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11/03/2026
Gonda * पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा जनहित एवं प्रशासनिक हित में जनपद में नियुक्त निम्न उपनिरीक्षक गण का स्थानांतर...
18/01/2026

Gonda * पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा जनहित एवं प्रशासनिक हित में जनपद में नियुक्त निम्न उपनिरीक्षक गण का स्थानांतरण किया गया है।*

20/09/2025

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक नया राष्ट्राध्यक्ष बंद (proclamation) जारी किया है जिसमें H-1B वीज़ा धारकों को लेकर कंपनियों पर एक वर्ष का $100,000 वार्षिक शुल्क लगाने का प्रावधान है। इस आदेश के बाद कंपनियों को हर ऐसे कर्मचारी के लिए $100,000 का अतिरिक्त भुगतान करना होगा जिसकी वीजा H-1B श्रेणी में है।

आदेश का उद्देश्य एवं तर्क:

इस कदम का मकसद है कि कंपनियाँ विदेशी श्रमिकों को सिर्फ इसलिए काम पर न लें क्योंकि उनकी लागत कम है। ट्रम्प प्रशासन का तर्क है कि H-1B वीज़ा प्रणाली का कुछ हिस्से में दुष्प्रयोग हो रहा है, जहाँ कम-भुगतान वाले विदेशी कर्मियों को भर्ती कर अमेरिकी कामगारों का प्रतिस्पर्धा में नुकसान किया जा रहा है।

यह नीति विशेष रूप से STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रण, गणित) क्षेत्रों में लागू की जा रही है, जहाँ विदेशी प्रतिभाएँ बहुतायत में हैं।

नए नियम की झलकियाँ:

वीज़ा आवेदन (petition) तभी स्वीकृत होगा जब नियोक्ता कंपनी $100,000 का भुगतान कर चुकी हो।

यह शुल्क नए वीज़ा आवेदनों पर लागू होगा, और उन मामलों में भी जब वीज़ा नवीनीकरण (renewal) किया जाए या कर्मचारी वर्तमान में अमेरिका के बाहर हो।

नीति प्रारंभिक रूप से एक साल के लिए चलेगी, जिसके बाद समीक्षा या विस्तार हो सकता है।

भारतीय कर्मचारियों व भारत पर प्रभाव:

प्रमुख आधार: भारत पिछले कुछ वर्षों से H-1B वीज़ा कार्यक्रम से सबसे अधिक लाभ उठा रहा है; अनुमानों के अनुसार पिछले वर्ष H-1B वीज़ा धारकों में लगभग 71% भारतीय नागरिक थे, चीन दूसरे नंबर पर।

तीव्र लागत बढ़ोतरी: $100,000 प्रति वर्ष शुल्क का बोझ उन कंपनियों पर बहुत भारी होगा जो भारतीय इंजीनियरों, डेवलपर्स और अन्य तकनीकी कर्मचारियों को काम पर लाती हैं। खासकर मध्यम आकार की या स्टार्टअप कंपनियों के लिए यह लागत अव्यवहारिक हो सकती है।

वीज़ा आवेदन प्रक्रिया पर असर: भारतीयों के लिए H-1B वीज़ा प्राप्त करना और अधिक जटिल तथा महंगा हो जाएगा। वीज़ा आवेदन, नवीनीकरण एवं यात्रा आदि मामलों में खर्च बढ़ेगा।

प्रतिस्पर्धा घटेगी: भारतीय तकनीकी पेशेवरों की प्रतिस्पर्धा और अवसर सीमित हो सकते हैं, क्योंकि कंपनियाँ लागत कम रखने की योग्यता वाले वर्करों को चुनने से परहेज़ कर सकती हैं—और वे विदेशी कर्मचारियों की संख्या को कम कर सकती हैं।

प्रतिभा पलायन (Brain Drain) या विकल्पों की खोज: संभावित है कि भारतीय प्रतिभाएँ या तो अन्य देशों की ओर रुख करें जहाँ वीज़ा-नियम कम कठोर हों, या भारतीय कंपनियों में काम करना पसंद करें, या अमेरिका में नहीं आने का निर्णय लें।

विदेशी कंपनियों की रणनीति बदल सकती है: कई टेक्नॉलॉजी कंपनियाँ या स्टार्ट-अप्स शायद अमेरिका में कर्मचारी भेजने की बजाए remote काम, आउटसोर्सिंग या अन्य देशों के विकल्पों को बढ़ावा दें।

चुनौतियाँ और संभावित प्रतिक्रियाएँ:

कई उद्योग विशेषज्ञ और तकनीकी कम्पनियाँ इस नीति को अमेरिका की नवप्रवर्तन (innovation) क्षमता के लिए ख़तरा मान रहे हैं।

विधिक चुनौतियाँ भी हो सकती हैं। कुछ अध्यापनकर्ता कह रहे हैं कि कांग्रेस को ही ऐसी फीस निर्धारित करने का अधिकार है, न कि कार्यकारी आदेश द्वारा।

साथ ही, नीति में अपवादों की व्यवस्था हो सकती है — उदाहरण के लिए, उन मामलों में जहाँ यह देशहित में हो या जहाँ “exception” की स्थिति हो।

ट्रम्प प्रशासन का यह नया आदेश H-1B वीज़ा प्रणाली में एक बड़ी मुड़-घुमाव है। भारत के लिए, जहाँ H-1B धारक बड़ी संख्या में हैं, इसका असर गहरा होगा—वीज़ा की लागत, कंपनियों की भर्ती नीतियाँ, और काम के अवसरों में बदलाव की संभावना है। यदि यह नीति लागू होती है, तो भारतीय पेशेवरों तथा उनकी कंपनियों को अमेरिका जाने या वहाँ काम करने के रणनीतिक विकल्पों पर नए सिरे से विचार करना पड़ेगा

KGMU की टीम ने किया चमत्कार — फिर बचाई एक मासूम जान!लखनऊ के गोमतीनगर के रहने वाले छोटे कार्तिक के सिर में लोहे की मोटी छ...
17/08/2025

KGMU की टीम ने किया चमत्कार — फिर बचाई एक मासूम जान!

लखनऊ के गोमतीनगर के रहने वाले छोटे कार्तिक के सिर में लोहे की मोटी छड़ आर-पार हो गई थी। परिवार वालों की चीख-पुकार के बीच सबने उम्मीद छोड़ दी थी… लेकिन तभी KGMU के डॉक्टरों ने कर दिखाया वो जिसे लोग चमत्कार कह रहे हैं।

🧠 ऑपरेशन लीड किया:
डॉ. K.K. सिंह ने

Team में शामिल डॉक्टर:

डॉ. अंकुर बजाज

डॉ. सौरभ रैना

डॉ. जैसन गोलमी

डॉ. अंकिन बसु

इस सुपरस्पेशलिस्ट टीम ने घंटों तक लगातार ऑपरेशन कर वो लोहे की छड़ सुरक्षित निकाल दी — और कार्तिक की जान बच गई।

परिवार की आंखों में आंसू थे… लेकिन इस बार खुशी के आंसू। उन्होंने कहा, भगवान ने हमें हमारे बच्चे को वापस लौटा दिया — डॉक्टरों के रूप में फरिश्ते भेजे हैं।

💬 KGMU ने फिर साबित कर दिया कि ये सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि उम्मीद की सबसे बड़ी किरण है।

यह इंसानियत और मेडिकल साइंस दोनों की जीत है।

🛑 तरनतारन फेक एनकाउंटर मामला 🛑32 साल बाद इंसाफ:📌 1993 के फर्जी एनकाउंटर में सात निर्दोषों की हत्या📌 SSP समेत 5 पुलिस अफस...
05/08/2025

🛑 तरनतारन फेक एनकाउंटर मामला 🛑

32 साल बाद इंसाफ:

📌 1993 के फर्जी एनकाउंटर में सात निर्दोषों की हत्या
📌 SSP समेत 5 पुलिस अफसरों को उम्रकैद
📍 मोहाली की सीबीआई कोर्ट का बड़ा फैसला

➡️ पंजाब के तरनतारन में 1993 में हुए फर्जी एनकाउंटर मामले में कोर्ट ने 32 साल बाद फैसला सुनाया है।
➡️ इस केस में SSP अमृतसर चमनलाल, DSP जसबीर सिंह, SI जोगिंदर सिंह, ASI जसविंदर सिंह और ASI दिलबाग सिंह को आजीवन कारावास की सजा मिली है।
➡️ इन अफसरों पर 7 युवकों को फर्जी मुठभेड़ में मारने का आरोप था।
➡️ सीबीआई ने जांच में पाया कि एनकाउंटर पूरी तरह फर्जी था और बेगुनाह लोगों को आतंकवादी बताकर मार दिया गया।

🧾 32 वर्षों तक न्याय की लड़ाई लड़ते रहे पीड़ित परिवार
⚖️ आखिरकार अदालत ने दोषियों को सजा सुनाकर न्याय किया।

https://hindustandailynews.com/gonda-murder-rs-200-death-protest/
05/08/2025

https://hindustandailynews.com/gonda-murder-rs-200-death-protest/

Gonda murder: गोंडा में दो सौ रुपये के विवाद में युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। लखनऊ से शव लाते समय परिजनों ने हाईवे पर प्र...

https://hindustandailynews.com/bolero-nahar-hadsa-gonda-2025/
04/08/2025

https://hindustandailynews.com/bolero-nahar-hadsa-gonda-2025/

Bolero नहर हादसा में गोंडा की मासूम बालिका रचना का शव सोमवार को बरामद हुआ। हादसे में कुल 12 लोगों की मौत हुई, जिनमें एक ही ....

🟥 यूपी: बुलंदशहर में महिला के लीवर में पल रहा था 12 हफ्ते का ज़िंदा भ्रूण, डॉक्टर्स भी रह गए हैरान!📍 बुलंदशहर (उत्तर प्र...
30/07/2025

🟥 यूपी: बुलंदशहर में महिला के लीवर में पल रहा था 12 हफ्ते का ज़िंदा भ्रूण, डॉक्टर्स भी रह गए हैरान!

📍 बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश): जिले में एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है जिसने डॉक्टरों को भी हैरानी में डाल दिया है।

30 वर्षीय महिला को पिछले दो महीने से पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी। जब इलाज से कोई राहत नहीं मिली, तो उसे एमआरआई के लिए एक निजी सेंटर भेजा गया।

🩺 जांच में सामने आया कि महिला गर्भवती तो थी, लेकिन उसका गर्भाशय पूरी तरह खाली था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि 12 हफ्ते का भ्रूण गर्भाशय की बजाय लीवर के दाहिने हिस्से में पल रहा था, और वह जीवित भी था — उसमें स्पष्ट रूप से धड़कन देखी गई।

🗣️ इस दुर्लभ मामले की पुष्टि रेडियोलॉजिस्ट डा. के.के. गुप्ता ने की। उन्होंने बताया कि अपने पूरे करियर में उन्होंने ऐसा केस पहली बार देखा है।

🌍 विश्व स्तर पर अब तक ऐसे केवल 18 केस सामने आए हैं, जबकि भारत में यह संभवतः पहला मामला है।

🔬 डॉक्टर्स के मुताबिक यह एब्डॉमिनल प्रेग्नेंसी (Abdominal Pregnancy) का बेहद दुर्लभ और जोखिम भरा केस है, जिसमें भ्रूण शरीर के किसी अन्य अंग में विकसित होने लगता है।

📌 फिलहाल महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है और विशेषज्ञों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।

📰 यह मामला मेडिकल साइंस के लिए एक चुनौती और शोध का विषय बन गया है।


🧸✨ दुनिया का सबसे प्रीमैच्योर बच्चा बना हौसले की मिसाल! ✨🧸5 महीने में जन्मे "नैश" को गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने द...
26/07/2025

🧸✨ दुनिया का सबसे प्रीमैच्योर बच्चा बना हौसले की मिसाल! ✨🧸
5 महीने में जन्मे "नैश" को गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दी ऐतिहासिक मान्यता 🙌

📍 आयोवा, अमेरिका –
जब दुनिया में ज्यादातर बच्चे 9 महीने की गर्भावस्था के बाद जन्म लेते हैं, वहीं नन्हा नैश महज़ 5 महीने में जन्म लेकर दुनिया को हैरान कर गया।

🩺 जन्म के समय उसका वज़न था सिर्फ 285 ग्राम — यानि एक छोटे से सेब जितना।
इतना नाजुक कि हथेली में भी समा जाए।
लेकिन आज वो बना है गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल होने वाला सबसे प्रीमैच्योर बच्चा! 🏆

👩‍🍼 नैश की मां बताती हैं –
"उसे अब भी ऑक्सीजन दी जा रही है। फीडिंग ट्यूब से खाना दिया जा रहा है। लेकिन वो लड़ रहा है... हर दिन, हर सांस के लिए।"

💖 ये सिर्फ एक बच्चे की कहानी नहीं, ये उन हजारों माता-पिता की उम्मीद की किरण है जो समय से पहले जन्मे बच्चों के लिए हर पल दुआ करते हैं।

🙏 डॉक्टर्स, नर्सेस और माता-पिता की हिम्मत को सलाम, जिन्होंने नामुमकिन को मुमकिन बना दिखाया।

📸 अगर आपने अभी तक यह चमत्कारी कहानी नहीं देखी, तो आज जरूर देखें। यह पोस्ट आपके दिल को छू लेगी।

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