10/05/2022
आज जानकी नवमी है, जनकनंदिनी सीता का प्रागट्य दिवस। ये दिन बिहार के लिए महत्वपूर्ण है, इसी दिन मिथिला नरेश जनक जी के हल चलाने समय सीता धरती से प्रगट हुई थी। सीता के प्रगट होने की वो जगह सीतामढ़ी जिले के पुनौराधाम में है।
एक अजीब सत्य ये है कि रामनवमी पूरी दुनिया मनाती है लेकिन सीता नवमी को भूल जाती है। रामनवमी की बधाई आपको हरेक नेता, पत्रकार, सामाजिक लोग देंगे लेकिन सीता नवमी अधिकांश को याद भी नहीं रहता। लेकिन ऐसा बिहार में नहीं होता। सीता मिथिला की पुत्री है। मिथिला क्षेत्र में सीता को लोग अपने अस्तित्व का हिस्सा मानते हैं। आज भी जगत जननी सीता को बहन, बेटी और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को लोग पाहुन, जमाई कहते हैं।
सीता बिना राम अधूरे हैं। सीता ही वो बल थी जिसने एक साधारण राजकुमार को मर्यादा पुरुषोत्तम बना दिया। आप राम के जीवन को देखें, पूरी कथा सीता के चारों तरफ घूमती दिखेगी। रामनवमी जरूर मनाएं लेकिन सीता नवमी भूलें नहीं। जय श्री राम में श्री माँ सीता ही हैं, बिना श्री के राम अधूरे हैं, बिना सिया के राम अधूरे हैं, जय सिया राम 🙏❤️🙏