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स्नेह, समरसता और राष्ट्रबोध की भावना को मजबूत करने का अवसर है रक्षाबंधन: सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर राष्ट्रीय स्वयंसेव...
29/08/2026

स्नेह, समरसता और राष्ट्रबोध की भावना को मजबूत करने का अवसर है रक्षाबंधन: सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दक्षिण भाग द्वारा योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित रक्षाबंधन उत्सव में सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि आज हम सभी हिन्दू पर्वों में प्रमुख पर्व रक्षाबंधन का उत्सव मानने को एकत्रित हुए है।।यह सिर्फ धागा बांधने का पर्व नहीं है, धागा जब मंत्रों से अभिमंत्रित होता है,स्नेह और समर्पण जुड़ता है तब एक सामान्य सा दिखाई देने वाला धागा भी अत्यंत प्रभाव शाली और परिणामकारी हो जाता है।।रक्षाबंधन का पर्व राष्ट्र की रक्षा का संदेश देने वाला पर्व है।। राष्ट्र की रक्षा के संकल्प लेकर हमें अपने जीवन में इस हेतु सक्रिय बनना पड़ेगा।। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कोई भी स्वयंसेवक जब प्रतिज्ञा धारण करता है तो कहता कि मैं इस पवित्र हिंदू धर्म,हिंदू संस्कृति तथा हिंदू समाज का संरक्षण कर हिंदू राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घटक बना हु। इस सपने को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का प्रत्येक स्वयंसेवक प्रतिज्ञाबद्ध होकर गत 100 वर्षों से यात्रा कर रहा ।।

आगे उन्होंने कि हिन्दू धर्म का प्रतीक है यह परम पवित्र भगवा ध्वज। जिसका निर्माण राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने नहीं किया है,बल्कि यह हजारों वर्षों से इस देश की संस्कृति,जीवन मूल्य,परम्परा, धार्मिक इन सभी का प्रकार की गतिविधियों का केंद्र बिंदु रहा है।।उन्होंने स्वर्गीय अटल जी की कविता "गगन में लहराता है भगवा हमारा" का स्मरण किया।। उन्होंने "धर्मो रक्षित रक्षतः" के उदाहरण से बताया कि अगर हम धर्म की रक्षा करते है तो धर्म हमारी रक्षा करता है।। जो अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा नहीं कर सकता है वो स्वयं का रक्षा नहीं कर सकता।।यदि हमको अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा करनी है तो उसको मानने वालों, उसके प्रति श्रद्धा रखने वाले समाज को भी शक्तिशाली होना पड़ेगा।। वह शक्तिशाली तब होगा जब उस समाज की सबसे कमजोर कड़ी मजबूत होगी।।यह रक्षाबंधन का पर्व सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला पर्व है।

उन्होंने परिवार और राष्ट्र के संबंध को समझाते हुए कहा कि हमारे घर में सभी सुविधाएं हों, बड़ा मकान हो, वाहन हो और नौकर-चाकर हों, लेकिन परिवार के किसी एक सदस्य को बीमारी हो जाए तो घर का सुख-चैन समाप्त हो जाता है। हमारा सुख अकेले-अकेले संभव नहीं है। हमारा सुख परिवार के सुख से जुड़ा हुआ है।उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार को अपनी भूमि और घर छोड़कर पलायन करना पड़े तो क्या वह परिवार वास्तव में सुखी रह सकता है? इसी प्रकार यदि राष्ट्र की स्थिति ठीक नहीं है तो केवल व्यक्तिगत समृद्धि के आधार पर हम सुखी नहीं रह सकते। बांग्लादेश में कभी लाखों-करोड़ों हिंदू रहते थे, लेकिन परिस्थितियां बदलने पर वहां बड़ी संख्या में लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी बहुत बड़े हाथी को लोहे की जंजीर से बांधा जाए और उस जंजीर की एक कड़ी कमजोर हो, तो सबसे पहले वही कमजोर कड़ी टूटेगी। अंग्रेजी में कहा जाता है—‘द स्ट्रेंथ ऑफ द चेन इज द स्ट्रेंथ ऑफ इट्स वीकेस्ट लिंक।’ अर्थात किसी भी श्रृंखला की ताकत उसकी सबसे कमजोर कड़ी के बराबर होती है। इसलिए समाज की कमजोर कड़ी को मजबूत करना आवश्यक है। जब समाज की प्रत्येक कड़ी मजबूत होगी, तभी संपूर्ण हिंदू समाज शक्तिशाली बनेगा।।

कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथि सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर जी, कार्यक्रम अध्यक्ष कुलपति प्रो अनुपमा कौशिक शर्मा जी, प्रांत संघचालक डॉ. महेंद्र अग्रवाल जी, भाग संघचालक ओम जालान जी ने दीप प्रज्ज्वलन व भारत माता के चित्र पर पुष्पार्चन कर किया।तत्पश्चात ध्वजारोहण किया गया और अतिथियों ने परम पवित्र भगवा ध्वज को रक्षा सूत्र बांधकर धर्म, संस्कृति व देश की रक्षा का संकल्प लिया।

कार्यक्रम अध्यक्ष कुलपति प्रो अनुपमा कौशिक शर्मा ने राजा बलि के उदाहरण के साथ बताया कि यह पर्व त्याग और बलिदान के साथ अपनत्व के रक्षा का पर्व है।। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व रक्षा के संकल्प का पर्व है। यह रक्षा सिर्फ शरीर की रक्षा की नहीं बल्कि इसमें प्रकृति,संस्कृति और परंपरा आदि की रक्षा करना भी निहित है।।यह पर्व परस्पर सम्मान, परस्पर रक्षा,परस्पर प्रेम व् परस्पर विश्वास का एक प्रतीक है।।आज हम सबने भगवा ध्वज को रक्षा बांध कर माँ भारती और सनातन संस्कृति के रक्षा का प्रण लिया है और इसके लिए हमें संकल्पित होना होगा।।

उक्त कार्यक्रम का संचालन चंद्रमणि ओझा और अतिथि परिचय भाग कार्यवाह डॉ अभिषेक शर्मा द्वारा किया गया।। सांस्कृतिक कार्यक्रम सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग के छात्र छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया।।उक्त अवसर पर प्रांत प्रचारक रमेश,प्रांत प्रचारक प्रमुख डॉ अवधेश ने,पूर्व कुलपति प्रो संजीत गुप्ता, प्रो कीर्ति पाण्डेय, प्रदेश उपाध्यक्ष कामेश्वर सिंह,पूर्व महापौर सत्या पाण्डेय,सह विभाग संघचालक आत्मा सिंह,रामनाथ गुप्ता, जिला प्रचारक मनीष, सायं प्रचारक संजीव, ओम नारायण,पद्माकर,निकेश, आदि उपस्थित रहे।।

परम पूज्य श्री गुरूजीछोटी-छोटी बातों को नित्य ध्यान रखें बूंद बूंद मिलकर ही बड़ा जलाशय बनता है. एक एक त्रुटि मिलकर ही बड...
29/08/2026

परम पूज्य श्री गुरूजी
छोटी-छोटी बातों को नित्य ध्यान रखें बूंद बूंद मिलकर ही बड़ा जलाशय बनता है. एक एक त्रुटि मिलकर ही बड़ी बड़ी गलतियां होती है, इसलिए शाखाओं में जो शिक्षा मिलती है. उसके किसी भी अंश को नगण्य अथवा कम महत्व का नहीं मानना चाहिए.

29/08/2026

मोहन भागवत जी की विदेश यात्रा

#आरएसएस #राष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघ #संघ100

“यह पर्व केवल भाई-बहन के पवित्र स्नेह का प्रतीक नहीं है, बल्कि संपूर्ण समाज को एक सूत्र में बांधने वाला सांस्कृतिक उत्सव...
28/08/2026

“यह पर्व केवल भाई-बहन के पवित्र स्नेह का प्रतीक नहीं है, बल्कि संपूर्ण समाज को एक सूत्र में बांधने वाला सांस्कृतिक उत्सव है।”
— मुकुल कानिटकर

#देवरिया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, देवरिया जिला के तत्वावधान में रक्षाबंधन उत्सव का भव्य एवं गरिमामय आयोजन स्व. मोहन सिंह प्रेक्षागृह, टाउन हॉल, देवरिया में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार टोली के सदस्य श्री मुकुल कानिटकर जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं प्रार्थना के साथ हुआ।

अपने संबोधन में श्री #मुकुल_कानिटकर जी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज को आत्मीयता और एकता के सूत्र में बांधने वाला सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय पर्व है। रक्षासूत्र किसी व्यक्ति मात्र की रक्षा का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह धर्म, संस्कृति, परिवार, समाज और राष्ट्र की रक्षा के संकल्प का सूत्र है।

उन्होंने भारतीय संस्कृति की उदारता और समन्वय की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ लोग ईश्वर को मानते हैं और कुछ नहीं मानते, फिर भी हमारी संस्कृति ने सभी के कल्याण की कामना की है— “सर्वे भवन्तु सुखिनः।” हमारे मनीषियों ने कभी मत और पंथ के आधार पर समाज में विभेद नहीं किया। उन्होंने कहा कि मार्ग अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन लक्ष्य एक ही है। इसलिए भारतीय संस्कृति ने सदैव विविधता में एकता और समन्वय का भाव स्थापित किया।

उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में त्याग, सेवा, कर्तव्य और संयम को जीवन के श्रेष्ठ मूल्यों के रूप में स्वीकार किया गया है। हमारी परंपरा में उत्तम कृषि को सम्मान प्राप्त था, किंतु मैकाले की शिक्षा पद्धति के प्रभाव से नौकरी को जीवन की सफलता का प्रमुख आधार मान लिया गया। आवश्यकता है कि हम अपनी जड़ों से जुड़ें और स्वभाषा, स्वसंस्कृति तथा स्वदेशी जीवन-मूल्यों को अपनाएं।

नारी सम्मान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय चिंतन में नारी को सदैव सम्मान का स्थान दिया गया है। “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिस परिवार में नारी का सम्मान होता है, वह परिवार सुख, समृद्धि और संस्कारों से परिपूर्ण होता है। ऐसे परिवार ही सशक्त समाज और राष्ट्र के निर्माण का आधार बनते हैं।

श्री कानिटकर जी ने कहा कि भगवान श्रीराम की पूजा केवल उन्हें पुष्प अर्पित करने तक सीमित नहीं है। श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना ही वास्तविक रामार्चन है। इसी प्रकार रक्षाबंधन भी केवल रक्षासूत्र बांधने की परंपरा नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों, संस्कारों, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा का संकल्प लेने का पर्व है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन राष्ट्र का पर्व है। बहन जब भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती है, तो उसके पीछे केवल व्यक्तिगत सुरक्षा की भावना नहीं होती, बल्कि परस्पर संरक्षण, सम्मान, आत्मीयता और कर्तव्यबोध का भाव निहित होता है। रक्षासूत्र हमें स्मरण कराता है कि हम अपने परिवार के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति भी अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन सामाजिक समरसता का पर्व है। समाज के प्रत्येक वर्ग के बीच आत्मीयता और समानता का भाव स्थापित करना ही इसकी वास्तविक भावना है। जब हम एक-दूसरे को अपने परिवार और समाज का अभिन्न अंग मानते हैं, तभी सच्ची समरसता का निर्माण होता है।

भारत की सांस्कृतिक शक्ति का उल्लेख करते हुए उन्होंने 21 जून 2015 को आयोजित प्रथम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जब विश्व के 193 देशों में योग के माध्यम से भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को स्वीकार किया गया, तब दुनिया ने भारतीय संस्कृति की व्यापकता और सामर्थ्य को अनुभव किया।

उन्होंने आह्वान किया कि स्वभाषा और स्वसंस्कृति का वरण करके ही भारत अपनी सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ करते हुए विश्व का मार्गदर्शन कर सकता है।

इस अवसर पर स्वयंसेवकों एवं परिवारजनों ने एक-दूसरे को रक्षासूत्र बांधकर सामाजिक समरसता, परस्पर आत्मीयता, भाईचारे और राष्ट्रनिष्ठा का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में राजधारी जी, विभाग संघचालक; दीपक जी, विभाग प्रचारक सहित अनेक कार्यकर्ता एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

रक्षाबंधन उत्सव ने राष्ट्रभावना, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव और परस्पर आत्मीयता का संदेश देते हुए सभी को राष्ट्रहित में अपने दायित्वों के निर्वहन की प्रेरणा दी।


#रक्षाबंधन #रक्षाबंधनउत्सव #राष्ट्रीयस्वयंसेवकसंघ #देवरिया #सामाजिकसमरसता #राष्ट्रभावना #भारतीयसंस्कृति #स्वभाषा #स्वसंस्कृति #राष्ट्रनिष्ठा #राष्ट्रसेवा #सर्वेभवन्तुसुखिनः

नेपाल बाढ़ को लेकर सरकार्यवाह जी का निवेदननेपाल के उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्र में आयी भयंकर बाढ़ से प्रभावित सभी मृतकों के...
27/08/2026

नेपाल बाढ़ को लेकर सरकार्यवाह जी का निवेदन

नेपाल के उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्र में आयी भयंकर बाढ़ से प्रभावित सभी मृतकों के परिजनों एवं पीड़ित तथा घायलों के प्रति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गहरी संवेदना प्रकट करता है ।
नेपाल में बुधवार को सुबह आए भीषण बाढ़ के कारण रसुवा, धादिङ्ग, नुवाकोट, चितवन और पूर्वी नवलपरासी ज़िले प्रभावित हुए है। इन जिलों में आए भीषण आपदा में हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
इस आपदा में पीड़ितों के सहयोग हेतु हम सभी तत्पर है तथा हर सम्भव सहायता प्रदान करने का प्रयास करेंगे ।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समस्त लोगों से अनुरोध करता है कि इस अप्रत्याशित स्थिति में हर संभव सहायता हेतु आगे आएं ।

दत्तात्रेय होसबाले
सरकार्यवाह
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

#नेपाल #नेपालबाढ़ #बाढ़आपदा #आपदा_राहत #राहत_कार्य #राष्ट्रीय_स्वयंसेवक_संघ #आरएसएस #सेवा #मानवता #सहयोग #नेपाल_के_साथ

सीमा सुरक्षा में हमारी भूमिका विषयक जन-जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न‘वसुधैव कुटुम्बकम्’, महिला साइबर सुरक्षा एवं राष्ट्रहित...
26/08/2026

सीमा सुरक्षा में हमारी भूमिका विषयक जन-जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न

‘वसुधैव कुटुम्बकम्’, महिला साइबर सुरक्षा एवं राष्ट्रहित पर हुआ महत्वपूर्ण मंथन

#गोरखपुर, 26 अगस्त 2026 #सीमा_जागरण_मंच, गोरखपुर महानगर के तत्वावधान में बुधवार को “सीमा सुरक्षा में हमारी भूमिका” विषय पर एक विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन डिवाइन एकेडमी, बिछिया, गोरखपुर में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को सीमा सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता, सामाजिक जागरूकता तथा बदलते डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माननीय श्री रमेश जी, प्रांत प्रचारक, गोरक्ष प्रांत ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भारतीय अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति सम्पूर्ण विश्व को एक परिवार मानने की भावना रखती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित, मानवता, सामाजिक समरसता और विश्व कल्याण एक-दूसरे के पूरक हैं। एक मजबूत, सुरक्षित और संगठित राष्ट्र ही विश्व शांति एवं मानव कल्याण में प्रभावी योगदान दे सकता है।

उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा केवल सीमा पर तैनात सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। सीमाओं की सुरक्षा के साथ समाज की जागरूकता, राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक चेतना और जिम्मेदार नागरिकता भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने उपस्थित लोगों से राष्ट्रहित से जुड़े विषयों के प्रति सजग रहने और समाज में राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने का आह्वान किया।

महिला साइबर सुरक्षा पर चारु चौधरी ने किया जागरूक

कार्यक्रम की विशिष्ट वक्ता श्रीमती चारु चौधरी जी ने महिला साइबर सुरक्षा विषय पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, संदिग्ध कॉल एवं संदेश, फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल तथा निजी एवं बैंकिंग जानकारी के दुरुपयोग से सावधान रहने के उपाय बताए।

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में महिलाओं का साइबर रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर होना अत्यंत आवश्यक है। महिलाओं को स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार और बच्चों को भी साइबर सुरक्षा के मूलभूत नियमों की जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर जागरूकता आज राष्ट्रीय सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण आयाम बन चुकी है।

सीमा सुरक्षा में समाज की भूमिका

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में सीमा सुरक्षा का स्वरूप व्यापक हो गया है। भौगोलिक सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना, युवाओं में राष्ट्रबोध तथा नागरिक जागरूकता भी राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण अंग हैं।

कार्यक्रम के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग से राष्ट्रहित में अपनी भूमिका निभाने और अधिक से अधिक लोगों को सीमा सुरक्षा एवं राष्ट्रीय जागरूकता के अभियान से जोड़ने का आह्वान किया गया।

प्रमुख पदाधिकारी एवं गणमान्य जन रहे उपस्थित

कार्यक्रम में सीमा जागरण मंच उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संगठन मंत्री श्री सत्यदेव जी, प्रांत अध्यक्ष श्री जितेंद्र पाल जी, प्रांत संगठन मंत्री श्रीमान शाश्वत जी, श्रीमती ममता जायसवाल जी, कुमकुम सिंह जी, डॉ. आलोक जी, डॉ. देवनारायण जी, डॉ. सतीश द्विवेदी जी, डॉ. तेजस्वी जी, दीप जी, विभाग प्रचारक श्री अजय नारायण जी, विभाग संघचालक श्री शेषनाथ जी, वेदांत जी, श्रीमती चारु चौधरी जी, सुनीषा जी सहित अखंड हिंद फौज के भैया एवं बहनों तथा सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, सुरक्षा और सामाजिक समरसता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

सीमा जागरण मंच, गोरखपुर महानगर के महानगर अध्यक्ष श्री J. K. Srivastava ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी अतिथियों, वक्ताओं, पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता को घर-घर तक पहुंचाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने कहा कि जनभागीदारी ही जन-जागरण की सबसे बड़ी शक्ति है। जब नागरिक अपने दायित्वों को समझकर राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाएंगे, तभी एक मजबूत, सुरक्षित और संगठित राष्ट्र का निर्माण संभव होगा।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की एकता, अखंडता, सुरक्षा, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

कार्यक्रम का संदेश

“आइए, एकजुट हों—जागरूक हों—राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा और राष्ट्रहित में अपना योगदान दें।”

#राष्ट्र_चिंतन

चीन ने एक बार बर्फीले इलाकों में अपने सैनिकों के मार्शल आर्ट्स करते हुए एडिटेड वीडियो जारी किए थे।भारत ने इसका जवाब अपने...
26/08/2026

चीन ने एक बार बर्फीले इलाकों में अपने सैनिकों के मार्शल आर्ट्स करते हुए एडिटेड वीडियो जारी किए थे।

भारत ने इसका जवाब अपने अंदाज़ में दिया।

भारत-तिब्बत सीमा पर 18,000 फीट की ऊंचाई पर, बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच हमारे के जवानों ने बिना शर्ट के योगाभ्यास किया।

न कोई स्पेशल इफेक्ट, न कोई दिखावा—
सिर्फ अनुशासन, साहस और दृढ़ संकल्प।

यही है भारत। यही है हमारी वीर सेनाओं का जज़्बा। 🇮🇳💪

#राष्ट्र_चिंतन

गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में 'मिशन शक्तिसैट' कार्यक्रम के तहत  भारत समेत 108 देशों की 1200 छात्राएं मिलकर द...
26/08/2026

गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में 'मिशन शक्तिसैट' कार्यक्रम के तहत भारत समेत 108 देशों की 1200 छात्राएं मिलकर दो सैटेलाइट बना रही हैं। यह पहल अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में महिला सशक्तिकरण और युवा छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से की जा रही है।

युवाओं का सकारात्मक दृष्टिकोण ही देश को महान बना सकता है : डॉ. अवधेश #गोरखपुर। सरस्वती विद्या मंदिर, आर्य नगर में आयोजित...
26/08/2026

युवाओं का सकारात्मक दृष्टिकोण ही देश को महान बना सकता है : डॉ. अवधेश

#गोरखपुर। सरस्वती विद्या मंदिर, आर्य नगर में आयोजित #युवा_संवाद_कार्यक्रम में #गोरक्ष_प्रांत के प्रांत प्रचारक प्रमुख डॉ. अवधेश ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं का सकारात्मक दृष्टिकोण, राष्ट्र के प्रति समर्पण और रचनात्मक सोच ही भारत को महान एवं सशक्त राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। यदि युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा तथा सकारात्मक कार्यों में करें, तो देश प्रगति के नए आयाम स्थापित कर सकता है। वर्तमान समय में युवाओं के सामने अनेक चुनौतियां हैं, लेकिन सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और संस्कारों के माध्यम से इन चुनौतियों को अवसर में बदला जा सकता है।

डॉ. अवधेश ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है।

उक्त कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान प्रमुख शिव जी सिंह ने की।। कार्यक्रम के दौरान युवाओं में राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता, सकारात्मक सोच एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

वही सरस्वती विद्या मंदिर महिला पीजी कालेज में भी युवा संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में प्रांत बौद्धिक प्रमुख डॉ अरविंद सिंह ने छात्राओं से संवाद किया।। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ रीना त्रिपाठी ने किया।।

सरस्वती विद्या मंदिर इंटरमीडिएट कालेज में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम गोरखपुर विभाग के विभाग कार्यवाह डॉ संजय श्रीवास्तव ने छात्रों से संवाद किया।। कार्यक्रम की।अध्यक्षता प्राचार्य विष्णु सिंह ने किया।।

उक्त कार्यक्रमों में भाग सायं प्रचारक संजीव जी, विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र व छात्राएं उपस्थित रही।।

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