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11/12/2025

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25/11/2025
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14/11/2025

मेडिकल कॉलेज को मिला इंस्टीट्यूट एथिक्स कमेटी का अनुमोदन

अब डॉक्टर व स्टूडेंट आधिकारिक अनुमति लेकर कर सकेंगे शोध कार्य

गोंडा। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, गोंडा को स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग, भारत सरकार की ओर से इंस्टीट्यूट एथिक्स कमेटी का औपचारिक अनुमोदन प्राप्त हो गया है। इस स्वीकृति के साथ संस्थान में डॉक्टरों, रेजिडेंट्स और एमबीबीएस विद्यार्थियों द्वारा किये जाने वाले सभी शोध कार्य अब समिति की अनुमति लेकर विधिवत रूप से संचालित किए जा सकेंगे। यह संस्थान के शैक्षणिक और अनुसंधानिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
एथिक्स कमेटी में विभिन्न क्षेत्रों से अनुभवी व प्रतिनिधिक सदस्य शामिल किए गए हैं। जिनमें बीएचयू के सेवानिवृत्त प्रोफेसर को कमेटी का चेयरमैन नियुक्त करते हुए,
अन्य सदस्यों में विधिक विशेषज्ञ के रूप में एक एडवोकेट, एक सदस्य सोशल साइंटिस्ट, सामान्य पर्सन (सामान्य जनप्रतिनिधि) के रूप में एक सदस्य के अलावा कॉलेज बाहरी एक वरिष्ठ संकाय सदस्य, कॉलेज के चार फैकल्टी सदस्य शामिल किए गए हैं।
इन सदस्यों की संरचना संस्थान में होने वाले शोध कार्यों को पारदर्शी, वैज्ञानिक, नैतिक और मानकों के अनुरूप बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रधानाचार्य प्रोफेसर डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि इंस्टीट्यूट एथिक्स कमेटी को हेल्थ एंड रिसर्च निदेशालय की स्वीकृति मिलना हमारे संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे शोध कार्यों को एक व्यवस्थित, सुरक्षित और नैतिक ढांचा मिलेगा। डॉक्टरों और विद्यार्थियों को अब अपने रिसर्च प्रोटोकॉल समिति के समक्ष प्रस्तुत कर अनुमोदन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा मिलेगा। यह उपलब्धि न केवल संस्थान की शैक्षणिक क्षमता को मजबूत करेगी, बल्कि मरीज हित में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने कहा कि स्वीकृत एथिक्स कमेटी की स्थापना से संस्थान में क्लीनिकल व नॉन-क्लीनिकल शोध, सामुदायिक अध्ययन, मेडिकल इनोवेशन तथा छात्र प्रोजेक्ट्स को एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज अब राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शोध संस्थानों की श्रेणी में कदम रखने की ओर अग्रसर माना जा रहा है।













एमबीबीएस इंटर्न्स व रेजिडेंट्स के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण शुरू मेडिकल कॉलेज में आयोजित हो रही है प्रशिक्षण कार्यशाला स्...
12/11/2025

एमबीबीएस इंटर्न्स व रेजिडेंट्स के लिए सात दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

मेडिकल कॉलेज में आयोजित हो रही है प्रशिक्षण कार्यशाला

स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, गोंडा के ईश्वर शरण अस्पताल में बुधवार से “पेशेंट सेफ्टी, डॉक्यूमेंटेशन एंड क्लीनिकल स्किल्स” विषय पर सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
यह प्रशिक्षण 12 से 18 नवंबर तक प्रतिदिन सायं 4 से 5:30 बजे तक कॉलेज के लेक्चर थिएटर-1 में आयोजित हो रहा है।

कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने किया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य युवा चिकित्सकों में रोगी सुरक्षा, नैतिक आचरण और सटीक डॉक्यूमेंटेशन की समझ विकसित करना है।
प्रथम दिवस पर प्रो. एजाज अहमद, विभागाध्यक्ष जनरल मेडिसिन ने रिकॉर्ड कीपिंग व डॉक्यूमेंटेशन के महत्व पर व्याख्यान दिया।
इसके बाद सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी एवं एमएस डॉ. डी.एन. सिंह ने अस्पताल प्रशासन, अनुशासन और चिकित्सकीय जिम्मेदारियों पर चर्चा की।
प्रशिक्षण के आगामी सत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सक ट्रॉमा पेशेंट्स के मूल्यांकन, मेडिकोलीगल डॉक्यूमेंटेशन, सीपीआर, डेथ सर्टिफिकेट प्रक्रिया, एक्यूट एब्डॉमिन, कार्डियक व रेस्पिरेटरी इमरजेंसी, ब्लड ट्रांसफ्यूजन और इलेक्ट्रोलाइट मैनेजमेंट जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देंगे।
अंतिम दिन डॉ. नूपुर पॉल, विभागाध्यक्ष मनोचिकित्सा, “ब्रेकिंग द बैड न्यूज” विषय पर सत्र लेंगी, जिसमें चिकित्सकों को रोगी परिजनों से संवेदनशील संवाद की कला सिखाई जाएगी।

कार्यक्रम का संचालन व समन्वय डॉ. कुलदीप पांडे, डॉ. मुसाफिर सुहैल, डॉ. राहुल जायसवाल, डॉ. निशांत पांडेय, डॉ. ब्रजेश कुमार मिश्रा, डॉ. विकास कुमार, डॉ. अरुण मिश्रा, डॉ. जिआउल इस्लाम सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है।

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एसपी गोंडा विनीत जायसवाल ने किया दरोगाओं की तैनाती में फेरबदल
10/11/2025

एसपी गोंडा विनीत जायसवाल ने किया दरोगाओं की तैनाती में फेरबदल

10/11/2025

गोंडा जिला मुख्यालय पर तीन दशक पहले निर्मित गोंडा बलरामपुर मार्ग पर रेलवे ओवर ब्रिज से रविवार 9 नवम्बर की देर रात को एक लोडिंग ट्रक रेलिंग और पुल के बड़े हिस्से को तोड़ते हुए नीचे गिर पड़ा। गनीमत ये रही कि रात का व़क्त था जिससे ब्रिज के नीचे भीड़ नहीं थी, रानी बाजार का पुल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।

मेडिकल कॉलेज के ईश्वर शरण अस्पताल में ओपीडी अब शाम चार बजे तक  मरीजों को राहत, अस्पताल प्रबंधन में सुधार गोंडा। स्वशासी ...
04/11/2025

मेडिकल कॉलेज के ईश्वर शरण अस्पताल में ओपीडी अब शाम चार बजे तक

मरीजों को राहत, अस्पताल प्रबंधन में सुधार

गोंडा। स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ईश्वर शरण अस्पताल में अब मरीजों को पहले से अधिक समय तक इलाज की सुविधा मिलेगी। अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी समय में बड़ा बदलाव करते हुए इसे अब सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक करने का निर्णय लिया है। पहले ओपीडी केवल दोपहर 2 बजे तक ही संचालित होती थी। इस परिवर्तन से न केवल मरीजों को सहूलियत मिलेगी बल्कि अस्पताल की कार्यकुशलता और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि अस्पताल में बढ़ते मरीजों की संख्या, साथ ही एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्रों के नैदानिक रोटेशन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अब छात्र पूरे दिन अस्पताल में मरीजों के बीच रहकर चिकित्सकीय अनुभव प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनकी पढ़ाई और प्रायोगिक ज्ञान दोनों में सुधार होगा।
नए ओपीडी समय के तहत शाम साढ़े तीन बजे तक नए मरीजों के पर्चे बनाए जा सकेंगे, जबकि पहले यह प्रक्रिया केवल डेढ़ बजे तक ही सीमित थी। इस बदलाव से उन मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी जो दूर-दराज़ क्षेत्रों से इलाज कराने आते हैं और पूर्व निर्धारित समय सीमा में अस्पताल नहीं पहुंच पाते थे। अब वे भी बिना जल्दबाजी के अपनी जांच और इलाज करवा सकेंगे।
अस्पताल के ओपीडी समय में सुधार का सकारात्मक असर पहले ही दिन देखने को मिला। सोमवार को ओपीडी के दूसरे दिन शाम तीन बजे तक डॉक्टर अपने-अपने कक्षों में मरीजों की जांच करते पाए गए। इस दौरान हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. दीक्षा द्विवेदी, हॉस्पिटल मैट्रन, और मेडिकल कॉलेज प्रशासनिक स्टाफ भी ड्यूटी पर मौजूद रहे। अस्पताल में मरीजों की बढ़ी आवाजाही के बावजूद व्यवस्थाएं सुदृढ़ रहीं।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नए ओपीडी समय से बेहतर रोगी प्रबंधन संभव होगा। विभागवार डॉक्टरों की उपस्थिति और समय का समुचित उपयोग किया जा सकेगा। इसके साथ ही संसाधनों का कुशल उपयोग भी सुनिश्चित होगा, जिससे अस्पताल की उत्पादकता और सेवा गुणवत्ता में वृद्धि होगी।
मरीजों की दृष्टि से यह परिवर्तन एक राहत भरा कदम है। कम प्रतीक्षा समय, बेहतर पहुंच, और लंबे समय तक चिकित्सीय सुविधा के कारण मरीजों को पहले से बेहतर अनुभव प्राप्त हो रहा है। अब अस्पताल आने वाले मरीजों को यह सुविधा है कि वे सुबह से लेकर शाम तक डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं।
चिकित्सक समुदाय और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े लोगों ने इस निर्णय को सराहा है। उनका कहना है कि यह कदम न केवल मरीजों के हित में है बल्कि यह चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को भी ऊँचा उठाएगा। छात्रों को अब अधिक समय तक व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा जिससे वे आने वाले समय में और अधिक सक्षम डॉक्टर बन सकेंगे।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में ओपीडी की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया जाएगा।

31/10/2025

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