02/06/2026
होनहारों की सफलता को मिला सम्मान, मिनर्वा में गूंजीं शाबाशियां
-मिनर्वा में होनहारों के सम्मान के लिए सजा मंच, चयनित छात्रों ने बढ़ाया जिले का मान
-जेईई एडवांस्ड में मिनर्वा का पंच, 5 विद्यार्थियों ने आईआईटी में बनाई जगह
-आईआईटी के द्वार तक पहुंची मिनर्वा की मेहनत, जेईई एडवांस्ड में 5 विद्यार्थियों ने मारी बाजी
घुमारवीं, 1 जून
जेईई एडवांस्ड में शानदार प्रदर्शन कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रवेश सुनिश्चित करने वाले विद्यार्थियों के सम्मान में मिनर्वा स्टडी सर्कल, घुमारवीं द्वारा भव्य "शाबाशियां समारोह" का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चयनित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का फूलमालाओं व तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया गया।
संस्थान के पांच प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस्ड में उत्कृष्ट रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार और संस्थान का, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश का नाम भी रोशन किया है। आदित्य ने अखिल भारतीय रैंक (एआईआर) 177, पावन ने 490, मेधांश ने 7947, प्रगुण ने 15025 तथा वरिन ने 19132वीं रैंक प्राप्त कर आईआईटी में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त किया।
विद्यार्थियों की इस उपलब्धि को यादगार बनाने के लिए आयोजित समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों ने सफलता की इस यात्रा को साझा किया। पूरे परिसर में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला।
समारोह में मौजूद अभिभावकों ने भी अपने अनुभव साझा किए और संस्थान की शिक्षण व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिनर्वा स्टडी सर्कल ने विद्यार्थियों को केवल परीक्षा की तैयारी ही नहीं करवाई, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण भी विकसित किया।
अभिभावकों ने कहा, हमारे बच्चों ने जो सफलता हासिल की है, वह हमारे परिवार के लिए अविस्मरणीय पल है। मिनर्वा ने जिस समर्पण और जिम्मेदारी के साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया, उसके परिणाम आज हमारे सामने हैं। यह उपलब्धि जीवनभर हमारे लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
संस्थान के सीएमडी राकेश चंदेल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता केवल रैंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने जिस विश्वास के साथ मिनर्वा स्टडी सर्कल को चुना, उसके लिए हम सदैव आभारी रहेंगे। हमारा प्रयास हमेशा यही रहता है कि जो भरोसा हम पर किया गया है, उस पर पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ खरा उतरें। एमडी स्वदेश चंदेल ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में अपार प्रतिभा होती है, जरूरत केवल सही दिशा, उचित मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत की होती है। आज इन विद्यार्थियों ने साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार किए जाएं तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती।
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शिक्षक राह दिखाते हैं, सफलता की मंजिल विद्यार्थी तय करते हैं:- प्रवेश चंदेल
संस्थान के प्रबंधक प्रवेश चंदेल ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज पांच विद्यार्थियों ने आईआईटी में प्रवेश सुनिश्चित कर एक नई मिसाल कायम की है। अब इन पांच सफलताओं को पंद्रह और उससे आगे तक पहुंचाना आप सभी विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है। शिक्षक केवल मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं, लेकिन सफलता की राह पर चलना और उसे हासिल करना विद्यार्थियों के अपने संकल्प, मेहनत और लगन पर निर्भर करता है। पांच को पंद्रह बनाना न तो असंभव है और न ही बहुत आसान; इसके लिए निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास और समर्पण की आवश्यकता होती है। मेहनत करने वालों के लिए दुनिया का कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता।