01/09/2026
*तीसरी बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित हुए चुवाड़ी के सपूत जगदीश कुमार*
*डोडा-किश्तवाड़ व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अदम्य साहस, उत्कृष्ट सेवा और प्रभावी नेतृत्व के लिए मिला सम्मान*
घुमारवीं (बिलासपुर), 1 सितंबर। घुमारवीं उपमंडल की दकड़ी पंचायत के चुवाड़ी गांव निवासी एवं सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के अतिरिक्त प्रशिक्षण केंद्र, सराहन में तैनात डिप्टी कमांडेंट जगदीश कुमार को वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए तीसरी बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है। मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में गृह सचिव गोविंद मोहन ने उन्हें राष्ट्रपति पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उनकी इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव चुवाड़ी सहित घुमारवीं उपमंडल और पूरे बिलासपुर जिले में खुशी की लहर है।
जगदीश कुमार ने जम्मू-कश्मीर के डोडा-किश्तवाड़ क्षेत्र तथा बिहार के नक्सल प्रभावित अति संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती के दौरान उग्रवाद विरोधी अभियानों में अदम्य साहस, रणनीतिक दक्षता और प्रभावी नेतृत्व का परिचय दिया। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने पूरी निष्ठा, समर्पण और कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों के दौरान हथियार, गोला-बारूद एवं विस्फोटक सामग्री बरामद करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
जगदीश कुमार की उत्कृष्ट सेवाओं और साहस को इससे पूर्व भी अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें गोल्डन डिस्क, कठिन सेवा पदक, भारतीय पुलिस पदक, डीजी गोल्डन डिस्क, आंतरिक सुरक्षा पदक तथा गैलेंट्री अवॉर्ड सहित कई महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। तीसरी बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित होना उनकी लंबे समय से चली आ रही उत्कृष्ट सेवा, अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रमाण है।
उनकी इस उपलब्धि पर चुवाड़ी गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने गर्व व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि जगदीश कुमार ने कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सुरक्षा के लिए जिस साहस, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का परिचय दिया है, वह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
जगदीश कुमार की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और पैतृक गांव चुवाड़ी, बल्कि घुमारवीं उपमंडल एवं पूरे बिलासपुर जिले का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। तीसरी बार राष्ट्रपति पदक प्राप्त कर उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रसेवा के प्रति अपने समर्पण की एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है और पूरे क्षेत्र में गर्व एवं उत्साह का वातावरण है।