02/02/2026
छपिया (गोंडा)।
छपिया कस्बे के शनी मैरेज लॉन में लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन पर आधारित छह दिवसीय ‘जय श्री वल्लभ राष्ट्र कथा’ का भव्य शुभारंभ हुआ। राष्ट्र निर्माण की भावना से ओतप्रोत यह आयोजन 7 फरवरी तक चलेगा। समापन के दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें करीब दस हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
राष्ट्र कथा को लेकर आयोजकों ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। क्षेत्र के सभी गांवों में माइक से अनाउंसमेंट कराए गए, वहीं पूरे जिले में प्रचार-प्रसार किया गया। इसका असर यह रहा कि पहले ही दिन जिलेभर से विभिन्न समुदायों के लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम में पटेल समाज के साथ-साथ अन्य समाजों के राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों की भी उल्लेखनीय सहभागिता रही।
उल्लेखनीय है कि बीते वर्ष मार्च में पटेल समाज द्वारा गोंडा जिले में आयोजित कुर्मी महाकुंभ के माध्यम से समाज ने अपनी एकता और संगठन शक्ति का परिचय दिया था। एक बार फिर ‘जय श्री वल्लभ राष्ट्र कथा’ के माध्यम से पटेल समाज सामाजिक एकजुटता और राष्ट्रभाव का संदेश दे रहा है।
कथावाचक हरीभाई पटेल वल्लभानंद जी महाराज ने कहा कि इस राष्ट्र कथा का उद्देश्य दलीय राजनीति से ऊपर उठकर अखंड भारत के निर्माता लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि “सबके हैं सरदार” की भावना के साथ यह राष्ट्र कथा भारतीय समाज के सभी राष्ट्रवादी वर्गों को जोड़ने का कार्य कर रही है। यह कथा सरदार पटेल के जीवन पर आधारित दस अध्यायों में रचित है, जिसे 14 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद तैयार किया गया है।
कथावाचक ने यह भी कहा कि राष्ट्र कथा में सरदार वल्लभभाई पटेल की संपूर्ण जीवनगाथा का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। इसमें उनके जन्म, बाल्यकाल और शिक्षा से लेकर विदेश जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने, अंग्रेजों के खिलाफ अदालतों में संघर्ष कर किसानों को न्याय दिलाने, बारडोली सत्याग्रह के माध्यम से किसानों का बढ़ा हुआ लगान वापस कराने जैसी ऐतिहासिक घटनाओं को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका, देश को आजादी दिलाने के लिए किए गए संघर्ष और नेतृत्व को भी कथा के माध्यम से बताया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद सरदार पटेल ने 564 रियासतों का एकीकरण कर बिखरे भारत को एक सूत्र में पिरोया और देश को अखंड भारत का स्वरूप प्रदान किया। भारत को विश्व शक्ति बनाने का उनका मिशन क्या था, इसे भी राष्ट्र कथा में प्रमुखता से रखा गया है। कथावाचक ने कहा कि सरदार पटेल साधारण मानव नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माता महामानव थे, जिनके नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत को सदियों की गुलामी से मुक्ति दिलाई। अंग्रेजों द्वारा बनाई गई 565 रियासतों की व्यवस्था को समाप्त कर उन्होंने मजबूत और एकीकृत भारत की नींव रखी। इन सभी ऐतिहासिक प्रसंगों का जीवंत वर्णन इस राष्ट्र कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुनाया जा रहा है।
राष्ट्र कथा में देशभर से पटेल समाज के वरिष्ठजन, सेवानिवृत्त आईएएस व आईपीएस अधिकारी, बुद्धिजीवी वर्ग तथा गुजराती उद्योगपति भी सहभागिता कर रहे हैं, जिससे आयोजन को राष्ट्रीय स्वरूप मिल रहा है।
इस अवसर पर राष्ट्र कथा के संरक्षक जिला पंचायत सदस्य जगदीश पटेल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य चंद्र प्रताप पटेल एडवोकेट, सकसेन वर्मा, राकेश वर्मा (अपना दल एस, देवीपाटन मंडल अध्यक्ष), रवि कुमार चौधरी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य नंद किशोर वर्मा एडवोकेट, गुरूसरन, गंगाराम भारती, पंकज चौधरी, शिवकुमार विश्वकर्मा, कनिक राम पटेल एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।