19/08/2026
श्री सम्मेद शिखर जी में जैन एवं गैर-जैन समाज के बीच विवाद चिंताजनक : छात्र नेता अनीश राय
गिरिडीह। छात्र नेता अनीश राय ने विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थस्थल श्री सम्मेद शिखर जी, पारसनाथ में जैन समाज एवं गैर-जैन समाज के बीच उत्पन्न विवाद को अत्यंत चिंताजनक एवं दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
अनीश राय ने कहा कि श्री सम्मेद शिखर जी जैन समाज का अत्यंत पवित्र एवं आस्था का प्रमुख केंद्र है। जैन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 24 तीर्थंकरों में से 20 तीर्थंकरों तथा अनेक मुनियों ने इसी पवित्र भूमि से मोक्ष (निर्वाण) प्राप्त किया है। ऐसे पवित्र तीर्थस्थल की धार्मिक गरिमा एवं शांति बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि विगत कुछ दिनों से जैन एवं गैर-जैन समाज के बीच जिस प्रकार का विवाद सामने आ रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। किसी भी समुदाय के लोगों द्वारा आपसी बहस, विवाद अथवा टकराव की स्थिति उत्पन्न होना चिंता का विषय है। उन्होंने संबंधित समितियों एवं प्रशासन से अपील की कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जल्द स्पष्ट एवं आधिकारिक बयान जारी किया जाए, ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी दूर हो और विवाद आगे बढ़ने से रोका जा सके।
छात्र नेता ने जैन समाज से भी अपील की कि गैर-जैन श्रद्धालुओं एवं आगंतुकों के साथ शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखें, वहीं गैर-जैन समाज के लोगों से उन्होंने विनम्र आग्रह किया कि श्री सम्मेद शिखर जी की धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता को समझते हुए वहां तीर्थस्थल की भावना और श्रद्धा के साथ जाएं तथा उसकी पवित्रता एवं मर्यादा का सम्मान करें।
उन्होंने कहा कि श्री सम्मेद शिखर जी केवल घूमने-फिरने का स्थान नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा पवित्र तीर्थ है। इसलिए सभी समुदायों को आपसी सम्मान, संयम और भाईचारे के साथ इस पवित्र स्थल की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए।
अनीश राय ने अंत में प्रशासन, स्थानीय समितियों, जैन समाज एवं गैर-जैन समाज के सभी लोगों से शांति, सौहार्द एवं आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।