था मुझे लगता था मुझसे ज्यादा खूबसूरत और कोई नहीं है और इसलिए मैं किसी भी लड़के को भाव नहीं देती थी उन्हे मुझसे मिलने के लिए तड़पा देती थी और कभी किसी से मिलती भी तो उससे खर्चे करवा कर ठेंगा दिखा कर आ जाती थी इस वजह से कई लड़के मुझसे नाराज रहने लगे और मुझे सबक सिखाने की सोचने लगे
मुझे लगा था मुझसे ज्यादा होशियार कोई नहीं है लेकिन मैं गलत थी एक दिन उन 5 लड़को ने मिलकर मुझे घुमाने ले गए और फिर होटल मे पूरी रात वो सब हुआ मेरे साथ जो नहीं होना चाहिए था