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बिहार में एक बार फिर से सियासी हलचल तेज होती हुई दिख रही है। 15 नवंबर को सम्राट सरकार के गठन के दिन जदयू ने अपने विधायक ...
17/04/2026

बिहार में एक बार फिर से सियासी हलचल तेज होती हुई दिख रही है। 15 नवंबर को सम्राट सरकार के गठन के दिन जदयू ने अपने विधायक दल की बैठक टाल दी थी। लेकिन अब अचानक से नीतीश कुमार के आवास 7 सर्कुलर रोड पर फिर से जदयू की बैठक बुला ली गई है। जदयू के विधायकों को 20 अप्रैल को पटना में हाजिर रहने को कहा गया है।बिहार में नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने के बाद इस घटनाक्रम को अहम माना जा रहा है। हालांकि ये बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल को जदयू विधायक दल की बैठक टाल कर उसे NDA विधायक दल की बैठक बनाया गया था।

अब नई सरकार के मद्देनजर 20 अप्रैल को जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। हालांकि इसको लेकर कई तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं।पहला कयास ये लगाया जा रहा है कि बिहार में अभी सिर्फ सम्राट चौधरी (सीएम), विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव (डिप्टी सीएम) ही मंत्रिमंडल में हैं। ऐसे में विभागों के बंटवारे के लिए कैबिनेट विस्तार होना तय है। कहा जा रहा है कि जदयू ने मंत्रिमंडल विस्तार में अपने कोटे के मंत्रियों की लिस्ट फाइनल करने के लिए ये बैठक बुलाई है। हालांकि पुष्ट रूप से कुछ भी नहीं बताया गया है।

भाजपा में एक क्षत्रप का उदय!-------------------वह दौर जब मान लिया गया था कि भाजपा में अब सिर्फ यस मैन होंगे, उस दौर में ...
14/04/2026

भाजपा में एक क्षत्रप का उदय!
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वह दौर जब मान लिया गया था कि भाजपा में अब सिर्फ यस मैन होंगे, उस दौर में बिहार में एक क्षत्रप का उदय हो रहा है।

दिलचस्प है कि यह क्षत्रप किसी आलाकमान से मिली संजीवनी से नेता नहीं बन रहा। यह अपनी राजनीतिक चतुराई और सहयोगी दल से मिली ताकत से मजबूत हुआ है।

यह सच है कि बिहार भाजपा में कई बड़े नेता इस नाम से सहमत नहीं हैं। कई नेताओं के लिए इसका उभार सपने के टूटने जैसा है। खबर यहां तक है कि भाजपा के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष की पसंद भी कोई और है। संघ भी कुछ और चाहता है। मगर पार्टी के पास इसी राजनेता के नाम पर मुहर लगाने के सिवा कोई और विकल्प नहीं है।

इसलिए तमाम कयासबाजियां उठी और गायब हो गई। नाम चले और मिट गए। लोग सफल नहीं हो पाए।

इसलिए महज आठ साल पहले पार्टी में आया यह व्यक्ति आज बिहार में वह कुर्सी पाने जा रहा है, जिस पर अपनी स्थापना के वक्त से भाजपा की निगाह थी। जिसका सपना कैलाशपति मिश्र और गोविंदाचार्य जैसे नेताओं ने देखा था।

यह ठीक है कि पार्टी में सीनियर लेवल पर उसके कई पैरवीकार हैं, मगर पैरवीकार तो दूसरे नेताओं के अधिक हैं।

यह भाजपा के मौजूदा दौर की अलग तरह की घटना है। अब देखना है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इस नेता को हिमांता विश्वा शर्मा बनाकर रखने में कामयाब होता है या एक और योगी आदित्यनाथ का उदय होता है।

नोट - वैसे यह पोस्ट इस खतरे के साथ लिखा जा रहा है कि अगले कुछ घंटों में कुछ भी हो सकता है। इसलिए किरदार का नाम और चेहरा दोनों इस पोस्ट से गायब है। लेकिन चूंकि ऐसा होना लगभग तय है तो इसको परिभाषित करने का खतरा उठाया जा रहा है। अगर फैसला बदल जाता है तो उसमें इस पोस्ट के लेखक की कोई गारंटी नहीं होगी। यह बस खुद को ऐसी परिस्थिति से बचाने की भाजपा की कोशिश होगी, हालांकि उसमें भी खतरे कम बड़े नहीं हैं।
Pushya Mitra के वाल से साभार

नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद बिहार में नई सरकार के गठन की चर्चा तेज है, लेकिन मुख्यमंत्री, ड...
11/04/2026

नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद बिहार में नई सरकार के गठन की चर्चा तेज है, लेकिन मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और स्पीकर जैसे पदों को लेकर जेडीयू और बीजेपी के बीच पेंच फंसा हुआ है..

निलंबित डीएसपी गौतम कुमार से ईओयू की चार घंटे तीखी पूछताछ,आलीशान बंगले और चाय बगानों..
11/04/2026

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नीट छात्रा मामले को लेकर उबाल: सीबीआई दफ्तर का घेराव, पीड़िता की मां के साथ उतरे पप्पू यादव..
10/04/2026

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बिहार में हाल ही में जारी आदेश के अनुसार अब शादी-विवाह, तिलक और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) स...
10/04/2026

बिहार में हाल ही में जारी आदेश के अनुसार अब शादी-विवाह, तिलक और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि एलपीजी के उपयोग को नियंत्रित किया जा सके।
पहली नजर में यह कदम संसाधनों के संरक्षण की दिशा में एक प्रयास लग सकता है, लेकिन गहराई से देखें तो यह व्यवस्था आम जनजीवन पर अनावश्यक प्रशासनिक बोझ डालती प्रतीत होती है।
भारत जैसे देश में विवाह केवल एक निजी आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में हर छोटे-बड़े कार्यक्रम के लिए सरकारी अनुमति लेना न केवल प्रक्रिया को जटिल बनाता है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या अब रसोई की आंच भी सरकारी फाइलों के सहारे जलेगी?
यह स्थिति कहीं न कहीं उस सोच को दर्शाती है, जिसमें समस्याओं के मूल कारणों को समझने के बजाय आसान रास्ता चुन लिया जाता है—नियंत्रण और प्रतिबंध। क्या वास्तव में एलपीजी की कमी का समाधान आम लोगों के निजी आयोजनों पर निगरानी रखकर निकाला जा सकता है? या फिर इसके लिए बेहतर आपूर्ति प्रबंधन, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास और दीर्घकालिक नीतियों की आवश्यकता है?
कटाक्ष यही कहता है कि यदि यही रफ्तार रही, तो शायद आने वाले समय में घर में दाल चढ़ाने से पहले भी अनुमति लेनी पड़े। यह अतिशयोक्ति भले लगे, लेकिन वर्तमान निर्णय उसी दिशा की झलक देता है।
सरकारों का दायित्व केवल नियम बनाना नहीं, बल्कि ऐसे समाधान प्रस्तुत करना है जो व्यावहारिक, संतुलित और जनहितकारी हों। जनता से सहयोग लेने का अर्थ यह नहीं कि उस पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया जाए, बल्कि उसे विश्वास में लेकर, जागरूकता और सुविधा के माध्यम से बदलाव लाया जाए।
ऊर्जा संकट एक वास्तविक चुनौती है, लेकिन उसका समाधान भी उतना ही विवेकपूर्ण और दूरदर्शी होना चाहिए। अन्यथा, “संकट प्रबंधन” के नाम पर “सुविधा नियंत्रण” की यह प्रवृत्ति जनता के बीच असंतोष को जन्म दे सकती है।
अंततः, यह समझना होगा कि विकास और अनुशासन के बीच संतुलन ही सुशासन की असली पहचान है—न कि ऐसे आदेश, जो आम जीवन को उलझा दें और सवालों की लंबी कतार खड़ी कर दें।


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा की सदस्यता की शपथ लेने के बाद शुक्रवार को दिल्ली से पटना लौट आए हैं। उनके साथ ...
10/04/2026

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा की सदस्यता की शपथ लेने के बाद शुक्रवार को दिल्ली से पटना लौट आए हैं। उनके साथ संजय झा और मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद रहे। पटना एयरपोर्ट से तीनों नेता एक सात बाहर आए। जब मीडिया ने नीतीश कुमार और संजय झा से सत्ता परिवर्तन और नई सरकार के गठन को लेकर सवाल किया तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कोई जवाब नहीं दिया। हालांकि उनके साथ मौजूद मंत्री विजय कुमार चौधरी ने अपने सधे हुए अंदाज में एक ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी 'बाजार' में हलचल मचा दी। इधर बिहार को लेकर दिल्ली में होने वाली बीजेपी की बैठक टल गई है।

विजय चौधरी ने पत्रकारों से सवाल का जवाब देते हुए कहा कि- 'सिर्फ सदस्यता ग्रहण करने से सरकार नहीं बनती है, सरकार इस्तीफा देने से बनती है। अभी सरकार बनाने पर कोई बात नहीं हुई है। थोड़ा इंतजार कीजिए, अभी समय है।' बता दें, नीतीश कुमार विधान परिषद से इस्तीफा दे चुके हैं।

'NDA और भाजपा हर जगह पैसे के बल पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनके पास संख्या बल कहीं पर भी नहीं है... पैसे की ताकत पर, हॉर्स ट्...
16/03/2026

'NDA और भाजपा हर जगह पैसे के बल पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनके पास संख्या बल कहीं पर भी नहीं है... पैसे की ताकत पर, हॉर्स ट्रेडिंग के बल पर कई राज्यों में वे सत्ता को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। कई राज्यों में उनके मनसूबे सफल भी होंगे लेकिन कई राज्यों में वे हारेंगे भी...', :सुधाकर सिंह, राजद सांसद

बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक कतार में लगकर मतदान कर रहे है...
16/03/2026

बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए वोटिंग शुरू हो चुकी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक कतार में लगकर मतदान कर रहे हैं। हालांकि सबकी नजर एक खास विधायक पर थी। यह थे मोकामा विधानसभा क्षेत्र के बाहुबली विधायक अनंत सिंह । आखिरकार अनंत सिंह भी जेल से निकलकर वोट डालने के लिए पहुंच गए। वे मतदान करने एम्बुलेंस से पहुँचे. बोले नीतीश कुमार को वोट देंगे.
अनंत सिंह को पटना की एमपी-एमएलए अदालत ने राज्यसभा चुनाव में वोट डालने की इजाजत दी है। जनता दल यूनाईटेड (JDU) के इस एमएमए का वोट राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस चुनाव में हार-जीत एक वोट से भी हो सकती है।

एलपीजी की किल्लत के बीच भी विश्व में सिखों के दूसरे बड़े तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में लंगर सेवा निर्बाध रूप से ज...
16/03/2026

एलपीजी की किल्लत के बीच भी विश्व में सिखों के दूसरे बड़े तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में लंगर सेवा निर्बाध रूप से जारी है। प्रबंधक समिति के अध्यक्ष सरदार जगजोत सिंह सोही ने रविवार को बताया कि इंडियन ऑयल कंपनी के डीजीएम ने आश्वस्त किया है कि लंगर सेवा के लिए सिलिंडर की कमी नहीं होने दी जाएगी।

अध्यक्ष ने बताया कि गुरु के दरबार में कभी भी लंगर की सेवा में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। संगतों के लिए गुरु का लंगर 24 घंटे चालू है। एक बार में हाल में 500 संगतों के लंगर छकने की व्यवस्था है। प्रतिदिन 15 से 20 हजार संगत पंगत में बैठकर लंगर छक रहे हैं।

तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के लंगर प्रभारी तेजिन्दर सिंह बंटी ने रविवार की दोपहर बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन सुबह छह से 11 बजे तक संगतों को नाश्ता, दिन में 11:30 बजे से पांच बजे तक लंगर, शाम पांच से सात चाय-पानी की सेवा तथा शाम 7:30 बजे से सुबह तक लंगर सेवा जारी है।

लंगर प्रभारी ने बताया कि जब से एलपीजी की किल्लत बढ़ी है तब से स्थानीय संगतों की संख्या भी बढ़ी है। लंगर प्रभारी ने बताया कि पहले लगभग 14 से 15 हजार संगत प्रतिदिन पंगत में बैठकर लंगर छकते थे। गैस की किल्लत के बाद तीन से चार हजार स्थानीय संगतों की संख्या बढ़ी है।

अधीक्षक दलजीत सिंह ने बताया कि प्रतिदिन लंगर सेवा में 25 सिलिंडर की खपत हो रही है। खर्च के अनुपात में गैस सिलिंडर भी प्रतिदिन आ रहा है।

तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के लंगर हाल में रविवार को भावुक दृश्य देखने को मिला। जब कालीस्थान में रहने वाली गुड़िया आने तीन बच्चों व पति के साथ पंगत में बैठकर लंगर छकते मिली। गुड़िया ने बताया कि होली पर्व के दौरान बाहर से मेहमान आए थे।

पुआ पकवान बनाने में गैस की खपत अधिक हो गई। 25 दिनों तक चलने वाला सिलिंडर 19 दिनों में ही खत्म हो गया। कई दिनों से सिलिंडर बुक करने की कोशिश कर रही थी लेकिन सर्वर डाउन बता रहा था।

एजेंसी वाले 25 दिन के बाद नंबर लगने की बात कहकर टाल रहे हैं। बच्चों को भूखा नहीं देख सकती हूं। मजबूरी में गुरुघर ही सहारा दिखा। विगत छह दिनों से गुरुघर के लंगर में जाकर पति व बच्चों के साथ दोनों समय खाना खा रही हूं।

गुड़िया ने बताया कि शनिवार की रात 11 बजे गैस का नंबर तो लगा लेकिन रविवार की शाम तक सिलिंडर नहीं पहुंचा। चौक थाना के सामने स्थित सोनम गैस एजेंसी के पदाधिकारी राणा प्रताप सिंह ने बताया कि जिनकी बुकिंग है उन्हें ओटीपी के आधार पर सिलिंडर दिए जा रहे हैं।

थावे मंदिर परिसर में भक्त नहीं जला पाएंगे अगरबत्ती नवरात्रि में अगरबत्ती बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध #गोपालगंजः अंगाम...
15/03/2026

थावे मंदिर परिसर में भक्त नहीं जला पाएंगे अगरबत्ती
नवरात्रि में अगरबत्ती बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध
#गोपालगंजः अंगामी 19 मार्च से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्रि की के दौरान बिहार के प्रसिद्ध सिद्धपीठ थावे दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने के लिए कई बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि इस बार मंदिर परिसर में अगरबत्ती जलाने और दुकानदारों के द्वारा अगरबत्ती की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि आगजनी जैसी किसी भी संभावित घटना से बचाव हो सके।इसके साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में जिगजैग बैरिकेडिंग लगाई जा रही है।दो बड़े एलईडी स्क्रीन भी लगाए जा रहे हैं, ताकि लंबी कतार में खड़े श्रद्धालु भी लाइव आरती और माता के दर्शन कर सकें।श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में मार्बल फर्श पर एंटी-स्केटिंग मैट भी बिछाए जाएंगे, ताकि भीड़ के दौरान किसी का पैर फिसलने जैसी घटना न हो।






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