MM News GONDA

MM News GONDA Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from MM News GONDA, Newspaper, Gonda.

बिग ब्रेकिंगबालपुर गोंडा। ग्राम बमडेरा में नाली विवाद में रास्ते में रोककर धारदार हथियार से 50 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति की ब...
17/04/2026

बिग ब्रेकिंग
बालपुर गोंडा। ग्राम बमडेरा में नाली विवाद में रास्ते में रोककर धारदार हथियार से 50 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति की बेरहमी से दिनदहाड़े निर्मम हत्या। पुलिस प्रशासन एवं ग्रामीणों में मचा हड़कंप।
थाना कटरा बाजार की ग्रामपंचायत बमडेरा में नाली के विवाद में खेत काटने जा रहे 50 वर्षीय अन्नू कुमार चौबे पुत्र इन्द्रदत्त चौबे की हंसिया मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। परिजनों के मुताबिक गांव के राम सिंगार राजकुमार एवं मुंशी लाल समेत तीन लोगों ने अधेड़ पर हंसिया कुदाल एवं लाठी से हमला किया। इससे वह लहूलुहान होकर गांव के बाहर मन्दिर के पास गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि हमलावर हमला करने के पहले रास्ते पर जाने वाले को जान से मारने की धमकी दिए थे। हमलावर गांव के बाहर मन्दिर के पास पूरी तैयारी के साथ घात लगाकर बैठे हुए थे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन एवं ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। इंस्पेक्टर कटरा बाजार विवेक त्रिवेदी एवं चौकी प्रभारी हलधरमऊ शिवम भारी पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे।शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया साथ ही विधिक कार्रवाई की जा रही है

06/01/2026
*यूपी कैबिनेट में 14 प्रस्ताव में 13 को मिली स्वीकृति**__________________________*👉*परिवार के बीच दान विलेख पर स्टाम्प श...
06/01/2026

*यूपी कैबिनेट में 14 प्रस्ताव में 13 को मिली स्वीकृति*
*__________________________*

👉*परिवार के बीच दान विलेख पर स्टाम्प शुल्क में राहत, अब व्यावसायिक व औद्योगिक संपत्तियां भी शामिल*

👉*योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, राज्य में पारिवारिक संपत्ति हस्तांतरण होगा आसान*

👉*प्रदेश को ग्लोबल सर्विस हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम*

👉*पारिवारिक सदस्यों को दान दी गई संपत्ति पर देय होगा अधिकतम ₹5,000 स्टाम्प शुल्क*

*अजय सिंह*
*लखनऊ।* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य में परिवार के सदस्यों के मध्य निष्पादित अचल संपत्ति के दान विलेख पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क में दी जा रही छूट के दायरे को और व्यापक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस निर्णय से अब पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी स्टाम्प शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी। अभी तक भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में दान विलेखों पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार हस्तांतरण पत्र (कन्वेयंस डीड) की भांति स्टाम्प शुल्क देय होता है, जबकि रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के प्रावधानों के अनुसार अचल संपत्ति के दान विलेख का पंजीकरण अनिवार्य है।

स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना के माध्यम से यह व्यवस्था की गई थी कि यदि अचल संपत्ति का दान परिवार के सदस्यों के पक्ष में किया जाता है तो स्टाम्प शुल्क में छूट देते हुए अधिकतम ₹5,000 ही लिया जाएगा। यह छूट अब तक केवल कृष्य एवं आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी। योगी कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव के तहत इस छूट को पारिवारिक सदस्यों के मध्य व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी लागू करने का निर्णय लिया गया है। इससे परिवारों के बीच संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हो जाएगी।

प्रदेश के स्टांप तथा पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि 2022 से पहले तक परिवार के रिश्ते में यदि कोई प्रॉपर्टी देता था तो पूरे सर्किल रेट के बराबर स्टाम्प शुक्ल देना पड़ता था। 2022 में मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में तय हुआ कि पारिवारिक रिश्तों में यदि कोई प्रॉपर्टी दान की जाती है तो उस पर फिक्स्ड 5 हजार रुपए स्टांप लगेगा। लेकिन यह दान केवल आवासीय और कृषि पर लागू था, लेकिन अब यह नियम कॉमर्शियल प्रॉपर्टी पर भी लागू कर दिया गया है। शहर के अंदर अब तक यह 7 प्रतिशत और गांवों में 5 प्रतिशत था, लेकिन अब गांव या शहर कहीं भी आपको केवल 5 हजार रुपए ही भुगतान करना है।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, पूर्व में जारी अधिसूचना में उल्लिखित संबंधियों की परिभाषा एवं अन्य प्रावधानों को भी और अधिक स्पष्ट किया गया है, जिससे नियमों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार का भ्रम न रहे। यह छूट संबंधित अधिसूचना के राजपत्र (गजट) में प्रकाशित होने की तिथि से तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। सरकार के इस फैसले को आम जनता के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पारिवारिक संपत्ति के वैधानिक हस्तांतरण को प्रोत्साहन मिलेगा और विवादों में भी कमी आएगी।

कैबिनेट की बैठक में स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग से जुड़े दो अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इसके तहत कैबिनेट ने जनपद कुशीनगर की तहसील कप्तानगंज में उप निबंधक कार्यालय भवन के निर्माण हेतु ग्राम बसहिया उर्फ कप्तानगंज स्थित तहसील परिसर की भूमि में से 0.0920 हेक्टेयर (920 वर्गमीटर) भूमि को स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। वर्तमान में उप निबंधक कार्यालय जीर्ण-शीर्ण भवन में संचालित है, जिसे ध्वस्त कर नए भवन का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही कैबिनेट ने झांसी में उप निबंधक कार्यालय सदर एवं अभिलेखागार के निर्माण हेतु पुरानी तहसील परिसर, मौजा झांसी खास स्थित आराजी संख्या 3035 में से 0.0638 हेक्टेयर (638 वर्गमीटर) भूमि को राजस्व विभाग से स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को आवंटित/हस्तांतरित करने की स्वीकृति प्रदान की। दोनों ही मामलों में भूमि राज्य सरकार के स्वामित्व की है, अतः भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत स्टाम्प शुल्क से तथा रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के अंतर्गत पंजीकरण शुल्क से पूर्ण छूट प्रदान की जाएगी।

कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) नीति-2024 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु नियमावली-2025 को मंजूरी प्रदान की गई। इस नियमावली के लागू होने से प्रदेश को वैश्विक निवेश, उच्च स्तरीय सेवाओं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में नई गति मिलेगी। कैबिनेट से अनुमोदित नियमावली के अंतर्गत इन्वेस्ट यूपी को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। यह नियमावली जीसीसी नीति-2024 के प्रख्यापन की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी तथा राज्य सरकार द्वारा संशोधन अथवा समाप्त किए जाने तक लागू रहेगी।

औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कैबिनेट के निर्णय के विषय में बताया कि प्रदेश में निवेश का माहौल बेहतर हुआ है, जिसके चलते निवेश करने के लिए उद्योग घराने और मल्टीनेशनल कंपनियां हमारे संपर्क में हैं। जीसीसी नीति हमारे लिए बहुत लाभप्रद है और आज हम इसकी एसओपी लेकर आए हैं। यूपी में जीसीसी के निवेश में लगातार वृद्धि हो रही है। चालू वित्तीय वर्ष में 21 कंपनियों ने इसमें निवेश प्रारंभ कर दिया है। इसके माध्यम से प्रदेश में व्यापक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। नियमावली के अनुसार, जीसीसी किसी भारतीय अथवा विदेशी कंपनी द्वारा स्थापित एक कैप्टिव इकाई होगी, जो सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसंधान एवं विकास (R&D), वित्त, मानव संसाधन, डिजाइन, इंजीनियरिंग, एनालिटिक्स और नॉलेज सर्विसेज जैसे रणनीतिक कार्यों का निष्पादन करेगी।

इस नियमावली में जीसीसी इकाइयों को आकर्षित करने के लिए कई प्रकार के वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। इनमें फ्रंट एंड लैंड सब्सिडी, स्टाम्प ड्यूटी में छूट अथवा प्रतिपूर्ति, पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज सब्सिडी, संचालन व्यय (ओपेक्स) सब्सिडी, पेरोल और भर्ती सब्सिडी, ईपीएफ प्रतिपूर्ति, प्रतिभा विकास एवं कौशल प्रोत्साहन, अनुसंधान एवं नवाचार प्रोत्साहन के साथ-साथ केस-टू-केस आधार पर विशेष प्रोत्साहन शामिल हैं। वित्तीय लाभ के अतिरिक्त, जीसीसी इकाइयों को तकनीकी सहायता समूह, इंडस्ट्री लिंकेज सपोर्ट, विनियामक सहायता, आवेदन प्रकरणों का त्वरित निस्तारण, अनुमोदन एवं प्रोत्साहन वितरण की सुव्यवस्थित प्रक्रिया भी उपलब्ध कराई जाएगी।

नियमावली में स्पष्ट किया गया है कि इसके अंतर्गत मिलने वाले सभी प्रोत्साहन, भारत सरकार की किसी भी योजना अथवा नीति के तहत उपलब्ध लाभों के अतिरिक्त होंगे। किसी भी विधिक विवाद की स्थिति में न्यायिक क्षेत्राधिकार केवल लखनऊ स्थित न्यायालयों का होगा। स्वीकृत प्रोत्साहन राशि का वितरण वित्त विभाग के प्रचलित नियमों एवं शासनादेशों के अनुसार किया जाएगा।

योगी सरकार के इस निर्णय को प्रदेश को ग्लोबल सर्विस हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। GCC नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से उत्तर प्रदेश में उच्च कौशल आधारित निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

कैबिनेट की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े दो महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाले प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। एक तरफ, योगी कैबिनेट ने जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद (जनपद फिरोजाबाद) के परिसमापन को मंजूरी दी है तो वहीं आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस को संचालन प्राधिकार पत्र (एलओपी) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद के परिसमापन के प्रस्ताव की मंजूरी के निर्णय की जानकारी देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि जांच में यह सामने आया कि विश्वविद्यालय द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए बीपीएड पाठ्यक्रम की फर्जी और बैक डेट में मार्कशीट व डिग्रियां जारी की गईं, जिनका उपयोग राजस्थान की शारीरिक शिक्षा अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा किया गया। इस प्रकरण में राजस्थान पुलिस की जांच, कुलाधिपति एवं कुलसचिव की गिरफ्तारी तथा शासन स्तर पर गठित जांच समितियों की आख्या में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। मंत्री ने बताया कि जेएस विश्वविद्यालय द्वारा अधिनियम की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन किया गया है, जिसमें डिग्री प्रदान करने की शक्ति का दुरुपयोग, संगठित अपराध के रूप में फर्जी अंकतालिकाओं एवं डिग्रियों का वितरण, आवश्यक भूमि मानक का पालन न करना तथा उत्तर प्रदेश राज्य उच्च शिक्षा परिषद को अनिवार्य विवरण उपलब्ध न कराना शामिल है। इन सभी तथ्यों के दृष्टिगत योगी सरकार ने जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद के परिसमापन का निर्णय लिया है। परिसमापन के पश्चात विश्वविद्यालय के समस्त अभिलेख डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के संरक्षण में रखे जाएंगे तथा उन्हीं अभिलेखों के आधार पर पूर्व में निर्गत मार्कशीट एवं डिग्रियों का प्रमाणीकरण किया जाएगा। साथ ही, परिसमापन अवधि के दौरान विश्वविद्यालय की गतिविधियों के संचालन हेतु धारा 55(6) के अंतर्गत त्रि-सदस्यीय अंतरिम समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया है।

कैबिनेट बैठक में दूसरा अहम निर्णय आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस की स्थापना को लेकर लिया गया। इसके लिए संचालन प्राधिकार पत्र (एलओपी) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस ऑफ-कैंपस के शुरू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे और छात्रों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 तथा उसके द्वितीय संशोधन अधिनियम, 2021 के अंतर्गत परिसर दूरस्थ केंद्र की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इस क्रम में प्रायोजक संस्था एसोसिएशन ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मेरठ द्वारा ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में 4.796 एकड़ भूमि चिन्हित की गई थी, जिसके लिए 25 फरवरी 2025 को आशय पत्र (एलओआई) निर्गत किया गया था। अब सरकार द्वारा आई०आई०एम०टी० विश्वविद्यालय, मेरठ के ग्रेटर नोएडा स्थित ऑफ-कैंपस के संचालन हेतु प्रायोजक संस्था को संचालन प्राधिकार पत्र (एलओपी) जारी करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। मंत्री ने कहा कि इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं एनसीआर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार होगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के औद्योगिक विकास को लेकर एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार द्वारा जनवरी 2024 में लाई गई सेमीकंडक्टर नीति के तहत बड़े निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से ₹3,000 करोड़ या उससे अधिक के निवेश पर विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश सरकार में वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैबिनेट में कुल 14 प्रस्ताव रखे गए, जिसमें 13 को स्वीकृति प्रदान की गई।

सुरेश खन्ना ने बैठक के बाद बताया कि अमेरिका, यूरोप, जापान और ताइवान जैसे देशों में सेमीकंडक्टर का निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसी क्रम में भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश को इस उभरते उद्योग का बड़ा केंद्र बनाने के लिए योगी सरकार ने केस-टू-केस आधार पर प्रोत्साहन देने की स्वीकृति दी है। इसके तहत सेमीकंडक्टर इकाइयों को ब्याज सब्सिडी, कर्मचारी लागत प्रतिपूर्ति, 10 वर्षों तक नेट एसजीएसटी में छूट, यूपी के मूल निवासियों के लिए 100 प्रतिशत ईपीएफ प्रतिपूर्ति (अधिकतम ₹2,000 प्रतिमाह), जल मूल्य में छूट और 10 वर्षों तक प्रति यूनिट ₹2 बिजली बिल में छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर सृजित करना है।

कैबिनेट बैठक में टनकपुर रोड पर मुख्यालय के पास एक नवीनतम बस स्टेशन की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह बस स्टेशन राजस्व विभाग की 1.317 हेक्टेयर (लगभग 7,000 वर्गमीटर) भूमि पर बनाया जाएगा, जिसे राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को 30 वर्षों की लीज पर देने का निर्णय लिया है, जिसे 90 वर्ष तक के लिए बढ़ाया जा सकेगा। नए बस स्टेशन के निर्माण से उत्तराखंड और नेपाल जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बस स्टेशन का निर्माण कार्य दो वर्षों के भीतर पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।

कैबिनेट ने शिव प्रसाद गुप्ता एसएसपीजी मंडलीय जिला चिकित्सालय, वाराणसी परिसर में पहले से मौजूद 11 जर्जर और निष्प्रयोज्य भवनों को ध्वस्त कर 500 शैय्या वाला मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाए जाने को मंजूरी दे दी है। यह अस्पताल 315 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से बनाया जाएगा और इसका निर्माण कार्य चार वर्षों में पूरा किया जाएगा। इस परियोजना में 60 प्रतिशत धनराशि केंद्र सरकार (लगभग 189 करोड़ रुपये) और 40 प्रतिशत राज्य सरकार (लगभग 126 करोड़ रुपये) द्वारा वहन की जाएगी। इस निर्णय से पूर्वांचल के मरीजों को अत्याधुनिक और उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

कैबिनेट ने खेल विभाग में क्षेत्रीय अधिकारी के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में संशोधन को भी मंजूरी दी। विभाग में कुल 18 पद स्वीकृत हैं। पहले व्यवस्था थी कि 50 प्रतिशत पद पदोन्नति से और 50 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों से भरे जाएंगे। अब मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार दो-तिहाई (12 पद) पदोन्नति से और एक-तिहाई (6 पद) अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों (ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स) से भरे जाएंगे। इससे अनुभवी अधिकारियों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों दोनों को अवसर मिलेगा।

कैबिनेट ने 37वीं वाहिनी पीएसी, कानपुर के पुराने और जर्जर आवासीय भवनों को ध्वस्त करने की अनुमति भी प्रदान की है। ध्वस्तीकरण के बाद वहां टाइप-वन स्पेशल के 108 नए आवास बनाए जाएंगे, जिससे पीएसी जवानों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी।

कैबिनेट ने नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी, गांधीनगर, गुजरात के वाराणसी में ऑफ-कैंपस की स्थापना के लिए 50 एकड़ भूमि निःशुल्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। यह भूमि तहसील राजा तालाब, जनपद वाराणसी क्षेत्र में स्थित है, जिसे पशुधन विभाग से 99 वर्षों की लीज पर विश्वविद्यालय को दी जाएगी। इस कैंपस के खुलने से फॉरेंसिक साइंस, साइबर क्राइम और आपराधिक जांच के क्षेत्र में प्रदेश को बड़ी शैक्षणिक और तकनीकी मजबूती मिलेगी।

05/01/2026

हलधरमऊ द्वितीय से जिला पंचायत सदस्य पद प्रत्याशी मदन तिवारी ने अपने आवास पर किया निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, आयोजक ने दी जानकारी।

गोण्डा के जिला महिला अस्पताल में देर रात डिलीवरी के बाद भर्ती 40 वर्षीय महिला अनसुईया की मौत हो गई, जबकि नवजात बच्चा पूर...
05/01/2026

गोण्डा के जिला महिला अस्पताल में देर रात डिलीवरी के बाद भर्ती 40 वर्षीय महिला अनसुईया की मौत हो गई, जबकि नवजात बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है। महिला की मौत से नाराज परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में करीब एक घंटे तक जमकर हंगामा किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर देवेंद्र सिंह और नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। समझाने के प्रयास के बावजूद परिजन शांत नहीं हुए और इस दौरान सीएमएस व परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
देहात कोतवाली क्षेत्र के खरगूपुर चांदपुर ग्राम पंचायत के गोड़रिया गांव निवासी जिलेदार गुप्ता ने शनिवार देर रात अपनी पत्नी अनसुईया को डिलीवरी के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। बड़े ऑपरेशन के जरिए महिला ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया और वह शनिवार से ही अस्पताल में भर्ती थी। रविवार देर रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि हालत गंभीर होने के बावजूद समय पर रेफर नहीं किया गया। बाद में जब रेफर किया गया तो अस्पताल गेट पर ही महिला की मौत हो गई।
पति जिलेदार ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं सीएमएस डॉक्टर देवेंद्र सिंह का कहना है कि ऑपरेशन सफल रहा था, बाद में उल्टी के दौरान श्वास नली बंद होने से मौत की आशंका है। उन्होंने किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार करते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

04/01/2026

बालपुर बाजार में लांसनायक अमर शहीद सुनील तिवारी जी का भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ मनाया गया 15वां बलिदान दिवस।जरूरतमंदों को वितरित किया गया कम्बल।

Address

Gonda

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when MM News GONDA posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category