12/04/2026
पटना | 11 अप्रैल
📌 कृष्ण मेमोरियल हॉल में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अभिनंदन समारोह
11 अप्रैल को कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अभिनंदन समारोह ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए। कार्यक्रम में तेजस्वी यादव की मौजूदगी रही, जहां मंच पर कई नेताओं और वक्ताओं ने उनकी जमकर तारीफ की।
लेकिन सवाल यह उठता है कि जब मंच पर सब कुछ इतना “मीठा-मीठा” दिख रहा था, तो फिर चुनाव में अपेक्षित सीटें क्यों नहीं आईं?
👉 सीमांचल के जिले—किशनगंज, अररिया, कटिहार, पूर्णिया—जहां मुस्लिम आबादी निर्णायक मानी जाती है, वहां से भागीदारी न के बराबर दिखी।
👉 वहीं शाहाबाद क्षेत्र—सासाराम, भभुआ (कैमूर)—से भी मंच पर प्रतिनिधित्व लगभग गायब रहा।
❗ सबसे अहम सवाल:
क्या पार्टी के अंदर ही कुछ ऐसे चेहरे हैं, जिनकी वजह से जमीनी कार्यकर्ता और आम मुसलमान दूरी बना रहे हैं?
कई लोगों का मानना है कि:
कुछ नेता सिर्फ मंच से भाषण देकर पार्टी को कमजोर कर रहे हैं
जमीनी हकीकत और जनता की नाराज़गी को नजरअंदाज किया जा रहा है
यही वजह है कि कार्यकर्ताओं का जुड़ाव कम हो रहा है
🗣️ यह भी कहा जा रहा है कि ऐसे लोगों ने ही तेजस्वी यादव को गलत फीडबैक देकर राजनीतिक नुकसान पहुंचाया, जिससे सत्ता तक पहुंचने का मौका हाथ से निकल गया।
📊 चिंतन का विषय:
अगर पार्टी को आगे बढ़ना है, तो ईमानदार, वफादार और जमीनी नेताओं को आगे लाना होगा—तभी जनता का भरोसा फिर से जीता जा सकता है।