13/09/2026
गाजीपुर के बहुचर्चित विनीत राय हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। एक लाख रुपये के इनामी आरोपी सोनू यादव को पुलिस 12 सितंबर की रात शहर कोतवाली क्षेत्र के अंधऊ इलाके से धर दबोची। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के समय सोनू निहत्था था और उसके पास से कोई असलहा बरामद नहीं हुआ। यानी गिरफ्तारी के दौरान न गोली चली और न एनकाउंटर की नौबत ही आई।
सोनू यादव मूल रूप से करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के कोठिया कोडरताल गांव का रहने वाला है और शहर में कालिधाम कॉलोनी, गौसाबाद में रहता था। पुलिस के अनुसार वह कभी सक्रिय रहे कटरा गैंग का सदस्य रहा है। शहर कोतवाली में उसके खिलाफ पहले से ही अलग-अलग धाराओं में 12 मुकदमे दर्ज हैं।
30 मई को बिंदू होटल के मालिक के बेटे विनीत राय की हत्या के मामले में दर्ज एफआईआर में कटरा गैंग का सरगना शंकर पांडेय, सोनू यादव, कमलेश बिंद उर्फ कमलेश चौधरी और आलोक दुबे नामजद थे, जबकि तीन अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। तीन जून को पुलिस मुठभेड़ में कमलेश बिंद मारा गया था। बाद की विवेचना में तीन और नाम सामने आए।
इस मामले में पुलिस शंकर पांडेय के पिता रविशंकर पांडेय, शिवम दुबे, रहमान अली उर्फ गोल्डेन, सौरभ तिवारी, अरविंद कुमार, सुमित पांडेय, सत्यप्रकाश पांडेय उर्फ मुनि और एक बाल आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब सोनू यादव की गिरफ्तारी भी हो गई है।
हालांकि शंकर पांडेय और आलोक दुबे अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। ऐसे में अब निगाहें इन दोनों की गिरफ्तारी पर हैं। क्या यह दोनों भी बिना किसी मुठभेड़ के पुलिस के हत्थे चढ़ेंगे, या इस कहानी का अगला अध्याय कुछ और होगा?