Gaya Dastak

Gaya Dastak डंके की चोट पर हम दिखाएंगे खबर

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02/08/2026

गया जंक्शन से देवघर जाने के लिए ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ उमड़ी, गया हावड़ा एक्सप्रेस को सुरक्षित पास कराया गया



#गयाजी


गया में 6 अगस्त को मेगा रोजगार शिविर, 38 पदों पर होगी सीधी भर्ती; स्नातक युवाओं के लिए सुनहरा मौकागया। जिले के बेरोजगार ...
02/08/2026

गया में 6 अगस्त को मेगा रोजगार शिविर, 38 पदों पर होगी सीधी भर्ती; स्नातक युवाओं के लिए सुनहरा मौका

गया। जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी पाने का शानदार अवसर आने वाला है। अवर प्रादेशिक नियोजनालय, केंदुई (गया) में 6 अगस्त 2026 (गुरुवार) को एक दिवसीय रोजगार शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में मदर टेरेसा मैनेजमेंट कॉलेज द्वारा मोबिलाइजर के 38 पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों का चयन योग्यता के आधार पर किया जाएगा।
रोजगार शिविर में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी का स्नातक (Graduation) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। उम्मीदवारों की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को 16 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन के साथ यात्रा भत्ता (TA) एवं मोबाइल/फोन सुविधा भी प्रदान की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति बिहार के विभिन्न जिलों में की जाएगी।
शिविर का आयोजन सुबह 10:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक अवर प्रादेशिक नियोजनालय, केंदुई, गया में होगा। अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे अपने बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों की प्रतियां एवं आवश्यक दस्तावेज लेकर निर्धारित समय पर रोजगार शिविर में पहुंचें, ताकि भर्ती प्रक्रिया में आसानी से शामिल हो सकें।
भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क
नियोजनालय ने स्पष्ट किया है कि यह भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। किसी भी अभ्यर्थी से आवेदन, पंजीकरण या चयन के नाम पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। ऐसे में युवाओं को किसी भी बिचौलिये या फर्जी एजेंट के झांसे में नहीं आने की सलाह दी गई है।
#गयाजी




01/08/2026

गया नगर निगम के सबसे बड़े व्यवसायिक क्षेत्र वार्ड-19 को नई सड़क की सौगात, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने किया निर्माण कार्य का शुभारंभ

गयाजी। गया नगर निगम के सबसे बड़े व्यवसायिक क्षेत्रों में शामिल वार्ड संख्या-19 को वर्षों से लंबित सड़क निर्माण की सौगात मिल गई। शनिवार को बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने पुरानी गोदाम क्षेत्र में पथ निर्माण विभाग की ओर से कारू चाय दुकान से बारी रोड तक बनने वाली सड़क का विधिवत शिलान्यास एवं निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर वार्ड पार्षद मुन्नी देवी एवं पूर्व पार्षद सह भाजपा नेता मनोज कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष का गर्मजोशी से भव्य स्वागत किया। बताया गया कि वार्ड पार्षद द्वारा लगातार उठाई जा रही मांग और जनहित को देखते हुए इस महत्वपूर्ण सड़क निर्माण योजना को स्वीकृति मिली, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू कराया गया।

शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस सड़क के निर्माण से न केवल स्थानीय लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी, बल्कि व्यवसायिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। साथ ही यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित होगी।

स्थानीय व्यवसायियों और क्षेत्रवासियों ने सड़क निर्माण शुरू होने पर खुशी जताते हुए कहा कि लंबे समय से जर्जर सड़क के कारण ग्राहकों, व्यापारियों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। नई सड़क बनने के बाद व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा तथा आसपास के मोहल्लों के हजारों लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।

वार्ड पार्षद मुन्नी देवी एवं पूर्व पार्षद सह भाजपा नेता मनोज कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी मांग आज पूरी होने जा रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा कराया जाएगा।

कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यवसायियों एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों की उपस्थिति रही। लोगों ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी वार्ड-19 सहित पूरे क्षेत्र के विकास के लिए इसी तरह जनहित की योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
#गयाजी





Dr. Prem Kumar
District Administration, GAYA
Samrat Choudhary
Tejashwi Yadav

गया पुलिस की बड़ी कामयाबी: गलती से ट्रांसफर हुए ₹85 हजार साइबर थाना ने कराए वापस, पीड़ित को मिली राहतगया। गया साइबर थाना...
01/08/2026

गया पुलिस की बड़ी कामयाबी: गलती से ट्रांसफर हुए ₹85 हजार साइबर थाना ने कराए वापस, पीड़ित को मिली राहत

गया। गया साइबर थाना की तत्परता और तकनीकी दक्षता ने एक बार फिर साइबर अपराध के पीड़ित को बड़ी राहत दिलाई है। महज एक शिकायत के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पीड़ित के बैंक खाते से गलती से दूसरे खाते में ट्रांसफर हुए 85 हजार रुपये वापस करा दिए। शनिवार को साइबर थाना अध्यक्ष ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि समय पर शिकायत दर्ज होने और तकनीकी जांच के कारण यह सफलता मिली है।

साइबर थाना अध्यक्ष ने बताया कि 28 अप्रैल 2026 को चंदौती थाना क्षेत्र के कटारी हिल निवासी दयानंद पासवान, पिता स्वर्गीय रामलखन पासवान ने साइबर थाना में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि उनके बैंक खाते से 85 हजार रुपये गलती से किसी अज्ञात व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर हो गए हैं। घटना के बाद पीड़ित काफी परेशान था और उसने तत्काल साइबर थाना से मदद की गुहार लगाई।

शिकायत मिलते ही साइबर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज की और तकनीकी जांच शुरू कर दी। साइबर थाना की टीम ने बैंकिंग ट्रांजेक्शन, संबंधित खातों और अन्य तकनीकी तथ्यों का गहन विश्लेषण किया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित किया गया। साइबर थाना अध्यक्ष ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक गया के निर्देश पर इस मामले में त्वरित कार्रवाई की गई। पुलिस टीम के लगातार प्रयासों का परिणाम रहा कि पीड़ित के खाते में पूरे 85 हजार रुपये सुरक्षित वापस करा दिए गए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के मामलों में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होती है, पीड़ित की राशि वापस मिलने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है। राशि वापस मिलने के बाद दयानंद पासवान ने गया पुलिस और साइबर थाना की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती तो उनकी मेहनत की कमाई वापस मिलना मुश्किल हो जाता। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि साइबर ठगी या बैंकिंग लेन-देन से जुड़ी किसी भी समस्या पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

प्रेस वार्ता के दौरान साइबर थाना अध्यक्ष ने लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, एटीएम पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड या गलत ट्रांजेक्शन हो जाए तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
उन्होंने कहा कि गया पुलिस साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार कार्य कर रही है और हर शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है।
#गयाजी



'दो दिन सूखे रहे नल, हजारों लोग पानी के लिए भटके': डीएम का बड़ा एक्शन, बुडको अफसर और पंप ऑपरेटर पर FIR के निर्देशगया। गय...
01/08/2026

'दो दिन सूखे रहे नल, हजारों लोग पानी के लिए भटके': डीएम का बड़ा एक्शन, बुडको अफसर और पंप ऑपरेटर पर FIR के निर्देश

गया। गया शहर में दो दिनों तक पेयजल आपूर्ति ठप रहने से हजारों लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। पुलिस लाइन सिंगरा स्थान जलापूर्ति केंद्र से मोटर का संचालन नहीं होने के कारण एपी कॉलोनी समेत कई इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह बाधित रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने शनिवार को समाहरणालय सभागार में नगर निगम और बुडको के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में लापरवाही सामने आने पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए बुडको के उप परियोजना निदेशक और संबंधित पंप ऑपरेटर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
बैठक में नगर आयुक्त, गया नगर निगम, बुडको के परियोजना निदेशक, उप परियोजना निदेशक तथा निगम और बुडको के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान डीएम ने साफ कहा कि पेयजल आम नागरिकों की सबसे बुनियादी जरूरत है। इसकी आपूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही, उदासीनता या गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

समीक्षा में बताया गया कि पिछले दो दिनों से पुलिस लाइन सिंगरा स्थान जलापूर्ति केंद्र पर मोटर का संचालन नहीं होने के कारण जलमीनार में पानी नहीं भरा जा सका। इसका असर एपी कॉलोनी सहित आसपास के कई मोहल्लों पर पड़ा और हजारों लोग पानी के संकट से जूझते रहे। लोगों को घरेलू जरूरतों के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं हो सका, जिससे व्यापक परेशानी हुई। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए बुडको के परियोजना निदेशक से तत्काल स्पष्टीकरण तलब किया। वहीं नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि बुडको के उप परियोजना निदेशक नील कुमार तथा संबंधित जलापूर्ति पंप ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसके अलावा जलापूर्ति केंद्र की निगरानी के लिए नगर निगम की ओर से नामित एरिया इंचार्ज सह निगम पदाधिकारी शुभम कुमार से भी जवाब मांगा जाए कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

डीएम ने अधिकारियों से कहा कि बिना पूर्व सूचना के शहर के किसी भी हिस्से की जलापूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। यदि किसी तकनीकी कारण से पानी की सप्लाई रोकनी आवश्यक हो तो पहले संबंधित क्षेत्र के लोगों को सूचना देना अनिवार्य होगा, ताकि लोग वैकल्पिक व्यवस्था कर सकें। उन्होंने सभी जलापूर्ति केंद्रों की नियमित निगरानी, मोटरों और अन्य उपकरणों के समय पर रखरखाव तथा तकनीकी खराबी आने पर तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए और किसी भी प्रकार की शिकायत को हल्के में नहीं लिया जाए।

जिलाधिकारी ने बैठक में स्पष्ट कहा कि गया शहर में निर्बाध और नियमित जलापूर्ति प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। यदि भविष्य में किसी भी अधिकारी या कर्मी की लापरवाही के कारण लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ा तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

'धान रोपनी में बिजली बनी तो खेती बचेगी': डीएम का सख्त आदेश, रोज 12 घंटे से ज्यादा सप्लाई दें, 24 घंटे में बदलें खराब ट्रांसफार्मर

वही, दूसरी और धान रोपनी के महत्वपूर्ण मौसम में किसानों को बिजली संकट से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने विद्युत विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने कहा है कि अगले 15 दिन किसानों के लिए सबसे अहम हैं और इस दौरान सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कृषि ट्रांसफार्मरों से प्रतिदिन कम-से-कम 12 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और खराब पड़े ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के भीतर हर हाल में बदल दिया जाए।
शनिवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता तथा जिले के सभी कार्यपालक अभियंताओं के साथ कृषि फीडरों की स्थिति, बिजली आपूर्ति, लो-वोल्टेज की समस्या और ट्रांसफार्मरों की कार्यक्षमता की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में डीएम ने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में किसान इन दिनों धान रोपनी में जुटे हुए हैं। बारिश के साथ-साथ खेतों की सिंचाई के लिए मोटर पंप का भी व्यापक उपयोग हो रहा है। ऐसे में यदि पर्याप्त बिजली नहीं मिलेगी या वोल्टेज कम रहेगा तो किसानों की खेती प्रभावित होगी और उत्पादन पर भी असर पड़ेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के प्रत्येक कृषि ट्रांसफार्मर से प्रतिदिन 12 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाए कि बिजली पर्याप्त वोल्टेज के साथ मिले ताकि किसानों के मोटर पंप सुचारू रूप से चल सकें।

जिलाधिकारी ने खराब पड़े कृषि ट्रांसफार्मरों पर नाराजगी जताते हुए अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिया कि जहां भी ट्रांसफार्मर खराब हैं, उन्हें अगले 24 घंटे के भीतर बदल दिया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि सीजन में ट्रांसफार्मर खराब रहने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है और इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में लो-वोल्टेज की समस्या पर भी विस्तार से चर्चा हुई। डीएम ने कहा कि जिन क्षेत्रों में वोल्टेज कम मिल रहा है, वहां रोटेशन प्रणाली के तहत बिजली आपूर्ति की जाए ताकि सभी क्षेत्रों के किसानों को समान रूप से पर्याप्त वोल्टेज मिल सके। उन्होंने प्रत्येक कृषि फीडर का रोटेशन चार्ट तैयार कर सार्वजनिक करने का भी निर्देश दिया, जिससे किसानों को पहले से जानकारी मिल सके कि उनके क्षेत्र में किस समय बिजली उपलब्ध होगी।
डीएम ने स्पष्ट किया कि रोटेशन प्रणाली का उद्देश्य बिजली की कटौती करना नहीं, बल्कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए सभी किसानों को गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना है। इससे मोटर पंप बिना बाधा के चलेंगे और धान रोपनी का कार्य समय पर पूरा हो सकेगा।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कृषि फीडरों की लगातार निगरानी की जाए, किसी भी तकनीकी खराबी का तुरंत समाधान किया जाए और किसानों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि खेतों में सिंचाई के दौरान बिजली आपूर्ति में अनावश्यक बाधा नहीं आनी चाहिए।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों की सुविधा और कृषि उत्पादन को ध्यान में रखते हुए विद्युत विभाग पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे। यदि बिजली आपूर्ति में लापरवाही या अनियमितता सामने आई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

01/08/2026

'दुर्घटना नहीं, सुनियोजित हत्या हुई': डीलर संघ अध्यक्ष की पत्नी ने उठाए गंभीर सवाल, SSP को आवेदन देकर मृतक की बेटी ने CID/CBI जांच की मांग की, कहां- हमारे पिता को सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि किसी ने गला दबाकर मारा

गया। गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में डीलर संघ के प्रखंड अध्यक्ष सुजीत कुमार पासवान की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक की पत्नी रेखा देवी ने शुक्रवार को एसएसपी सुशील कुमार को आवेदन देकर बेलागंज थाना कांड संख्या 477/26 की सीआईडी या सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।

उनका आरोप है कि यह कोई सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दिलाई जानी चाहिए। मृतक की पत्नी रेखा देवी ने अपने आवेदन में कहा है कि 16 जुलाई 2026 को उनके पति सुजीत कुमार पासवान किसी काम से निकले थे। दोपहर करीब 2:12 बजे उनकी बेटी की अपने पिता से फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान किसी व्यक्ति से तीखी नोकझोंक होने की बात सुनाई दी, जिसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया।

इसके बाद परिजनों का उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका।
परिजनों का आरोप है कि बाद में सूचना मिली कि सुजीत कुमार गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पीड़ित मृतक के पत्नी रेखा देवी का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया था कि उनके पति की गर्दन की हड्डी टूटी हुई थी तथा रीढ़ की हड्डी में भी गंभीर चोट थी। उनका कहना है कि शरीर पर सड़क दुर्घटना जैसी अन्य गंभीर चोटों के निशान नहीं थे, जिससे हत्या की आशंका और मजबूत होती है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मृतक की मोटरसाइकिल सड़क किनारे सही स्थिति में खड़ी मिली थी। यदि यह सड़क दुर्घटना होती, तो बाइक भी क्षतिग्रस्त होती। इसी आधार पर परिजनों ने सवाल उठाया है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थिति थी, जिसमें बाइक सुरक्षित रही लेकिन सुजीत कुमार की मौत हो गई।
रेखा देवी ने यह भी कहा है कि उनके पति बेलागंज डीलर संघ के प्रखंड अध्यक्ष थे और सामाजिक रूप से सक्रिय रहते थे। उनका आरोप है कि किसी पुरानी रंजिश या दुश्मनी के कारण उनके पति की हत्या की गई और बाद में घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई।

पीड़ित ने आवेदन में स्थानीय पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए इसे सीआईडी या सीबीआई को सौंपा जाए। उनका कहना है कि स्वतंत्र एजेंसी से जांच होने पर ही पूरे घटनाक्रम का सच सामने आएगा और वास्तविक दोषियों की पहचान हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस इस मामले में बेलागंज थाना कांड संख्या 477/26 के तहत जांच कर रही है। वहीं, मृतक के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों और सीआईडी/सीबीआई जांच की मांग के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजर पुलिस प्रशासन के अगले कदम और जांच की दिशा पर टिकी हुई है।
#गयाजी





#मर्डर
#बेलागंज
GAYA Police
Samrat Choudhary
Bihar Police
Vikas Vaibhav, IPS

01/08/2026

पितृ पक्ष मेला गया जी स्टेशन पर श्रद्धालुओं को मिलेगी हाईटेक व्यवस्था, विधानसभा अध्यक्ष, पुलिस कप्तान ने सुविधाओं का लिया जायजा रोजाना पहुंचेंगे एक लाख यात्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने क्या कुछ कहा व्यवस्था को लेकर सुनिए
#गयाजी




#बिहार

Dr. Prem Kumar
District Administration, GAYA GAYA Police Jitan Ram Manjhi Samrat Choudhary

31/07/2026

24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार: पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट मामले में गया पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ग्रामीण एसपी ने किया खुलासा

गया। गया जिले में पॉक्सो एक्ट एवं एससी/एसटी अधिनियम से जुड़े एक गंभीर मामले में गया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई का खुलासा ग्रामीण एसपी दिव्यांजलि जायसवाल ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में किया। उन्होंने बताया कि मामले की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित कर आरोपी को कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

ग्रामीण एसपी ने बताया कि 29 जुलाई 2026 को इमामगंज थाना क्षेत्र की एक नाबालिग पीड़िता के परिजनों ने थाना में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदन में आरोप लगाया गया कि उनकी नाबालिग पुत्री का आशीष कुमार ने अपहरण कर शेरघाटी के एक होटल में ले जाकर दुष्कर्म किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि घटना के दो दिन बाद आरोपी पीड़िता को घर छोड़ने आया और इस दौरान उसने कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की तथा जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत मिलते ही इमामगंज थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट एवं एससी/एसटी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण एसपी दिव्यांजलि जायसवाल के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, इमामगंज के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।

विशेष टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन, आसूचना संकलन और विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की। पुलिस की सक्रिय कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर ही मुख्य आरोपी आशीष कुमार, निवासी पकड़ी गुड़िया, थाना इमामगंज, को गिरफ्तार कर लिया गया।

शुक्रवार को प्रेस वार्ता के दौरान ग्रामीण एसपी दिव्यांजलि जायसवाल ने बताया कि मामले की जांच वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर तेज गति से की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रयास है कि अनुसंधान शीघ्र पूरा कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जाए, ताकि त्वरित सुनवाई के माध्यम से दोषी को कानून के अनुरूप कठोर सजा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं, बच्चों तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों से जुड़े अपराधों में गया पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और हर मामले में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगी।
#गयाजी

#बिहार



31/07/2026

'एक साल बाद भी नहीं मिला इंसाफ': नगर निगम सफाईकर्मी मनीष मांझी हत्याकांड में परिजनों का फूटा गुस्सा, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप; थाना अध्यक्ष बोले- आरोप निराधार, कई आरोपी जमानत पर बाहर

गया। गया शहर के डेल्हा थाना क्षेत्र के बैरागी अंदर मोहल्ला में नगर निगम के सफाईकर्मी मनीष मांझी की 3 अगस्त 2025 को गोली मारकर हुई हत्या के लगभग एक वर्ष पूरे होने को हैं। इस बीच मृतक के परिजनों ने गुरुवार को पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए। मृतक की मां सुनीता देवी और पत्नी सलोनी कुमारी ने कहा कि अब तक उन्हें न्याय नहीं मिला है। उनका आरोप है कि हत्या के मामले में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जबकि फरार आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार केस वापस लेने व जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। हालांकि, डेल्हा थाना अध्यक्ष ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पुलिस नियमानुसार कार्रवाई कर रही है और जिन आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, वे अदालत से जमानत पर बाहर हैं।

12 नामजद में सिर्फ 5 गिरफ्तार, बाकी पर कार्रवाई की मांग

परिजनों ने बताया कि मनीष मांझी हत्याकांड में कुल 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इनमें से केवल पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जबकि शेष सात आरोपी आज भी बाहर हैं। उनका आरोप है कि यही आरोपी लगातार परिवार पर दबाव बना रहे हैं और केस उठाने की धमकी दे रहे हैं। परिवार का कहना है कि एक साल बीत जाने के बावजूद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है।
मां का आरोप- पुलिस आरोपी को घर छोड़कर गई, विरोध करने पर जेल भेजने की दी धमकी
मृतक की मां सुनीता देवी ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बुधवार की सुबह करीब तीन बजे डेल्हा थाना की पुलिस एक आरोपी को लेकर उनके घर पहुंची और उसे वहीं रहने देने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने पूरे परिवार को जेल भेजने की धमकी दी।

सुनीता देवी ने कहा, "जिसने मेरे बेटे की हत्या की, उसे गिरफ्तार कर जेल भेजने की जगह पुलिस उसे संरक्षण दे रही है। मेरा बेटा वापस नहीं आएगा, लेकिन उसके हत्यारों को सजा तो मिलनी चाहिए। आखिर मेरे बेटे का कसूर क्या था? वह नगर निगम में सफाईकर्मी था और ड्यूटी करके घर लौट रहा था, तभी रास्ते में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।" उन्होंने मुख्य आरोपी के रूप में बबलू मांझी का नाम लेते हुए उसकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक उनके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा।

'धमकी के साये में जी रहा है परिवार'

मृतक के मां सुनीता देवी ने कहा कि फरार आरोपी लगातार उन्हें और उनके परिवार को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। केस वापस नहीं लेने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या के बाद से उनका पूरा परिवार भय के माहौल में जी रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील करते हुए कहा कि सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात करती है, लेकिन उनके बेटे के हत्यारे अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने मांग की कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोर सजा दिलाई जाए।

पत्नी बोलीं- दो बच्चों के साथ जिंदगी मुश्किल, पुलिस से नहीं मिला न्याय

मृतक की पत्नी सलोनी कुमारी ने कहा कि पति की हत्या के बाद पूरा परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि उनके दो छोटे बच्चे हैं और परिवार का पालन-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है।
सलोनी ने कहा, "मेरे पति ही घर के एकमात्र कमाने वाले थे। उनकी हत्या के बाद हम लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की परवरिश मुश्किल हो गई है। ऊपर से जिन लोगों ने मेरे पति की हत्या की, वे खुलेआम घूम रहे हैं। हमें लगातार डराया और धमकाया जा रहा है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गंभीरता से कार्रवाई नहीं कर रही है। उनका कहना है कि जब तक सभी नामजद अभियुक्त गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक उनके परिवार को न्याय नहीं मिलेगा।

थाना अध्यक्ष ने आरोपों को बताया गलत

दूसरी ओर, डेल्हा थाना अध्यक्ष वेंकटेश्वर ओझा ने परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि मनीष मांझी हत्याकांड में पुलिस अब तक पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। थाना अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जिन अन्य आरोपियों की बात कही जा रही है, वे अदालत से जमानत पर बाहर हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा किसी आरोपी को संरक्षण देने या घर छोड़ने जैसी बातें सही नहीं हैं। पुलिस कानून के अनुसार कार्रवाई कर रही है और मामले में आगे भी विधिसम्मत कार्रवाई जारी रहेगी।

एक साल बाद भी इंसाफ का इंतजार

मनीष मांझी हत्याकांड को एक वर्ष पूरा होने वाला है, लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला। परिवार का आरोप है कि फरार अथवा जमानत पर बाहर आरोपी लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में कानून के तहत कार्रवाई की गई है और लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।
अब इस मामले में निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि परिजनों की शिकायतों पर पुलिस और प्रशासन क्या कदम उठाते हैं तथा शेष आरोपियों के संबंध में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।
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31/07/2026

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