18/07/2026
वाराणसी में 50 करोड़ की जमीन घोटाला: 8 महीने पुरानी पावर ऑफ अटॉर्नी 1 दिन में निरस्त, दानपत्र के 7 घंटे बाद ही बेच डाली संपत्ति; रात 11:31 बजे बीजेपी उपाध्यक्ष सुरेश सिंह के नाम हुई रजिस्ट्री पर बड़ा सवाल। वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के मोहनसराय में सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा की करीब 50 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को धोखे से दानपत्र और फिर बिक्री विलेख (रजिस्ट्री) के जरिए हड़पने के मामले की जांच रोहनिया थाने के विवेचक ने शुरू कर दी है।
ओमप्रकाश के अधिवक्ता के मुताबिक आरोपियों ने पीड़ित की बहू के नाम आठ महीने पुरानी पावर ऑफ अटॉर्नी को महज एक ही दिन में निरस्त करा दिया। इसके बाद उसी शाम भतीजे विशाल मिश्रा के नाम दानपत्र कराया गया और महज सात घंटे बाद ही उसी जमीन की रजिस्ट्री भी करा दी गई, यानी 50 करोड़ रुपये की 70 बिस्वा जमीन का पूरा खेल कुछ ही घंटों में निपटा दिया गया। सबसे गंभीर आरोप रजिस्ट्री के समय को लेकर है। शिकायत के अनुसार शाम 4:38 से 4:41 बजे के बीच विशाल मिश्रा ने जमीन का दानपत्र अपने नाम कराया, और आरोप है कि उसी रात गंगापुर रजिस्ट्री कार्यालय के तत्कालीन उपनिबंधक अनिल कुमार और एक लिपिक की मिलीभगत से रात 11:31 बजे से 11:35 बजे के बीच संपत्ति की रजिस्ट्री कर दी गई। जबकि सामान्यतः रजिस्ट्री कार्यालय का सर्वर शाम 5 बजे के बाद बंद हो जाता है। सुरेश सिंह, नितेश राय, सब रजिस्ट्रार के नेक्सेस का कारनामा।