05/08/2026
जमीन कब्जा कर बेचने के उद्देश्य से रद्द करा दी विद्यालय की मान्यता !
– स्वामी गोविंदपुरी इंटर कॉलेज की मान्यता बहाल कराने की मांग
– सड़क पर आ गया दर्जनों प्राइवेट अध्यापकों का परिवार
– फर्जीवाड़ा कर समिति में किया कब्जा, बंद करवा दिया विद्यालय
द सुपरहिट न्यूज
फतेहपुर । स्वामी गोविंदपुरी इंटर कॉलेज, शाह की मान्यता बहाल कराने तथा विद्यालय का संचालन पुनः शुरू कराने की मांग को लेकर सर्वराहकार स्वामी अमर चैतन्य, प्रबंध समिति के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की ओर से प्रार्थना पत्र सौंपा गया है। प्रार्थना पत्र में विद्यालय के वर्तमान प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायत के अनुसार विद्यालय एवं मठ का संचालन वर्षों से गुरु-शिष्य परंपरा और ट्रस्ट की नियमावली के अनुसार होता रहा है, लेकिन वर्तमान प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए संस्थान की संपत्तियों पर कब्जा करने की नीयत से कार्य किया। आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2015 से मठ और विद्यालय की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने, शिक्षकों एवं कर्मचारियों का उत्पीड़न करने, उनका मानदेय रोकने तथा विद्यालय को बंद कराने की सुनियोजित कोशिश की गई।
आवेदनकर्ताओं का आरोप है कि विद्यालय भवन के 10 कमरे गिरा दिए गए, छात्रों को दूसरे विद्यालयों में प्रवेश लेने के लिए प्रेरित किया गया तथा 7 जुलाई 2023 को विद्यालय के मुख्य द्वार पर फर्जी नोटिस चस्पा कर विद्यालय बंद होने की सूचना दी गई। इसके चलते पिछले दो-तीन वर्षों से नए प्रवेश नहीं हुए और छात्र-छात्राएं हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं में शामिल नहीं हो सके। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि कक्षाएं संचालित न होने के कारण माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा विद्यालय की मान्यता समाप्त कर दी गई, जिससे क्षेत्र के गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हुई और शिक्षक-कर्मचारी बेरोजगारी के संकट से जूझ रहे हैं।
प्रार्थना पत्र में जितेंद्रानंद (जितेंद्र तिवारी) एवं रमेश तिवारी को पूरे प्रकरण के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई, विद्यालय की मान्यता बहाल कराने और संस्थान का संचालन पुनः शुरू कराने की मांग की गई है। आवेदनकर्ताओं ने प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंत्री, महानिदेशक स्कूल शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा विभाग के सचिव, शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), संयुक्त शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा परिषद के अपर सचिव (क्षेत्रीय कार्यालय प्रयागराज), उप शिक्षा निदेशक प्रयागराज, जिलाधिकारी फतेहपुर तथा जिला विद्यालय निरीक्षक फतेहपुर को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित की है।
– भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर प्रदर्शन
मंगलवार को भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर विद्यालय के दर्जनों समिति के सदस्य और अध्यापकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। अमर चैतन्य, राघवेंद्र तिवारी, कुलदीप, ओंकार, अनिल तिवारी, रामप्रकाश मिश्र, ओमकरन आदि ने बताया कि जिला विद्यालय निरीक्षक ने पूरी प्रबंध समिति को जांच के लिए कार्यालय बुलाया था लेकिन जांच करने के बजाय उन्होंने सीधे कह दिया कि वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। बिना जांच किए जिला विद्यालय निरीक्षक ने सबको वापस कर दिया। विद्यालय के कर्मचारियों, प्रबंध समिति के सदस्यों ने बताया कि वर्तमान प्रबंधक के प्रभाव में आकर कोई सुनवाई नहीं हो रही जबकि उनकी मांग है कि विद्यालय पुनः संचालित हो और सबका मानदेय दिया जाए।