08/06/2026
गाजीपुर नगर के लंका स्थित रामलीला समिति सभागार में साहित्य चेतना समाज के तत्वावधान में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. गजाधर शर्मा 'गंगेश' की पुस्तक 'गाजीपुर के काव्य-साहित्य का इतिहास' का भव्य लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा और शोध जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित विद्वान शामिल हुए।
डॉ. गंगेश कहे कि यह पुस्तक केवल एक साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि गाजीपुर की सांस्कृतिक और साहित्यिक विरासत को सहेजने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि अनेक कठिन परिस्थितियों के बावजूद वह यह कार्य पूरा किए, ताकि जिले की साहित्यिक परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके।
अन्य वक्ता पुस्तक की विशेषता बताते हुए कहे कि इसमें करीब 428 कवियों और लगभग 600 वर्षों की साहित्यिक यात्रा को संकलित किया गया है। निःसंदेह यह डॉ. गंगेश की यह कृति शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी, जबकि कुछ का कहना था कि यह कृति भविष्य के शोध कार्यों की मजबूत आधारशिला होगी।
मुख्य अतिथि प्रो. अवधेश प्रधान कहे कि साहित्य किसी समाज की आत्मा होता है और कवियों ने ही देश की सांस्कृतिक चेतना को आकार दिया है। वह डॉ. गंगेश के इस प्रयास को जिले की साहित्यिक परंपरा को संरक्षित करने वाला महत्वपूर्ण कार्य बताए। संचालन संस्था के उपाध्यक्ष इं.संजीव गुप्त किए। अंत में धन्यवाद ज्ञापन संस्थापक अमरनाथ तिवारी 'अमर' किए।