Shiv Shringar

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नमस्कार दोस्तों मेरा नाम मोहित श्रीवास्तव है और मैं भी आप की तरह शिव भक्त हू मै प्रतिदिन शिव जी का श्रृंगार करता हूं यदि आपको मेरे श्रृंगार वीडियो पसंद आए तो पेज को फॉलो करे और अपना प्यार और आशीर्वाद दे । आप इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर भी फॉलो कर सकते है 🚩

12/06/2026

ॐ नमः पार्वती पतये हर हर महादेव 🔱

11/06/2026

11 जून 2026 के श्रृंगार दर्शन 🔱

10/06/2026

1 लोटा जल सारी समस्या का हल 🚩
मानसिक लाभ निम्नलिखित हैं:मानसिक शांति और तनावमुक्ति: जल की शीतलता मन और मस्तिष्क को शांत करती है, जिससे मानसिक तनाव और नकारात्मक विचार दूर होते हैं।
पापों का नाश: शिव महापुराण के अनुसार, शिवलिंग पर चढ़े पवित्र जल के प्रभाव और उसके आचमन से जाने-अनजाने में हुए कर्मों और पापों का नाश होता है।
ग्रह दोष शांत होना: नियमित रूप से शिवलिंग पर जल चढ़ाने से कुंडली के कमजोर ग्रह (विशेष रूप से चंद्र और शुक्र) मजबूत होते हैं और उनके नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।
कष्टों से मुक्ति: महादेव को जल चढ़ाने से जीवन के समस्त सांसारिक कष्ट दूर होते हैं और आरोग्य (निरोगी काया) की प्राप्ति होती है।
शिवलिंग पर जल हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके चढ़ाना सबसे उत्तम माना जाता है।

09/06/2026

जय श्री राम।
आज मंगलवार 9 जून 2026 के श्रृंगार दर्शन 🔱

08/06/2026

महादेव की कृपा पाने के कुछ सबसे सरल और प्रभावी मार्ग इस प्रकार हैं:सच्चा समर्पण: महादेव को बाह्य दिखावे से ज्यादा हृदय की पवित्रता प्रिय है। किसी भी जीव को मानसिक, वाचिक या शारीरिक नुकसान न पहुँचाना ही सच्ची शिव भक्ति है।मंत्र जाप: रुद्राक्ष की माला से प्रतिदिन या सोमवार को 'ॐ नमः शिवाय' (पंचाक्षरी मंत्र) का जाप करें। यह मन को शांत और शुद्ध करने का सबसे शक्तिशाली उपाय है।जलाभिषेक: सोमवार के दिन निकटतम शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर शुद्ध जल, दूध, बेलपत्र, और धतूरा अर्पित करें। यह महादेव को सबसे प्रिय है।नियमित ध्यान: रोज कुछ समय शांत बैठकर 'ॐ नमः शिवाय' का मानसिक जाप करें। इससे आप सीधे शिव ऊर्जा से जुड़ सकते हैं।परोपकार: जरूरतमंदों की सहायता करें और भूखों को भोजन कराएं। जन-सेवा ही सच्ची शिव-सेवा मानी जाती है।

07/06/2026

शिव पूजा के प्रमुख विशेष लाभ: मानसिक शांति और स्थिरता: भगवान शिव की पूजा से तनाव और चिंता दूर होती है, जिससे मन शांत और एकाग्र रहता है। रोगों से मुक्ति और आरोग्य: शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाने से असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है और शरीर स्वस्थ रहता है।

06/06/2026

ॐ नमः शिवाय

05/06/2026

"ॐ नमः पार्वती पतये हर हर महादेव" भगवान शिव और माता पार्वती की स्तुति में गाया जाने वाला एक बेहद पवित्र और शक्तिशाली जयकारा है।
​इसका सरल और गहरा अर्थ नीचे समझ सकते हैं:
​मंत्र का शब्द-दर-शब्द अर्थ
​ॐ (Om): यह ब्रह्मांड की पहली ध्वनि है, जो परमपिता परमेश्वर (ब्रह्म) का प्रतीक है।
​नमः (Namah): इसका अर्थ है 'नमन करना' या 'प्रणाम करना'। (अहंकार को त्यागकर खुद को सौंपना)।
​पार्वती पतये (Parvati Pataye): इसका अर्थ है 'माता पार्वती के पति'। यहाँ भगवान शिव को देवी पार्वती के स्वामी के रूप में संबोधित किया गया है।
​हर हर (Hara Hara): 'हर' का अर्थ है हरने वाला। भगवान शिव हमारे दुखों, कष्टों, पापों और अज्ञानता को 'हर' लेते हैं (दूर कर देते हैं)।
​महादेव (Mahadeva): इसका अर्थ है 'देवों के देव' यानी सबसे महान देवता।
​संपूर्ण अर्थ
​"माता पार्वती के पति, देवों के देव महादेव को मेरा प्रणाम है। हे शिव! आप हमारे सभी दुखों और कष्टों को हर लीजिए।"

04/06/2026

"हर हर महादेव" सनातन धर्म (हिंदू धर्म) में भगवान शिव की आराधना और स्तुति के लिए बोला जाने वाला एक अत्यंत पवित्र, शक्तिशाली और लोकप्रिय जयकारा है। इसका गहरा आध्यात्मिक और शाब्दिक अर्थ है।
​अगर इसे अलग-अलग शब्दों में तोड़कर समझें, तो इसका अर्थ इस प्रकार है:
​1. शाब्दिक अर्थ
​हर: 'हर' शब्द संस्कृत की 'हृ' धातु से बना है, जिसका अर्थ होता है "हरण करने वाला" या "दूर करने वाला"।
​महादेव: महा + देव अर्थात "देवताओं के भी देव" यानी भगवान शिव।
​💡 पूरा अर्थ: "हे महादेव! आप हमारे सभी दुखों, कष्टों, पापों और अज्ञानता का हरण कर लीजिए।"

03/06/2026

श्री शिवाय नमस्तुभ्यं का सरल अर्थ है: "हे भगवान शिव, मैं आपको नमस्कार करता हूँ।"यह एक अत्यंत लोकप्रिय और श्रद्धापूर्ण शिव मंत्र है, जो महादेव के प्रति नमन, समर्पण और विनम्रता को प्रकट करता है।शब्दों का विस्तृत अर्थ:श्री (Shri): शुभता, लक्ष्मी और दिव्यता का प्रतीक।शिवाय (Shivay): कल्याणकारी या भगवान शिव।नमस्तुभ्यं (Namastubhyam): 'नमः' (नमस्कार/प्रणाम) और 'तुभ्यं' (आपको) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है "मैं आपको प्रणाम करता हूँ"।यह मंत्र केवल एक अभिवादन नहीं है, बल्कि इससे बोलने वाले के मुख और मन की पवित्रता बढ़ती है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं में इस मंत्र का स्मरण करने से कष्टों का निवारण होता है और जीवन में शांति व सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

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