13/09/2026
*त्रिनेत्र गणेश लक्खी मेला-2026 में उमड़ा आस्था का सैलाब*
*दूसरे दिन लाखों श्रद्धालुओं ने किए श्री त्रिनेत्र गणेश जी के दर्शन, स्वच्छता, सुव्यवस्थित भंडारे और सुरक्षा व्यवस्था बनी आकर्षण का केंद्र*
*सवाई माधोपुर, 13 सितम्बर।* रणथम्भौर दुर्ग स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री त्रिनेत्र गणेश जी के तीन दिवसीय लक्खी मेला-2026 के दूसरे दिन रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने श्री त्रिनेत्र गणेश जी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा, स्वच्छता, चिकित्सा, यातायात, पेयजल एवं अन्य सुविधाओं के लिए की गई व्यवस्थाएं पूरे दिन सुचारू रूप से संचालित रहीं।
जिला कलक्टर काना राम ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सतत निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से वन क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, मेला मार्गों की स्वच्छता तथा जलभराव वाले स्थानों पर सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया।
*स्वच्छता और सुव्यवस्थित भंडारे बने विशेष आकर्षण*
इस बार मेले में सफाई व्यवस्था एवं सुव्यवस्थित भंडारे विशेष रूप से बेहतर नजर आए। ‘स्वच्छ भंडारा–स्वस्थ मेला’ की थीम के तहत भंडारा संचालकों द्वारा साफ-सफाई, डस्टबिन, स्वच्छ पेयजल एवं श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थित भोजन वितरण की व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन की ओर से इन व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। उत्कृष्ट स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा, कचरा प्रबंधन एवं श्रद्धालु सेवा वाले भंडारों को ‘श्री गणेश स्वच्छ सेवा सम्मान-2026’ प्रदान किया जाएगा।
नगर परिषद क्षेत्र में 202 सफाईकर्मी, 8 ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं 23 ऑटो टिपर तथा ग्राम पंचायत क्षेत्र में 160 से अधिक सफाईकर्मी सफाई व्यवस्था में लगाए गए हैं। कचरे का नियमित उठाव एवं निस्तारण किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से कचरा केवल निर्धारित डस्टबिन में डालने की अपील की है।
*जल स्रोतों पर होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस की तैनाती*
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए सभी जल स्रोतों एवं संवेदनशील जलभराव वाले स्थानों पर होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। प्रशासन एवं पुलिस की टीमें भी लगातार निगरानी कर रही हैं। मेले में 24 सिविल डिफेंस स्वयंसेवक विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन एवं सहायता प्रदान कर रहे हैं।
*1241 पुलिसकर्मियों के साथ वन विभाग की भी निगरानी*
सुरक्षा व्यवस्था के लिए मेले में 1,241 पुलिस कार्मिक, 7 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं 12 उप पुलिस अधीक्षक तैनात किए गए हैं। प्रमुख मार्गों, प्रवेश-निकास बिंदुओं एवं भीड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी सहित अन्य माध्यमों से निगरानी की जा रही है।
वन क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वन विभाग की टीमें संवेदनशील स्थानों पर तैनात हैं। श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्गों से ही आवागमन करने तथा वन क्षेत्र में अनावश्यक रूप से नहीं रुकने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए 104 नेचर गाइड भी विभिन्न नाकों एवं स्थानों पर सेवाएं दे रहे हैं।
*रेलवे स्टेशन से 10 रुपए में बस सेवा, चिकित्सा एवं खोया-पाया केन्द्र सक्रिय*
दूर-दराज से ट्रेन से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन से मेला क्षेत्र/गणेशधाम तक 10 रुपए किराए की बस सेवा संचालित है। अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए रेल प्रशासन द्वारा सवाई माधोपुर-दुर्गापुरा-सवाई माधोपुर अनारक्षित स्पेशल ट्रेन के अतिरिक्त फेरे भी संचालित किए जा रहे हैं।
मेला क्षेत्र में चिकित्सा दल, एम्बुलेंस एवं आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था सक्रिय है। वहीं खोया-पाया केन्द्र एवं पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से बिछुड़े बच्चों, बुजुर्गों एवं परिजनों को मिलाने तथा आवश्यक सूचनाएं प्रसारित करने का कार्य किया जा रहा है।
*अंतिम दिवस को देखते हुए व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी*
14 सितम्बर को मेले का मुख्य दिवस होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर संसाधनों का तत्काल उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
आपातकालीन सहायता के लिए गणेशधाम मेला कंट्रोल रूम 07462-294100 तथा एसडीएम कार्यालय मेला कंट्रोल रूम 07462-220344 पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का पालन करने, बच्चों एवं बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने और स्वच्छता, अनुशासन एवं सुरक्षा में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।
फोटो कैप्शन : त्रिनेत्र गणेश लक्खी मेला-2026 के द्वितीय दिवस श्री त्रिनेत्र गणेश जी के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु, मेला क्षेत्र में व्यवस्थाओं में जुटे कार्मिक एवं सुव्यवस्थित भंडारा स्थल।
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