18/05/2026
चिलचिलाती धूप में सड़क पर बैठे िक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला के अभ्यर्थी कोई एहसान नहीं, अपना संवैधानिक अधिकार मांग रहे हैं।
लेकिन सत्ता युवाओं की आवाज सुनने के बजाय दमन का रास्ता चुन रही है। कहीं लाठीचार्ज, कहीं हिरासत, तो कहीं आंदोलन को दबाने की कोशिश।
यह लड़ाई सिर्फ एक भर्ती की नहीं है,
यह सामाजिक न्याय, आरक्षण और संविधान में मिले अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।