30/09/2026
करीब 50 बीघा जमीन में एक बड़ा फार्म हाउस बना हुआ है। अंदर आलीशान कमरे हैं और फार्म हाउस से बाहर निकलते ही खेत और आम के बाग शुरू हो जाते हैं। करीब 4 किलोमीटर तक आसपास कोई बसावट, गांव या घर नहीं है।
इसी फार्म हाउस के एक कमरे में करीब 23 साल की एक युवती मौजूद थी। आरोप है कि रात के वक्त सबसे पहले सीआरपीएफ का एक हेड कांस्टेबल उसके कमरे में गया। कुछ वक्त बाद वह बाहर आया और अपने सीनियर सीआरपीएफ इंस्पेक्टर से कहा कि अब आप अंदर जाइए।
इंस्पेक्टर कमरे में गया और कुछ समय बाद बाहर आया। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात एक दरोगा अंदर गया। उसके बाद उसने अपने साथ मौजूद सिपाही से कहा कि अब तुम अंदर जाओ।
रात करीब 1 बजे जब सिपाही कमरे के दरवाजे तक पहुंचा, तो युवती ने उसे अपनी ओर आते देखा और अचानक जोर से लात मार दी। सिपाही पीछे जाकर गिर पड़ा।
अब कमरे में युवती अकेली थी। उसे समझ आ गया कि अगर यहां से बाहर भागी तो चारों तरफ खेत और सुनसान इलाका है। वह जगह उसके लिए अनजान थी और भागना उसके लिए और बड़ा खतरा बन सकता था।
उसने तुरंत दरवाजा बंद किया और अंदर से उसे इस तरह सुरक्षित कर दिया कि बाहर से कोई आसानी से न खोल सके। इसके बाद उसने मोबाइल निकाला और सबसे पहले अपनी लोकेशन पता करने की कोशिश की।
उसके सामने एक और डर था। बाहर मौजूद लोग भी वर्दी में थे। कोई सीआरपीएफ का जवान था तो कोई उत्तर प्रदेश पुलिस का। फिर भी उसने सोचा कि मदद मांगने के अलावा उसके पास कोई रास्ता नहीं है।
आखिरकार उसने 112 नंबर पर फोन किया और अपनी लोकेशन बताने की कोशिश की। सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हुई और हसनपुर कोतवाली तथा रजबपुर थाने की पुलिस को मौके पर भेजा गया।
पुलिस वहां पहुंची और युवती को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके साथ ही दो यूपी पुलिसकर्मियों और दो सीआरपीएफ कर्मियों को हिरासत में लिया गया।
लेकिन सवाल था कि आखिर यह पूरा मामला शुरू कैसे हुआ?
दोस्तो, नमस्कार। मैं नीरज कुमार उत्तम। आज की घटना उत्तर प्रदेश के अमरोहा की है और यह मामला 22 और 23 सितंबर 2026 की दरम्यानी रात का बताया जा रहा है।
अमरोहा के रजबपुर थाने में एसएसआई नरेश राणा तैनात थे। 22 सितंबर की शाम करीब 6:14 बजे हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के रजोहा गांव के रहने वाले रामनिवास से संपर्क किया गया।
बताया जाता है कि पहले परविंदर नाम के व्यक्ति का फोन रामनिवास के पास आया और उसके बाद एसएसआई नरेश राणा ने फोन किया। उन्होंने अपना परिचय दिया और कहा कि झोलपुरी गांव में स्थित डीडी ब्रदर्स फार्म्स की लोकेशन भेज दीजिए।
रामनिवास ने पूछा कि वहां कौन आ रहा है। जवाब दिया गया कि गृह मंत्रालय की टीम आ रही है और एक महिला भी है, जिसे रात में फार्म हाउस पर रुकना है।
रामनिवास ने कहा कि यह विधायक जी का फार्म हाउस है और वह सिर्फ केयरटेकर है। इसलिए विधायक से सीधे बात कर ली जाए। विधायक का जो आदेश होगा, उसी के अनुसार वह काम करेगा।
आरोप है कि इसके बाद रामनिवास पर दबाव बनाया गया और लोकेशन भेजने के लिए कहा गया।
बताया जाता है कि यह बातचीत WhatsApp पर हुई थी। फार्म हाउस उत्तराखंड की खानपुर विधानसभा से विधायक उमेश शर्मा से जुड़ा बताया गया है। यह फार्म हाउस करीब 50 बीघा में बना है, जबकि आसपास की कुल जमीन करीब 120 बीघा बताई जाती है। यहां केयरटेकर, चौकीदार और माली समेत करीब 10 कर्मचारी काम करते हैं।
रामनिवास जब घर पहुंचा तो रात करीब 8 बजे चौकीदार मंगली का फोन आया। उसने बताया कि फार्म हाउस पर पुलिस वाले आए हैं और एक महिला भी है। वे दो कमरे खुलवाने की बात कर रहे हैं।
रामनिवास ने कहा कि वह जल्दी पहुंचता है। रात करीब 10:15 बजे वह फार्म हाउस पहुंच गया।
वहां उसे 23 साल की युवती के साथ सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल मोहित सिंह, सीआरपीएफ इंस्पेक्टर लालाराम यादव और हसनपुर कोतवाली में तैनात सब-इंस्पेक्टर संजय तोमर मिले।
रामनिवास ने उनसे कहा कि वह छोटा आदमी है और सिर्फ केयरटेकर है। बेहतर होगा कि विधायक से बात कर ली जाए।
आरोप है कि इसके बाद उसे गालियां दी गईं और जेल में सड़ाने तथा जान से मारने की धमकी दी गई। डर के कारण रामनिवास चुप हो गया और दो कमरे खोल दिए गए।
इसके बाद प्रमोद नाम का एक सिपाही वहां आया। खाने-पीने का इंतजाम किया गया और सभी ने खाना खाया।
रात बढ़ने के बाद आरोप है कि सबसे पहले हेड कांस्टेबल मोहित सिंह युवती के कमरे में गया। कुछ समय बाद वह बाहर आया। इसके बाद सीआरपीएफ इंस्पेक्टर लालाराम यादव कमरे में गया और फिर यूपी पुलिस का सब-इंस्पेक्टर संजय तोमर वहां गया।
युवती इस पूरी स्थिति से डरी हुई थी। उसे अंदाजा हो गया था कि उसके साथ कुछ गलत हो सकता है। जब चौथा व्यक्ति, सिपाही प्रमोद, कमरे की तरफ आया तो उसने उसे जोर से लात मारकर पीछे गिरा दिया और तुरंत दरवाजा बंद कर लिया।
इसके बाद उसने 112 पर फोन करके पुलिस से मदद मांगी।
पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित बाहर निकाला। चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बाद में चारों को गिरफ्तार किया गया।
मामले को शुरुआत में दबाने की कोशिश किए जाने के भी आरोप सामने आए। लेकिन रामनिवास ने अपने मालिक यानी विधायक को घटना की जानकारी दी और एक पत्र सामने आया, जिसके बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया।
इसके बाद पुलिस के आला अधिकारी भी सक्रिय हुए। एसपी, डीआईजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली और जांच शुरू हुई।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, युवती हरियाणा के फतेहाबाद की रहने वाली है और जिम ट्रेनर है। उसकी पहचान सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल मोहित सिंह से सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। बताया गया कि मोहित ने उसे घूमने और मनोना धाम ले जाने की बात कही थी।
युवती उसके साथ जाने के लिए तैयार हो गई। 21 सितंबर 2026 को वह ब्रेजा कार से उसके साथ निकली। रास्ते में मेरठ के पास सीआरपीएफ इंस्पेक्टर लालाराम यादव भी उनके साथ हो गए। इसके बाद वे अमरोहा की तरफ पहुंचे।
आरोप है कि अमरोहा पहुंचने से पहले रजबपुर थाने के एसएसआई से संपर्क किया गया और फार्म हाउस में रुकने की व्यवस्था की गई।
इसके बाद हसनपुर कोतवाली में तैनात संजय तोमर भी उनके साथ जुड़ा। बताया जाता है कि वह रिटायरमेंट के करीब था। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी, इसका अंतिम सच पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आएगा।
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। युवती के बयान भी दर्ज किए गए। यूपी पुलिस के दरोगा और सिपाही के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई और सीआरपीएफ के दोनों कर्मियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित मुख्यालय को पत्र भेजा गया।
इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आखिर युवती को फार्म हाउस तक कैसे लाया गया? वहां पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों की मौजूदगी कैसे हुई? क्या पहले से कोई योजना बनाई गई थी? और उस रात वास्तव में क्या-क्या हुआ?
इन सवालों का अंतिम जवाब जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद ही सामने आएगा।
दोस्तों, इस घटनाक्रम को बताने का उद्देश्य किसी को परेशान करना या किसी का दिल दुखाना नहीं है। इसका उद्देश्य सिर्फ आपको जागरूक और सचेत करना है। अगर कभी कोई व्यक्ति आपको किसी अनजान जगह पर ले जाने की बात करे, तो उसकी पहचान और पूरी जानकारी जरूर जांच लें। और अगर कभी आप किसी खतरे में हों तो तुरंत 112 या स्थानीय पुलिस से मदद मांगें।
#अमरोहा